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Raipur News - टोक्यो आेलिंपिक में रोबोट मैदान में खिलाड़ियों को बॉल व ड्रिंक्स देगा; स्टेशन से होटल तक पहुंचाने में भी मदद करेगा...

Bhaskar News Network

Mar 16, 2019, 03:10 AM IST
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टोक्यो आेलिंपिक में रोबोट मैदान में खिलाड़ियों को बॉल व ड्रिंक्स देगा; स्टेशन से होटल तक पहुंचाने में भी मदद करेगा

इनकी तैनाती का मकसद यह है कि जापान के रोबोट केवल मनाेरंजन करना ही नहीं जानते, बल्कि लोगों की सहूलियत का भी ध्यान रखते हैं। जापान में दूसरी बार आेलिंपिक गेम्स हो रहे हैं। इससे पहले 1964 में हुए थे। इसके पहले किसी भी ओलिंपिक में रोबोट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। जिन दो रोबोट को लॉन्च किया गया उनमें एक है- इंसानों की मदद करने वाला रोबोट (एचएसआर) और दूसरा डिलीवरी सपोर्ट रोबोट (डीएसआर)। एचएसआर रोबोट की ऊंचाई एक मीटर है। वह किसी भी चीज को पकड़ सकता है। जमीन से चीजों को उठाकर लोगों तक पहुंचा सकता है। यह अपने आप आगे बढ़ सकता है। इसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। यह पैरा ओलिंपिक के सदस्यों के लिए खासा मददगार साबित होगा। डीएसआर रोबोट टैबलेट कंप्यूटर के प्रोग्राम पर आधारित होगा। यानी इसके जरिए लोग खाने-पीने का जो भी आर्डर करेंगे, तो वह एक टोकरी में उसे ले आएगा और एचएसआर उसे लोगों तक पहुंचाएगा। ऐसे 26 रोबोट का उपयोग ट्रैक एंड फील्ड के स्टेडियमों में होगा। इसके अलावा पैनासोनिक कंपनी ने एक ऐसा रोबोटिक सूट विकसित किया है, जिसके पहनने से भारी सामान आप आसानी से उठा सकते हैं।

डीकेएस के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता पर 50 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप, केस दर्ज

डीकेएस में मशीन खरीदी और भर्ती में भारी अनियमितता की शिकायत के बाद तीन सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की थी। इसमें डॉ. गुप्ता के खिलाफ 50 करोड़ की अनियमितता की बात सामने आई है। शिकायत के अनुसार डॉ. गुप्ता ने 14 दिसंबर 2015 से 2 अक्टूबर 2018 के बीच अस्पताल में गड़बड़ी की। उन्होंने नियम विरुद्ध डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की भर्ती की। वहीं अपात्र लोगों से पैसे लेकर नौकरी दी। शिकायत में कहा गया है कि पूर्व अधीक्षक ने अपने पद और पहुंच का गलत फायदा उठाते हुए सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है। कई ऐसी मशीनें खरीदी गई हैं, जिससे मरीजों से सीधा कोई वास्ता नहीं है।

चार बार रिमाइंडर भेजा, फिर भी जांच कमेटी के समाने पेश नहीं हुए: जांच कमेटी को मशीन खरीदी की पूरी फाइल नहीं मिली है। यही नहीं कुछ फाइल ओरिजनल के बजाय जीराक्स काॅपी में मिली। चार बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद डा. पुनीत कमेटी के समक्ष बयान देने के लिए उपस्थित नहीं हुए। बेरोजगारों से विभिन्न पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। 50 लाख के डिमांड ड्राफ्ट आलमारी में रखे-रखे लैप्स हो गया। आवेदकों को भी नहीं लौटाया गया। जबकि कई बेरोजगार डीडी के लिए रोज चक्कर लगा रहे हैं।

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1400 लोगों ने खरीदे हैं प्लॉट

हालांकि, एनजीटी ने फिलहाल साइट पर निर्माण न होने की बात कहकर अपील खारिज कर दी। इसके खिलाफ पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और केंद्र से पर्यावरण क्लियरेंस न लेने के साथ चल रहे निर्माण कार्य और आवंटन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए योजना पर स्टे की मांग की।

ईवीएम को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 21 विपक्षी दल आयोग व केंद्र को नोटिस

