मकानों का नामांतरण दो माह में होगा, अफसर जबरन नहीं रोक सकेंगे फाइल

Raipur News - निगम में संपत्ति का नामांतरण अब दो महीने के भीतर करना होगा। किसी भी प्रकरण को यदि बेवजह रोका गया तो संबंधित अफसरों...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 03:35 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news name of houses will be in two months officer can not forcibly stop the file
निगम में संपत्ति का नामांतरण अब दो महीने के भीतर करना होगा। किसी भी प्रकरण को यदि बेवजह रोका गया तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लोगों को छह-सात महीने तक चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा था। यह शिकायतें बढ़ीं तो निगम ने फरमान जारी कर दिया।

निगम में इस संपत्तियों के नामांतरण के पांच हजार से ज्यादा प्रकरण लंबित हैं। सभी आठों जोन में आवेदन हैं। कई आवेदन छह-छह माह पुराने हैं। जोन में लोगों को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि अफसर नहीं हैं। कुछ जोनों में जोन कमिश्नरों के ट्रांसफर का हवाला देकर प्रकरण रोककर रखे जा रहे थे। यह शिकायतें बढ़ने के बाद निगम ने आदेश जारी किया है कि किसी भी प्रकरण के निपटारे के लिए अधिकतम दो महीने का वक्त काफी है। आवेदन आने के बाद इश्तिहार में प्रकाशन इत्यादि में महीनेभर का वक्त लगता है। बाकी कागजी कार्रवाई के लिए महीनेभर का समय पर्याप्त है। अधिकतम दो महीने में प्रकरण का निपटारा हो जाना चाहिए।

इसलिए जरूरी है नामांतरण : संपत्तिकर की अदायगी और अन्य सरकारी दस्तावेजों के लिए यह बहुत जरूरी है। जैसे किसी संपत्ति के मालिक का निधन होने के बाद संपत्ति पर अधिकार वारिसों का होता है। निगम के रिकार्ड में वह संपत्ति मूल स्वामी के नाम ही होती है। प्रापर्टी टैक्स भी उन्हीं के नाम पर लिया जाता है।

संपत्ति का नाम ट्रांसफर वारिसों के नाम पर करने के लिए निगम का नामांतरण का दस्तावेज महत्वपूर्ण होता है। संपत्ति के बंटवारे के बाद संपत्ति का अलग-अलग वारिसों में बंटवारा होता है। उस स्थिति में बंटवारानामा के आधार पर संपत्ति का नामांतरण निगम के रिकार्ड में दर्ज किया जाता है।


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