शहर को ईको सिटी बनाने 200 प्रोजेक्ट विशेषज्ञों के बिना बनाए इसलिए 50% पर काम ही शुरू नहीं

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:31 AM IST

Raipur News - डीबी स्टार

Raipur News - chhattisgarh news the city is built without eco city 200 project experts so 50 work does not start
डीबी स्टार
डीबी स्टार टीम ने ईको सिटी बनाने वाली योजनाओं की हकीकत जानने के लिए पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि रायपुर में वार्डाें, मोहल्ले समेत स्कूलों को बेस्ट बनाने के लिए योजनाएं तैयार की। इन योजनाओं को तीन साल के भीतर लागू किया जाना था। इसके तहत वार्डाें को साफ करने की योजना भी तैयार की गई, लेकिन हकीकत यह है कि कई प्रोजेक्ट एेसे हैं, जो धरातल पर नहीं आ पाएंगे। बिना एक्सपर्ट की राय के प्रस्ताव तैयार करने की वजह से प्रोजेक्ट में कई तरह की खामियां है। जिसकी वजह से योजना धरातल पर नहीं आ पा रही है। इसके अलावा स्वच्छता की माहवार रैकिंग में भी रायपुर शहर पिछड़ गया है। इतना ही नहीं, वार्डाें में स्वच्छता अवार्ड के लिए बनाई गई योजना भी बेस्ट वार्डाें के तहत नहीं बन पाई है।

लापरवाही
राजधानी रायपुर को ईको सिटी में शामिल करने की योजना में बड़ी लापरवाही बरती गई है। तीन साल पहले ईको सिटी के लिए 200 प्रोजेक्ट तैयार किए गए, लेकिन ज्यादा प्रोजेक्ट ऐसे थे, जो बिना एक्सपर्ट से सलाह लिए ही बना दिए।

DB star investigation

किसी भी वार्ड को बेहतर बनाने के लिए मंथली समीक्षा नहीं की, न ही मॉनीटरिंग

जानिए, ईको सिटी के लिए प्लान जो दो साल बाद भी नहीं हो पाए शुरू

बेस्ट मोहल्ला

साफ-सुथरा रास्ता और ड्रेनेज सिस्टम, थीमिकल तरीके से मकानों की सजावट।

स्टेटस : 70% मोहल्ले के रास्ते साफ नहीं, मटेरियल ही सड़कों पर पड़े हुए है। थीमिकल तरीके से कोई भी सजावट नहीं की गई।

निगम के सर्वे में 235 नुक्कड़, हटे सिर्फ 48

बेस्ट अस्पताल

छोटी से लेकर बड़ी सभी तरह के इलाज के लिए पीएचसी सेंटर होना अनिवार्य।

स्टेटस : 70 में से 15 वार्डाें में ही ऐसे सेंटर और अस्पताल तैयार कर पाए है।

दरअसल, नगर निगम ने सर्वे कराया था उसमें शहर में 235 नुक्कड़ पाए गए, जो मुख्य मार्गाें में थे। इससे वार्डाें की सुंदरता भी खराब हो रही थी। साथ ही बदबू होने के साथ मवेशियों का अड्‌डा बना रहता। ऐसे नुक्कड़ों को हटाने के लिए वर्ष 2017 में तात्कालिन आयुक्त ने निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक ऐसे नुक्कड़ हटे ही नहीं। सिर्फ 20 फीसदी को ही हटाया जा सका।

खानापूर्ति
बेस्ट स्कूल

हर वार्ड में सरकारी स्कूल बेस्ट तरीके से बनाया जाना था, जहां 70 से 80% उपस्थिति हो।

स्टेटस : अब तक ऐसा एक भी स्कूल तैयार नहीं किया गया। न ही इसकी कोई मॉनीटरिंग की गई।

ज्यादातर प्रोजेक्ट के लिए अफसरों में सहमति नहीं, इसलिए भी निर्माण रुका

बेस्ट होटल

ठहरने के लिए और अच्छे खान-पान के लिए होटल की वार्डाें में अनिवार्यता।

स्टेटस : एडीबी एरिया के वार्डाें में 80 फीसदी जगहों में बेस्ट होटल नहीं बनाए गए है।

सीधीबात


हां, माहवार रैकिंग में पिछड़े हैं। एनुअल के लिए बेहतर करने की तैयारी चल रही है।


प्रोजेक्ट पर आचार संहिता के बाद काम शुरू होगा। इसके लिए समीक्षा की गई है।


ये सबकाम दो साल के भीतर पूरा करने की तैयारी की जा रही है।

बेस्ट वार्ड

यहां पर लाइब्रेरी, लाइट समेत सर्वयुक्त सुविधा होनी थी।

स्टेटस : दो से तीन तरह की सुविधा उपलब्ध होने के बाद कोई भी योजना धरातल पर नहीं आई।

अविनाश भोई, अपर आयुक्त, नगर निगम

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