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भीषण गर्मी में जल संकट, ऐसे बोर भी सूखे जहां 12 माह रहता है पानी, 40 टैंकरों के 400 चक्कर भी नाकाफी

Raipur News - भीषण गर्मी के बीच राजधानी में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। शहर में ऐसे-ऐसे इलाकों के बोर सूखते जा रहे हैं, जो कभी नहीं...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:30 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news water crisis in the fierce heat such bore is also dry where there is 12 months of water 400 tankers 400 rounds is also unhealthy
भीषण गर्मी के बीच राजधानी में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। शहर में ऐसे-ऐसे इलाकों के बोर सूखते जा रहे हैं, जो कभी नहीं सूखे। नलों से सप्लाई भी कम हो रही। एक-एक घंटे पानी के समय में अघोषित कटौती कर दी गई है। शाम को तो अक्सर आधा घंटे में ही सप्लाई बंद कर दी जा रही है। कहीं कहीं केवल 15 मिनट पानी देने के बाद सप्लाई बंद कर दी जा रही है। बोर सूखने के बाद नलों से सप्लाई कम होने से लोग पानी के लिए परेशान हेा रहे हैं। ऐसे इलाकों से भी टैंकर के लिए अर्जियां पहुंच रही है, जो तालाब के आस-पास हैं और वहां कभी बोर नहीं सूखा। आमतौर पर 15 से 20 आवेदन ही टैंकर खरीदने के लिए आते हैं, अभी हालात ये हो गए हैं कि रोज औसतन 60 से ज्यादा अर्जियां पहुंच रही हैं। निगम के निगम के 40 टैंकर शहरभर में 400 से ज्यादा फेरे लगाकर भी जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

निगम ने निजी तौर पर घर के लिए टैंकर देना एक तरह से बंद कर दिया है। केवल सामाजिक और वैवाहिक कार्यक्रम के लिए ही प्रावइेट लोगों को टैंकर दिया जा रहा है। टैंकर से ऐसे इलाकों में पानी की सप्लाई की जा रही है, जहां बोर पूरी तरह से सूख चुके हैं और नल से सप्लाई भी एक तरह से ठप है। सार्वजनिक टैंकरों में भी पानी के लिए इतनी भीड़ रहती है कि सबकी जरूरत पूरी नहीं हो रही। इस समय शहर के कमोबेश हर इलाके में पानी की मांग ज्यादा है। तेज गर्मी के कारण हर घर में पानी की खपत बढ़ी हुई है। इस वजह से टेलएंड वाले इलाकों के नलों से पानी ही नहीं आ रहा है। इससे दिक्कत ज्यादा बढ़ गई है। यही नहीं, ज्यादातर इलाकों के बोर और कुएं तक सूख गए हैं। निगम के ठेके पर िलए गए 40 टैंकर मोहल्लों, बस्तियों और कालोनियों के तय पाइंट्स में रोज 400 फेरे लगाकर पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। इसके अलावा जोन के दो दर्जन टैंकर भी पानी सप्लाई कर रहे हैं।

श्याम नगर और राजातालाब में डिमांड ज्यादा : इससाल श्याम नगर और राजातालाब में प्राइवेट टैंकरों की मांग सबसे ज्यादा है। कुछ प्राइवेट टैंकर चालकों के अनुसार उन्हें अभी इस साल यहां से आ रही ज्यादा डिमांड को लेकर अचरज है। किसी भी साल यहां इतनी ज्यादा मांग नहीं रहती थी।

उनका कहना है कि श्याम नगर में राजेंद्र नगर नलघर टंकी से सप्लाई होती है। इसके अलावा सात नंबर टंकी से भी इस इलाके में पानी की सप्लाई का सिस्टम है। दो टंकियों से सप्लाई के बावजूद यहां पानी की किल्लत हो गई है। इसी तरह राजातालाब, फाफाडीह, देवेंद्र नगर, सुंदर नगर, जोरापारा और गुढ़ियारी से भी रोज प्राइवेट टैंकर से पानी खरीदने के लिए अर्जियां पहुंच रही है।

निगम के रीफिलिंग पाइंट

नगर निगम के शहर में छह रीफिलिंग पाइंट है। यहां से निगम और प्राइवेट ठेकेदारों के टैंकर भरे जाते हैं। इनमें राजेंद्र नगर, कुशालपुर, खमतराई, देवेंद्र नगर, तिलक नगर गुढ़ियारी, मोतीबाग टंकी। कहीं से भी टैंकरों की डिमांड आने पर इन रीफिलिंग पाइंट से टैंकर सप्लाई की जाती है। इनमें से ज्यादातर सप्लाई राजेंद्र नगर नलघर से होती है। इसके अलावा मोतीबाग की 51 लाख लीटर की नई टंकी तैयार होने के बाद से यहां से भी सप्लाई बढ़ी है।

सेंट्रल जेल में पानी के लिए मारामारी

इस साल रायपुर सेंट्रल जेल में भी पानी की किल्लत बढ़ गई है। यहां रोज पांच से छह टैंकर पानी की सप्लाई हो रही है। अफसरों का कहना है कि आमतौर पर सेंट्रल जेल से पानी के लिए किसी साल एकाध टैंकर की डिमंाड आती थी। इस साल पिछले दस दिन से रोज टैंकर की पांच से छह ट्रिप चल रही है। यही नहीं, जिला अस्पताल में भी रोज तीन से चार ट्रिप पानी सप्लाई की जा रही है।

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लगातार तेज गर्मी पड़ने की वजह से बोर सूखने के कारण पानी की डिमांड बढ़ी है। निगम के पास पर्याप्त पानी है। डिमांड के अनुसार टैंकरों से भी सप्लाई की जा रही है।

- नागभूषण राव यादव, चेयरमैन जल विभाग

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कैसे मंगा सकते हैं टैंकर

नगर-निगम से : निगम से प्राइवेट टैंकर मंगाने के लिए राजेंद्र नगर नलघर में 402 रुपए की रसीद कटवानी पड़ती है। रसीद कटने के बाद नलघर के टैंकर बताए घर या जगह पर पानी पहुंचाते हैं। निगम अफसरों के अनुसार गर्मी के दिनों में ज्यादा किल्लत रहने पर प्राथमिकता सार्वजनिक को दी जाती है। यदि वार्डों में डिमांड ज्यादा है तो पहले वहां सप्लाई की जाती है और उसके बाद प्राइवेट डिमांड पूरी की जाती है। कई बार किल्लत ज्यादा होने पर कर्मचारी रसीद भी काटने से इंकार कर देते हैं।

ठेकेदार से : कई प्राइवेट ठेकेदार भी निजी तौर पर टैंकरों से पानी की सप्लाई करते हैं। ठेकेदार निगम से रसीद कटाकर अपना सप्लाई चार्ज जोड़कर पानी सप्लाई करते हैं। जैसे ठेकेदार से टैंकर मंगाया तो वे नलघर में 402 रुपए की रसीद कटाने के बाद उसपर सप्लाई चार्ज जोड़कर पैसे लेते हैं। सप्लाई चार्ज अलग-अलग ठेकेदारों का अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोग बोर कराकर भी पानी सप्लाई का काम करते हैं।

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