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छह साल में टूटकर बह गया सोंठी एनीकट मंत्री ने सदन में चार अफसरों को किया सस्पेंड

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 03:11 AM IST

Raipur News - अपने निर्माण के छह साल में ही टूटकर बह गए जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी पर बने सोंठी एनीकट में अनियमितता को लेकर...

Raipur News - chhattisgarh news ankit minister suspended for four officers in the house
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अपने निर्माण के छह साल में ही टूटकर बह गए जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी पर बने सोंठी एनीकट में अनियमितता को लेकर चार अफसरों को निलंबित कर दिया है। जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने एलएल यादव, वीएस कश्यप, जेपी तिवारी आैर एसएन अग्रवाल को निलंबित करने की सदन में घोषणा की है।

ध्यानाकर्षण सूचना में भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव नदी पर वर्ष 2006 से प्रारंभ होकर 2012 में एनीकट का निर्माण 1775 लाख की लागत से बनाया गया और प्रशासनिक स्वीकृति 1853.75 लाख की दी गई। इस एनीकट को प्रचलित शब्दों में सोथी एनीकट बोला जाता है. उपरोक्त एनीकट गलत डिजाईनिंग और निम्न गुणवत्ता का निर्माण के कारण दिनांक 15/11/2018 को बह कर टूट गया। ठेकेदार और संबंधित कर्मचारी और अधिकारीगण जिन्होंने इसका निर्माण कराया उनके खिलाफ कोई नोटिस और जांच आदेश नहीं दिया गया। विभाग द्वारा इस एनीकट से प्रकाश इण्डस्ट्रीज एवं मध्य भारत पेपर मिल और नदी किनारे किसानों को सब्जी लगाने के लिए जल आपूर्ति की जाती थी। आपूर्ति न होने से विभाग को 30 लाख रूपए प्रतिमाह का नुकसान हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया था कि उन्होंने सवाल उठाया था कि इसकी वसूली किस अधिकारी से की जायेगी इस पर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ।जवाब में जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सोंठी एनीकट का निर्माण ठेकेदार अशोक कुमार मित्तल द्वारा किया गया था। जिसमें कुल 1775.90 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस एनीकट से प्रकाश इंडस्ट्रीज तथा मध्य भारत पेपर मिल को जल प्रदाय किया जाता है। मैदानी अमले द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा एवं प्रस्तुतिकरण के अनुसार डिजाइन का परीक्षण कर इसका निर्माण कराया गया है। चौबे ने कहा कि एनीकट टूटने की सूचना 14 नवंबर 2018 को रात को मिली। जिसकी जांच 24 नवंबर को जलसंसाधन के प्रमुख अभियंता द्वारा गठित दल द्वारा निरीक्षण कर इसकी जांच की गई। इसके बाद फिर से वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर फरवरी 2019 में इसकी जांच की गई। इसका जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है। चौबे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर चार अफसरों को निलंबित करने और ठेकेदार के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है।

जोगी बोले- एक काम की घोषणा कर दें तो खुश हो जाऊंगा

मरवाही विधायक अजीत जोगी ने कहा कि मेरे क्षेत्र में स्वीकृत 13 में से नौ कार्यों के लिए आज तक बजट की स्वीकृति नहीं दी गई है। यदि इनमें से एक भी कार्य की स्वीकृति की घोषणा यहां मंत्री कर दें तो मैं खुश हो जाऊंगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपने जवाब में राशि के अभाव के कारण असमर्थता जताई और आश्वस्त किया कि वे स्वीकृति प्रदान करने का प्रयास करेंगे। जोगी ने कहा कि मंत्री इतने कमजोर हैं कि एक काम की भी घोषणा वे सदन में नहीं कर पा रहे हैं।जोगी ने स्पीकर से कहा कि वह उनका भी क्षेत्र रहा है इसलिए वे मंत्री को निर्देशित करने का कष्ट करें कि बजट में शामिल उपरोक्त कार्यों में से एक कार्य की स्वीकृति सदन में तत्काल प्रदान की जाए।

जोगी की मांग का समर्थन करते हुए अध्यक्ष डॉ महंत ने भी मंत्री साहू से कहा कि आपको कम से कम एक कार्य की स्वीकृति दे दी जानी चाहिए। इस पर साहू ने कहा कि मैं आश्वस्त करता हूं कि बजट में शामिल उपरोक्त कार्यो में से एक कार्य को स्वीकृत करने का प्रयास करूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रश्नकाल में वर्ष 2016-17 के बजट में मरवाही क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी थी। पीडब्ल्यूडी मंत्री साहू ने बताया कि 13 कार्य स्वीकृत किये गए थे जिनमें से गोरेला वेंकटनगर मार्ग एवं भाड़ी से विशेषरा मार्ग का कार्य प्रगति पर है तथा सिवनी से मरवाही एवं बसंतपुर से भाड़ी सड़क निर्माण कार्य निविदा स्तर पर है। उन्होंने कहा कि 9 कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति राशि के अभाव में नहीं दी गई थी। इस पर पूरक प्रश्न करते हुए अजीत जोगी ने कहा कि चूंकि काम बजट में शामिल हैं इसलिए इनमें से कम से कम एक या दो कामों को तत्काल स्वीकृति की घोषणा की जानी चाहिए।

