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फेल को पास बताकर बोर्ड परीक्षा में बिठाने का खेल फूटा, फार्म की जांच में 846 फंसे

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 03:15 AM IST

Raipur News - माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं में 9वीं-11वीं के फेल छात्रों को पास बताकर दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में बिठाने का...

Raipur News - chhattisgarh news fell fails to play board examination passes 846 in form test
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माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं में 9वीं-11वीं के फेल छात्रों को पास बताकर दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में बिठाने का गुपचुप खेल चल रहा है। प्राइवेट स्कूलों की मिली भगत से संगठित रैकेट फेल छात्रों को बड़ी चालाकी से पास बताकर बोर्ड की परीक्षाओं बिठाकर उन्हें पास करवाने का ठेका ले रहा है। बोर्ड की स्क्रीनिंग कमेटी ने फर्जीवाड़े को पकड़ा। एक फार्म के बाद जैसे ही बारीकी से छानबीन की गई एक के बाद एक सैकड़ों छात्रों का घोटाला सामने आया और पता चला कि प्राइवेट स्कूलों के 846 छात्रों को फेल होने के बावजूद बोर्ड की अगली परीक्षाओं में बिठाने का फार्म भर दिया गया था। इनमें नवमीं के 677 और ग्यारहवीं के 170 विद्यार्थी मिले हैं। राज्य में अपनी तरह का ऐसा फर्जीवाड़ा पहली बार सामने आने से अफसर हैरान हैं।

माशिमं के अफसरों ने 10वीं-12वीं के सभी सवा सात लाख फार्म की नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद से सारे ऑन फार्म की गुपचुप तरीके से छंटाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मिले संकेताें के अनुसार पूरे खेल में बड़ा रैकेट काम कर रहा है। रैकेट के सदस्यों की कुछ प्राइवेट स्कूल प्रबंधन में घुसपैठ है। स्कूल प्रबंधन उन्हीं के माध्यम से नवमीं और ग्यारहवीं में फेल छात्रों के फार्म बोर्ड परीक्षा के लिए भरकर भेज रहा है। फर्जीवाड़े में बोर्ड के कुछ अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत हैं। उनसे सांठगांठ की वजह से ही फेल विद्यार्थियों को पास बताकर उनके फार्म अगली परीक्षा के लिए भरे जा रहे थे।

 

ऐसे फूटा फर्जीवाड़ा: पिछले साल का रिजल्ट देखा तब पता चला दो बार दी 10वीं परीक्षा

बोर्ड में स्कूलों से भेजे गए परीक्षा के फार्म की ऑन लाइन जांच की जा रही थी। इस दौरान एक छात्र का नामांकन नंबर गड़बड़ था। नामांकन नंबर के अंतिम दो अंक पिछले साल की डिजीट वाले थे। जांच करने वालों को नंबर देखकर शंका हुई। उन्होंने छात्र का पूरी हिस्ट्री चेक की। पिछले साल का रिजल्ट देखा। पता चला ये छात्र पिछले दो साल से 10वीं की परीक्षा में शामिल हो रहा है। दोनों बार फेल हो चुका है। ऐसे छात्र तीसरे साल नियमित छात्र के तौर पर परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। एक के पकड़े जाने के बाद जांच करने वालों ने बाकी फार्म की बारीकी से छानबीन की। इस दौरान सैकड़ों ऐसे छात्र निकल गए जो पिछले साल नवमीं की परीक्षा में फेल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने इस साल नियमित छात्र के रूप में परीक्षा फार्म भरा है। जानकारों के अनुसार कुछ जिलों के फार्म की ही बारीकी से जांच की गई है। अब नए सिरे से परीक्षण किया जा रहा है।

7 लाख फार्म, इसलिए रची साजिश

जानकारों के अनुसार माशिमं में लंबे समय से फेल छात्रों को बोर्ड की परीक्षा में बिठाने का खेल चल रहा है। 10वीं-12वीं मिलाकर हर साल औसतन 7 लाख से ज्यादा फार्म जमा किए जाते हैं। इतने फार्म की बारीकी से जांच संभव नहीं रहती। फार्म चूंकि स्कूलों से भरे जाते हैं, इसलिए बोर्ड में माना जाता है कि इस स्तर पर धांधली नहीं होगी। इसी का फायदा उठाकर संगठित रैकेट चलाने वाले फेल छात्रों का फार्म भरवाकर उन्हें पास कराने का ठेका लेते हैं।

फेल छात्रों को दाखिला देकर मोटी कमाई

फर्जीवाड़े के इस खेल के बीच माशिमं के अफसरों को ये शिकायत भी मिली है कि प्राइवेट स्कूल नवमीं में फेल छात्रों से मोटी रकम लेकर उनका दसवीं में फार्म भरते हैं। वे नवमीं में दो-दो बार फेल छात्रों को भी दसवीं कक्षा में नियमित छात्र के तौर पर प्रवेश देकर उनका फार्म भरते हैं। इसी तरह 10वीं में भी दो-दो बार फेल छात्रों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें प्रवेश दिया जाता है। इसके बाद उन्हें पास कराने की भी जिम्मेदारी ली जाती है।

स्कूल में भरे जाते हैं फार्म इसलिए प्रबंधन की जांच

दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के फार्म स्कूलों में ऑन लाइन भरे जाते हैं। हर फार्म में एक-एक छात्र के फेल पास का रिकार्ड स्कूल प्रबंधन ही भरता है। पिछली दो परीक्षाओं में छात्र का रिजल्ट क्या रहा? ये जानकारी भी फार्म में दर्ज रहती है। फार्म भरने की प्रक्रिया में छात्रों किसी तरह से कोई हस्तक्षेप नहीं रहता। इस वजह से स्कूल प्रबंधन जांच के घेरे में हैं।

ये है फार्म भरने की प्रक्रिया

दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के फार्म भरने की प्रक्रिया पांच साल पहले से बदल दी गई है। पहले ऑफ लाइन फार्म भरे जाते थे, लेकिन अब ऑन लाइन फार्म भरे जाते हैं। स्कूल प्रबंधन फार्म में छात्रों से संबंधित एक-एक जानकारी भरने के बाद ऑन लाइन जमा करता है। इसमें छात्र की पिछली दो परीक्षाओं का रिकार्ड भी भरा जाता है।

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