21 नेता�ओं ने वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के माध्यम से याचिका दायर की है।

याचिकाकर्ता�ओं का कहना है कि इस बार होने वाले लोकसभा चुनावों में उन्हें ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने की आशंका है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग को निर्देश जारी करे कि वह चुनाव में सभी ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपीएटी (वीवीपैट) मशीनों का इस्तेमाल करे। चुनाव मतगणना के समय ईवीएम के वोट और वीवीपैट मशीनों की पर्चियों में से कम से कम 50 फीसदी का आपस में मिलान किया जाना चाहिए।

21 विपक्षी दलों ने अपनी यह मांग 5 फरवरी को चुनाव आयोग से भी की थी। मगर चुनाव आयोग ने वीवीपैट का ईवीएम से मिलान 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने से इनकार कर दिया था। चुनाव आयोग का कहना था कि इस संदर्भ में आयोग सांख्यिकी संस्थान से सलाह ले रहा है। वहां से सुझाव आने पर ही कोई निर्णय होगा। फिलहाल एक विधानसभा सीट पर एक ईवीएम के मतों के वीवीपैट पर्चियों से मिलान की व्यवस्था चुनाव आयोग ने तय कर रखी है।

पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी की प|ी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

इसमें पहली बार नीरव मोदी की प|ी एमी का नाम भी शामिल करते हुए उसे आरोपी बनाया है। चार्जशीट में ईडी ने दावा किया था कि एमी ने अमेरिका में 2 प्रॉपर्टी खरीदी हैं। एजेंसी ने कहा था कि नीरव मोदी ने अमेरिका के सेंट्रल पार्क में 3 करोड़ डॉलर (करीब 207 करोड़ रुपए) में दो प्रॉपर्टी खरीदी और बाद में उन्हें प|ी एमी के नाम ट्रांसफर कर दिया। ईडी ने मोदी के नाम दर्ज कंपनियों के अलावा सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उसके परिवार के सदस्यों निशाल मोदी, नेहल मोदी, पूर्वी मोदी, एलियास मेहता के नाम भी लिखे हैं। ईडी ने दावा किया है कि नीरव मोदी के परिवार के सदस्यों ने धोखाधड़ी में उसका साथ दिया।

चार्जशीट में मोदी के भाई नेहल पर तथ्यों को नष्ट करने और कुछ कर्मचारियों को प्रभावित करने का जिक्र भी किया गया है। ईडी के अनुसार मोदी की डमी कंपनियों में किसी प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग नहीं होती थी। भारत से निर्यात की गई ज्वैलरी को गला दिया जाता था। हीरे या अन्य कीमती आभूषणों को निकालकर बाद में सोने और चांदी को गलाने के लिए भेज दिया जाता था। इसके बाद इसे दोबारा दुबई या भारत में निर्यात कर दिया जाता था।

निलंबित डीजीपी मुकेश गुप्ता की स्टेनो रेखा का रायपुर में ढाई करोड़ का बंगला, केरल में रबर प्लांटेशन का कारोबार

विभाग में उसे लेकर अफसरों और कर्मचारियों के बीच दो तरह की स्थिति सामने आई। एक तो जो उन्हें जानते थे, वे उससे सीनियर होते हुए भी खौफ खाते थे। विभाग के बाकी बचे कर्मियों ने तो उनका चेहरा तक नहीं देखा। लेकिन हर महीने सैलरी उठाती थी। आठ वर्षों में रेखा नायर 5 साल इंटेलिजेंस और बीते तीन साल से एसीबी-ईओडब्लू में पदस्थ रही।

कैश में खरीदी कार, बच्चों की पढ़ाई पर हर साल छह लाख रुपए खर्च : स्टेनो रेखा नायर ने सालभर पूर्व एक इटियोस कार की खरीदी की। इसे बैंक लोन की बजाए कैश पेमेंट कर खरीदा। उसके तीन बच्चे हैं। तीनों डीपीएस रायपुर में पढ़ रहे हैं। जिनके पढ़ाई के एक साल का खर्च करीब 6 लाख रुपए होने की जानकारी सामने आई है। ईओडब्लू की ओर से उसे उपस्थित होने के लिए कई नोटिस जारी की जा चुकी है लेकिन किसी भी नोटिस का उसकी ओर से जवाब नहीं आया है।

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