प्रतिवेदन नहीं बंटा, टीएस के विभागों की चर्चा टली

विधानसभा में पहली बार बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा सिर्फ इसलिए दूसरे दिन के लिए टाल दी गई, क्योंकि समय पर विभागीय प्रतिवेदन न तो विधानसभा सचिवालय को भेजी गई थी आैर न ही सभी सदस्यों को। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने विधानसभा अध्यक्ष टीएस सिंहदेव ने इसके लिए अपने आैर अफसरों की आेर से खेद प्रकट करते हुए विभाग के बजट पर चर्चा किसी अन्य दिन कराने का आग्रह किया। इसे अध्यक्ष में स्वीकार करते हुए सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। प्रश्नकाल के बाद जैसे ही स्पीकर डा. चरणदास महंत ने स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का नाम पुकारा। सिंहदेव खड़े होते ही अपने बजट प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं कर पाने पर खेद प्रकट किया। इसे लेकर विपक्षी सदस्यों ने इसे अफसरों आैर मंत्री के बीच तालमेल की कमी बताते हुए इसे सदन का अपमान भी करार दिया। तय कार्यसूची के मुताबिक बुधवार को बजट मांग पर विभागवार चर्चा होनी थी। पहले दिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर चर्चा होनी थी। लेकिन मंत्री टीएस सिंहदेव ने विभाग की तैयारी पूरी नहीं होने की बात कहकर चर्चा को आगे बढ़ाने की मांग कर दी। पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि ये गंभीर चूक है। विधायकों को समय पर प्रतिवेदन नहीं दिया गया, तो चर्चा कैसे होगी। जोगी कांग्रेस के विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सरकार की बहुत भारी भूल है। सिंहदेव ने सदन के बाहर कहा कि सभी सदस्यों तक प्रतिवेदन मंगलवार शाम तक पहुंच गया था। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने कहा कि वे अभी इसके लिए तैयार नहीं है। बुधवार सुबह भी उनकी भाजपा विधायक अजय चंद्राकर से बात हुई थी जिसमें उन्होंने खुद इस पर चर्चा एक दिन बढ़ाने की बात कही थी।

राजिम कुंभ पर संस्कृति मंत्री को घेरने की कोशिश

राजिम कुंभ का नाम बदले जाने को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि क्या शासन ने राजिम कुंभ को बंद करने का निर्णय लिया है। यदि हां तो कब से? इस पर मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि राजिम कुंभ को बंद नहीं किया सिर्फ नाम बदला है। प्रश्नकाल में अग्रवाल ने स्कंद पुराण का जिक्र करते हुए राजिम को प्रयागराज के समान माने जाने आैर उसे दूसरे अलग बताते हुए राजिम मेले को कल्प कुंभ का नाम देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए सदन में विधेयक पारित किया गया था। लेकिन आपने इसे बंद कर दिया। मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हमने कुंभ को बंद नहीं किया है बल्कि इसका नाम राजिम माघी पुन्नी मेला किया गया है। हमने इसे पुराने स्वरुप में लाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि 1909 के गजेटियर में इसका उल्लेख भी है।

ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच पर हंगामा

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में ई-टेंडरिंग में हुए घोटाले की जांच लोकलेखा समिति द्वारा की जाती है। जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाती है इसके बाद सरकार इसमें कार्यवाही करती है। लेकिन पटल पर रिपोर्ट रखने आैर सदन की कार्यवाही चलने के दौरान ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदने के बाहर इसके जांच की घोषणा कर दी। यह सदन के अधिकारों का हनन है। बृजमोहन अग्रवाल ने प्रश्नकाल के बाद यह मामला उठाते हुए कहा कि हमने सदन की अवमानना के विशेषाधिकारी भंग की सूचना दी है। इस पर चर्चा कराई जाए। इसे लेकर विपक्षी सदस्य हंगामा मचाने लगे। इस पर स्पीकर महंत ने कहा इसे विचाराधीन रखा गया है।

शिलान्यास पत्थर से हो रही ग्रामीणों को परेशानी

कांग्रेस के धनेन्द्र साहू ने नया रायपुर में आईआईएम के बाउंड्रीवाल के कारण पौंता, चेरिया और आधा दर्जन से ज्यादा गांव के लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी का मामला उठाया। साहू ने कहा कि बाउंड्री के कारण गांव के लोगों को 10-15 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ता है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि लोगों को परेशानी न हाे इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। शिलान्यास पत्थर का भी वो स्थल निरीक्षण करेंगे।

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