कैथलैब मशीन साढ़े आठ लाख में सुधरी, अब हो सकेगी एंजियोग्राफी

Raipur News - अंबेडकर अस्पताल की कैथलैब मशीन खराब होने से हार्ट के मरीजों के इलाज में काफी परेशानी हो रही थी। दिसंबर 2018 में...

Jul 14, 2019, 07:25 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news kaithalab machine improves 88 million now it can be angiography
अंबेडकर अस्पताल की कैथलैब मशीन खराब होने से हार्ट के मरीजों के इलाज में काफी परेशानी हो रही थी। दिसंबर 2018 में एक्सपायर हो चुकी ये मशीन अब सुधार ली गई है। सप्लायर कंपनी के इंजीनियरों ने शनिवार को मशीन के खराब पार्ट्स बदल दिए। इसमें साढ़े आठ लाख रुपए खर्च हुआ है। अब हार्ट के मरीजों की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत हार्ट की दूसरी बीमारियों का इलाज होने लगेगा। 15 व 16 जुलाई को 40 बच्चों के हार्ट के छेद को बंद किया जाएगा। इसके लिए पीजीआई चंडीगढ़ के कार्डियोलॉजिस्ट को बुलाया गया है।

मशीन को अब 24 घंटे चालू रखना होगा, नहीं तो यह बंद हो जाएगी और दोबारा चालू नहीं होगी। दूसरी और मशीन के अपग्रेडेशन के लिए मिले साढ़े तीन करोड़ रुपए लैप्स हो चुके हैं। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन व सीजीएमएससी आमने-सामने है। प्रबंधन फंड ट्रांसफर की बात कह रहा है, जबकि यह फंड लैप्स हो चुका है। फंड ट्रांसफर नहीं करने के पीछे मेडिकल कॉलेज के अकाउंट सेक्शन के कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही है।





शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने डीएमई डॉ. एसएल आदिले व डीन डॉ. आभा सिंह को आदेश दिया है कि मशीन के मेंटेनेंस के लिए जो खर्च होगा, उसे ऑटोनॉमस फंड से भुगतान करें। अपग्रेडेशन के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए की व्यवस्था अनुपूरक बजट में करने का प्रयास किया जाएगा।

डीकेएस में है कैथलैब यूनिट

दाऊ कल्याण सिंह अस्पताल में कैथलैब यूनिट है। यहां हार्ट के मरीजों की एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की जा रही है। यह भी सरकारी अस्पताल है, जहां इलाज व सर्जरी पीपीपी मोड पर किया जा रहा है। अंबेडकर की कैथलैब मशीन नहीं सुधरने पर डीकेएस में बच्चों की एंजियोप्लास्टी की जा सकती है। हालांकि डॉक्टर बताते हैं कि डीकेएस की मशीन पोर्टेबल है।

वर्जन

फंड ट्रांसफर किया गया था- डीन

मशीन अपग्रेडेशन के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए ट्रांसफर किया गया था। लापरवाही सीजीएमएससी की ओर से हुई है। अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।

डॉ. आभा सिंह, डीन मेडिकल कॉलेज

......

मेडिकल कॉलेज ने फंड ट्रांसफर नहीं किया- एमडी

मेडिकल कॉलेज ने कैथलैब के अपग्रेडेशन के लिए फंड ट्रांसफर ही नहीं किया। उनकी लापरवाही का नतीजा है कि पैसे लैप्स हो गए। हार्ट लंग के लिए एक-दो दिन में वर्कआर्डर जारी कर दिया जाएगा।

भुवनेश यादव, एमडी सीजीएमएससी

राशि लैप्स होने का खुलासा

स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में इस बात का खुलासा हुआ कि साढ़े तीन करोड़ रुपए सीजीएमएससी के खाते में ट्रांसफर ही नहीं हुआ है और यह राशि मार्च में लैप्स हो चुकी है। इसके बाद अफरा-तफरी मची। लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर कॉलेज प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। अंबेडकर अस्पताल से एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में कैथलैब मशीन शिफ्ट करनी है।





इसके लिए एस्कार्ट के समय से तय कमरे की खुदाई कर समतल किया जा चुका है। अब फंड नहीं होने से अपग्रेडेशन अटक गया है और शिफ्टिंग भी टल गई है। इससे मरीजों का बड़ा नुकसान होगा।

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