दादा गुरुदेव की महिमा शब्दों में बयां करना समुद्र को सीमा में बांधने के बराबर: साध्वी चंदनबाला

Raipur News - कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर जिनदत्त सूरि (पहले दादा गुरुदेव) की 865वीं स्वर्गारोहण जयंती शुक्रवार को मनाई गई। शहर...

Bhaskar News Network

Jul 13, 2019, 07:35 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news dada gurudev39s glorification is equal to tying sea into the boundary sadhvi chandanbala
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

जिनदत्त सूरि (पहले दादा गुरुदेव) की 865वीं स्वर्गारोहण जयंती शुक्रवार को मनाई गई। शहर के जैन मंदिरों में इस मौके पर बड़ी पूजा की गई। जिन मंदिरों में चातुर्मास के लिए साधु-साध्वियां पहुंचे हैं, वहां विविध अनुष्ठान हुए। इसी कड़ी में विवेकानंद नगर के वल्लभ उपाश्रय में दादा गुरुदेव की गुणानुवाद सभा रखी गई जहां लोगों ने दादा गुरुदेवों यहां साध्वी चंदनबाला ने कहा कि दादा गुरुदेव की महानता को शब्दों में बयां करना समुद्र को सीमा में बांधने बराबर है। उन्होंने आगे कहा कि दादा गुरुदेव ने 12वीं सदी में सबसे ज्यादा एक साथ 1 लाख 30 हजार लोगों को जैन धर्म का अनुगामी बनाया। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आज तो कहीं 500 लोगों ने भी एकसाथ दीक्षा ली, यह सुनने-देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि साधु-संत कभी चमत्कार नहीं दिखाते। वे जैसा कहते हैं, वैसा हो जाता है क्योंकि उनके जप-तप में शक्ति होती है। उनके तपोबल का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अग्नि संस्कार के वक्त जो चादर और मुंहपत्ती उन्होंने पहन रखी थी, वह नहीं जली। 865 साल बाद आज भी राजस्थान के जैसलमेर में उन्हें सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि महापुरुष इतिहास में अमर हुए क्योंकि उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया। मैं लोगों से यही कहना चाहूंगी कि आपका बच्चा अगर धर्म की क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है तो उसे न रोकें। पहले भी छत्तीसगढ़ ने समाज को बहुत साधु-संत दिए हैं। आगे भी दीक्षा लेने के लिए लोग आएं, इसके लिए माता-पिता को वीरता दिखानी होगी।

आज सुबह स्वाध्याय और प्रवचन 26 से नवकार मंत्र का अखंड जाप

श्वेतांबर चातुर्मास समिति के प्रचार प्रसार प्रमुख चंद्रप्रकाश ललवानी ने बताया कि मंदिर में रोज 8.45 से 9.45 बजे तक साध्वियों के प्रवचन होंगे। इसके अलावा सुबह 6 से 7 और दोपहर 2 से 3 बजे तक स्वाध्याय होगा। चातुर्मास 15 जुलाई से शुरू होगा। 26 से 28 जुलाई तक मंदिर में नवकार मंत्र का अखंड जाप होगा। फिर एक-एक दिन समाज के लोगों के घर भी नवकार मंत्र का जाप कराया जाएगा।

दादा गुरुदेव की जयंती पर इकतीसा जाप की शुरुआत, भैरव सोसाइटी में जुटा जैन समाज

इस मौके पर भैरव सोसाइटी स्थित जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में इकतीसा जाप की शुरुआत के साथ दादा गुरुदेव की स्वर्गारोहण जयंती मनाई गई। दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद और महासचिव महेंद्र कोचर ने बताया कि सुबह कलश स्थापना की गई। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर चांदी की ध्वजा रखकर दादा गुरुदेव की परिक्रमा की। फिर दादा गुरुदेव की प्रतिमा की चल स्थापना की गई। श्रद्धालु इसी प्रतिमा के सामने बैठकर 12 अगस्त तक लगातार इकतीसा जाप करेंगे। इस दौरान विवेक बैद, निर्मल पारख, ललित लूनिया, उत्तमचंद, कमल बैद, संतोष झाबक, दिलीप पारख, राजू कोचर, दिलीप लुंकड़ मौजूद रहे।

Raipur News - chhattisgarh news dada gurudev39s glorification is equal to tying sea into the boundary sadhvi chandanbala
X
Raipur News - chhattisgarh news dada gurudev39s glorification is equal to tying sea into the boundary sadhvi chandanbala
Raipur News - chhattisgarh news dada gurudev39s glorification is equal to tying sea into the boundary sadhvi chandanbala
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना