बिजली कटौती की अफवाह फैलाने के आरोप में राजनांदगांव में राजद्रोह का केस

Raipur News - बिजली कटौती की अफवाह फैलाने के आरोप में राजनांदगांव में राजद्रोह का केस ये फैसला अलोकतांत्रिक है

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:35 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news rebellious case in rajnandgaon for spreading rumor of power cuts
बिजली कटौती की अफवाह फैलाने के आरोप में राजनांदगांव में राजद्रोह का केस

ये फैसला अलोकतांत्रिक है


-सीके केशरवानी, अध्यक्ष, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन

स्कूलों में गर्मी की छुट्टी 8 दिन बढ़ी, अब 24 को खुलेंगे, लू-उमस से राहत नहीं

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में भी गर्मी और उमस की वजह से स्कूलों की ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई है।

स्कूलों में भेजी जा रही नई किताबें : इस बीच शिक्षा विभाग की ओर से नए सत्र को लेकर तैयारियां की जा रही है। किताबों का वितरण किया जा रहा है। किताबें स्कूलों तक लाई जा रही है। स्कूल खुलने के बाद यह बच्चों को उपलब्ध करायी जाएगी।

भारत अब अपना स्पेस स्टेशन बनाएगा यहां 20 दिन तक एस्ट्रोनॉट रह सकेंगे

क्योंकि, गगनयान के जरिए भारत वैज्ञानिकों को एक हफ्ते तक अंतरिक्ष में रखेगा। यानी अंतरिक्ष में वैज्ञानिक भेजने की तकनीक भारत हासिल कर चुका होगा।

अभी सिर्फ दो स्पेस स्टेशन है, तीसरा भारत का हो सकता है : डाॅ. सिवन ने कहा कि भारत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (अाईएसएस) का हिस्सा नहीं बनेगा। अभी सिर्फ दाे स्पेस स्टेशन हैं। एक स्टेशन (आईएसएस) यूराेपियन देशों, अमेरिका, रूस, जापान और कनाडा ने संयुक्त रूप से बनाया है। दूसरा चीन का है। अगर भारत अपना स्पेस स्टेशन बनाने में सफल रहता है तो तीसरा हमारा होगा। इससे पहले सोवियत यूनियन और अमेरिका ने स्पेस स्टेशन स्थापित किए थे, जो अब नहीं हैं।

अगले दो साल में दो बड़े मिशन, जो अंतरिक्ष में हमारी ताकत बढ़ाएंगे

पहला: साैर मिशन, जो 2020 में होगा : इसराे का सौर मिशन आदित्य एल-1 अगले साल पहली छमाही में जाएगा। यह सूरज के कोरोना में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करेगा। मौसम पर सबसे ज्यादा प्रभाव कोरोना में होने वाले बदलाव ही डालते हैं। सौर मिशन पृथ्वी और सूरज के बीच पहले लग्रांजियन बिंदु (एल1) तक जाएगा। यह 15 लाख किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने में 109 दिन लगेंगे।

दूसरा: शुक्र मिशन, जो 2-3 साल में होगा : डॉ. सिवन ने बताया कि इसरो 2-3 साल में शुक्र पर भी एक मिशन भेजेगा। अंतरिक्ष कार्यक्रम का पहला उद्देश्य वंचितों तक सुविधाएं और आधुनिक प्रौद्योगिकी को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना है। दूसरा उद्देश्य सौर मंडल के रहस्य उजागर करना है। इसरो अब दूसरे उद्देश्यों की ओर बढ़ रहा है। चंद्रयान, गगनयान, मंगलयान अाैर अंतरिक्ष केंद्र इसी के हिस्से हंै।

75वें स्वतंत्रता दिवस पर पहला मानव मिशन भेजेगा इसराे: स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर इसरो अपना पहला मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजेगा। अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह 2022 से पहले भी हो सकता है। इसकी निगरानी के लिए विशेष राष्ट्रीय सलाहकार परिषद बनाई गई है।

ईएसआई में कर्मचारी-नियोक्ता का योगदान 6.5% से घटकर 4% हुआ

नियोक्ता का योगदान 4.75% की जगह 3.25% ही होगा। मंत्रालय के अनुसार योगदान में दर में कमी आने से उद्योगों को हर साल 5,000 करोड़ रुपए की बचत होगी। इसका फायदा श्रमिकों को होगा। नतीजतन ज्यादा से ज्यादा श्रमिक इस योजना से जुड़ सकेंगे। 21,000 रुपए तक का मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी इस योजना से जुड़ सकते हैं। 1 जनवरी 2017 से पहले यह सीमा 15,000 रुपए प्रतिमाह ही थी।

रायपुर-दुर्ग सहित 30 जगह छापे, एक करोड़ के रेलवे टिकट जब्त

अफसरों को शक है कि रेलवे कनेक्शन की मदद से ही दलाल टिकटों की कालाबाजारी का इतना बड़ा रैकेट ऑपरेट कर रहे थे। सुरक्षा दस्ते ने न सिर्फ दलालों के ऑफिस बल्कि उनके घरों में भी रेड की। रायपुर मंडल में 11 टिकट दलाल पकड़े गए। इन टिकट दलालों के पास से 411 ई-टिकट व काउंटर टिकट जब्त किया गया। इसकी कीमत 8 लाख 18 हजार है। रायपुर में 8 टीमों ने एक साथ छापेमार कार्रवाई की। दलालों की मौजूदगी की पक्की सूचना के बाद गोलबाजार के एक होटल में छापा मारा गया। वहां मैनेजर टमित केसरवानी अपने होटल के कंप्यूटर से अवैध टिकट बनाकर ग्राहकों को मनमानी रकम में बेच रहा था। भिलाई में एक घर में घुसकर सुरक्षा बलों ने टिकट दलाल को दबोचा। मंडल आयुक्त अनुराग मीणा ने भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि रायपुर मंडल सहित देशभर में एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब आरपीएफ की टीम घर के साथ ही होटल के कमरों में घुसकर दलालों को रंगे हाथ पकड़ा। इससे पहले केवल साइबर कैफे व टूर-ट्रैवल वालों के यहां छापा मारा जाता था।

जाेनभर में 35 दलाल पकड़ाए : बिलासपुर जोन में इस कार्रवाई के दौरान 35 टिकट दलालों को पकड़ा गया है और उनके पास से एक करोड़ रुपए की टिकटें जब्त किए जाने का दावा किया जा रहा है। बुधवार को रेलवे महानिदेशक अरूण कुमार के निर्देश पर देशभर में टिकट दलालों पर छापेमार कार्रवाई की गई। टिकट दलालों के इस धड़पकड़ अभियान को ऑपरेशन थंडर नाम दिया गया। टिकट दलाली के नए ट्रेंड व सिस्टम का खुलासा भास्कर में किया गया था। उसी के बाद सुरक्षा बलों ने अपने जासूसों को जांच के लिए लगाया।

दुकान बंद कर भागे एजेंट : सुबह 9 बजे से ही छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी गई। रायपुर के साथ ही दुर्ग-भिलाई में धड़पकड़ हुई। रेलवे सुरक्षा बलों द्वारा रेड मारने की सूचना आग की तरह फैली और दोपहर से पहले ही कई टिकट एजेंट दुकानें बंद करके भाग गए। रायपुर सहित पूरे अंचल में अफरा-तफरी का माहौल पूरे दिन रहा। रायपुर पोस्ट प्रभारी दीवाकर मिश्रा और सेटलमेंट पोस्ट प्रभारी भोलानाथ सिंह के साथ ही सीआईबी की टीमों ने शहर में चल रहे कैफे पर नजर रखते हुए छापेमार कार्रवाई की।

निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता से साढ़े पांच घंटे पूछताछ, कहा- कानूनी दायरे में किया फोन टैपिंग

इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया। गुप्ता दोपहर करीब 12.15 बजे पहुंचे और सीधे पूछताछ करने वाले अफसरों के कमरे में चले गए। उस समय डीजी वीके सिंह मौजूद थे, लेकिन वे उनसे मिलने नहीं गए। ईओडब्लू के अफसरों ने निलंबित स्टेनो रेखा नायर और एसपी रजनेश सिंह से पू्छताछ के आधार पर कुछ प्रश्नावली तैयार की थी। इसी आधार पर उनसे सवाल-जवाब शुरू किए गए। उनसे पूछा गया कि उन्होंने कब से इंटरसेप्शन किया और किसके माध्यम से करवाया। रेखा नायर को सौंपी गई इंटरसेप्शन की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल भी पूछे गए। एसपी रजनेश सिंह ने जो जानकारियां दी थीं, उसके आधार पर भी सवाल पूछे गए। उन्होंने किसी भी विवादास्पद सवालों के जवाब सीधे नहीं दिए। गौरतलब है के उन्हें पिछले महीने भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन बेटी बीमार होने के कारण उन्हें अचानक दिल्ली जाना पड़ गया था। इस वजह से पूछताछ के लिए नहीं आ सके थे। ईओडब्लू के अफसरों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

