देश में पहली बार एक साथ 3 हजार सामायिक, 7 अलग परंपराएं मानने वालों ने 48 मिनट निभाया साधु जीवन

Raipur News - कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर देश में पहली बार मंगलवार को तीन हजार सामायिक आराधना एक साथ एक ही जगह पर की गई। एमजी...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:25 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news for the first time in the country 3 thousand shares 7 different traditions followed 48 minutes of sadhus life
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

देश में पहली बार मंगलवार को तीन हजार सामायिक आराधना एक साथ एक ही जगह पर की गई। एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी में हुए इस महाअनुष्ठान में जैन धर्म की सात अलग-अलग परंपराओं को मानने वाले अनुयायी शामिल हुए। करीब 48 मिनट चले सामायिक मेें लोगों ने तीर्थंकरों की आराधना की। इस दौरान किसी साधु की तरह कड़े नियमों का पालन भी किया गया। महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के तहत सकल जैन समाज की ओर से यह कार्यक्रम रखा गया था। सामायिक की आराधना जितनी कठिन है, समाज में इसका उतना ही ज्यादा महत्व भी है।

शहर में मनाया जा रहा महावीर महोत्सव अपने आप में खास है क्योंकि रायपुर ही देशभर में इकलौता ऐसा शहर है जहां 16 दिन तक भगवान महावीर का जन्म कल्याणक उत्सव मनाया जाता है। पिछले 15 दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर भगवान महावीर के सिद्धांतों का प्रचार किया गया। मंगलवार को जैन दादाबाड़ी में सामायिक आराधना का आयोजन किया गया। भगवान महावीर की 2618वीं जयंती के मौके पर यहां 2618 लोगों द्वारा ही सामायिक आराधना की जानी थी, लेकिन भक्तों की भीड़ बढ़ने के बाद आराधना की संख्या भी बढ़ानी पड़ गई। अनुष्ठान पौने 9 से 10 बजे तक होना था जिसमें शामिल होने सुबह 6 बजे से ही दादाबाड़ी में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानकवासी, तेरापंथी, मूर्तिपूजक समेत 7 अलग-अलग परंपराओं को मानने वाले जैन समाज के लोग इस महाअनुष्ठान में शामिल हुए। इस दौरान जितेंद्र गोलछा, विनय भंसाली, प्रीति श्रीश्रीमाल, सौम्या लुंकड़, नरेश बैदमुथा, अरुण गोलछा, प्रवीण मालू, नगीन जैन, संजय बैद, अमित सेठिया, विजय बागरेचा, विनय पटवा आदि मौजूद रहे।

मशीनों के उपयोग पर रही पाबंदी इसलिए तस्वीर पूजा के बाद की...

48 मिनट

के लिए कट जाते हैं दुनिया से

जैन धर्म में सामायिक का क्या महत्व और क्या फायदे, ऐसे समझें...

मान्यता है कि 48 मिनट की सामायिक आराधना अगर सच्चे मन से की जाए तो 92 करोड़ 59 लाख 24 हजार 925 पल्योपम यानी वर्ष जितना देव आयुष्य का बंधन होता है। 40 किलो की लाखों खड़ी का लाखों साल तक दान करने से जितना पुण्य मिलेगा, उतना एक सामायिक आराधना से मिलता है। नरक की गति तोड़ने की ताकत अगर किसी में है तो वह सामायिक आराधना ही है। इसके अलावा सामायिक से 4 धर्मों दान धर्म, शील धर्म, तप धर्म और भाव धर्म का पालन की भी होने मान्यता है। श्राद्ध विधि प्रकरण ग्रंथ के मुताबिक घर के बजाय उपाश्रय यानी मंदिर में सामायिक की जाए तो एक आयंबिल तप का लाभ मिलता है।

सामायिक अनुष्ठान के दौरान किसी भी तरह के मशीन के उपयोग पर पाबंदी होती है। ऐसा इसलिए ताकि लोगों की आराधना में किसी तरह की बाधा न आए। इस दौरान लोग बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं और 48 मिनट सिर्फ प्रभु का ध्यान करते हैं। तस्वीर सामायिक के बाद दादाबाड़ी से बाहर निकलते भक्ताें की।

आज मनाएंगे जन्मोत्सव मालवीय रोड से शोभायात्रा 2618 दीयों से आरती भी

भगवान महावीर का जन्मोत्सव बुधवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर शहर के सभी 18 बड़े जैन मंदिरों और छोटे उपाश्रयों में विविध अनुष्ठान किए जाएंगे। भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष अशोक बरड़िया, महासचिव कन्हैया लुणावत और कोषाध्यक्ष सीए आलोक ओस्तवाल ने बताया कि इस मौके पर सुबह 7.30 बजे मालवीय रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। ऋषभदेव जैन मंदिर सदर बाजार, सत्ती बाजार, तात्यापारा, बढ़ईपारा, रामसागर पारा से गुरुनानक चौक होते हुए एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी में शोभायात्रा का समापन होगा। सुबह 9 बजे यहां पंच कल्याणक पूजा होगी। 11़30 बजे से धार्मिक वात्सल्य रखा गया है। रात 8 बजे वीर भक्ति गीत प्रतियोगिता के साथ मुख्य समारोह शुरू होगा। रात 12 बजे सकल जैन समाज 2618 दीयों से भगवान महावीर की आरती कर जन्मोत्सव मनाएगा।

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