रजनेश व दुबे पर कोई दबाव नहीं डाला, दोनों हाईकोर्ट में शपथ-पत्र दिया है: गुप्ता के वकील अमीन खान ने बताया कि उन्होंने सभी सवालों के विस्तार से जवाब दिए। जांच अधिकारियों ने रजनेश सिंह व अारके दुबे से जुड़े सवाल भी पूछे। यह भी कहा गया कि गुप्ता के दवाब में ये दोनों अधिकारियों ने फोन टैपिंग से संबंधित काम किया है। इसके जवाब में डीजी गुप्ता ने कहा कि एेसा नहीं है। रजनेश सिंह ने बैक डेट में किसी का फोन टैप नहीं किया है, कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। उसका काम सराहनीय रहा है। अौर मुझसे ज्यादा नोटशीट पर उसका काम है, उसकी राइटिंग। गुप्ता ने बयान में कहा कि रजनेश ने हाईकोर्ट में खुद शपथ-पत्र देकर बयान दिया है कि मेरी ओर से दबाव डालकर कोई काम नहीं कराया गया। इसी तरह अारके दुबे ने भी हाईकोर्ट में एक बार शपथपत्र देकर कहा है कि ईओडब्ल्यू की तरफ से दबाव डालकर बयान दर्ज कराया गया है।

वकील ने वायरल समाचार पर उठाए सवाल: पूछताछ के दौरान ही ये समाचार वायरल हो गया कि गुप्ता अपने बयान में रजनेश को फंसा रहे और रेखा नायर को बचा रहे हैं। उन्होंने ऐसा बयान दिया है। इसकी खबर लगने पर गुप्ता के वकील अमीन खान मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि अभी पूछताछ चल रही है और ऐसी बात कैसे वायरल हो गई। उन्होंने कहा ऐसा कोई सवाल भी नहीं पूछा जा रहा है।

जिनपिंग ने पाकिस्तान का जिक्र किया, ताे माेदी बाेले- पहले अातंकवाद पर कार्रवाई करे पाकिस्तान, फिर हाेगी बात

माेदी ने जिनपिंग से बातचीत में पाकिस्तान प्रायाेजित अातंकवाद का मुद्दा जाेरदार तरीके से उठाया, जबकि 11 जून काे जिनपिंग के बिश्केक यात्रा की घाेषणा के समय चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा था कि एससीअाे में पाकिस्तान काे अातंकवाद के मुद्दे पर निशाना बनाने का मंच नहीं बनाया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी बिश्केक पहुंचे हैं। माेदी ने पुतिन से भी मुलाकात की है अाैर उनका अन्य देशाें के प्रमुखाें से द्विपक्षीय मुलाकात हाेगी। लेकिन इमरान खान से उनकी मुलाकात नहीं हुर्इ है। यहां तक कि डिनर के समय एक ही टेबल पर बैठने के बावजूद उन्हाेंने हाथ तक नहीं मिलाया।

अमेरिका जैसे देश पिता बनने पर छुट्‌टी देते ही नहीं; जापान 6 माह की छुट्‌टी वेतन के साथ देता है, पर लोग लेते नहीं

एक व्यक्ति ने ही पितृत्व अवकाश लिया। यूनिसेफ ने दुनिया के 41 अमीर देशों में पितृत्व अवकाश को लेकर स्टडी की। इसमें पहले तीन स्थानों पर एस्टोनिया, हंगरी और बुल्गारिया रहे। एस्टोनिया में 595 दिन का, हंगरी में 504 और बुल्गारिया में 455 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाता है। न्यूजीलैंड, कनाडा और स्विटजरलैंड ऐसे देश हैं, जहां पिता बनने पर छुट्टी ही नहीं दी जाती है। इस स्टडी में इकाेनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट से डेटा लिया गया था। स्टडी के अनुसार 3 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ 45% पुरुष कर्मचारियों ने कहा कि वे पितृत्व अवकाश नहीं लेना चाहते थे, जबकि 35% ने कहा कि वे छुट्टी लेना चाहते थे, पर ले नहीं सकते थे। रिपोर्ट में प्रसव के तुरंत बाद पितृत्व अवकाश को परिभाषित किया गया और बताया कि यह मातृत्व अवकाश के रूप में महिलाओं के लिए उतना व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं था। जिन 41 देशों का सर्वेक्षण किया गया, उनमें से केवल 26 ने ही पितृत्व अवकाश की पेशकश की, जबकि 40 देशों ने केवल मातृत्व अवकाश का समर्थन किया।

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