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12 के मुहूर्त पर मतभेद... देव विवाह इसलिए शुभ तो कोई पंचक लगने को बता रहे अशुभ

Raipur News - विवाह पंचमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस मौके पर भगवान राम और माता सीता की शादी होगी। वहीं मंदिरों में विविध अनुष्ठान...

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 03:20 AM IST
Raipur News - differences on the topic of 12 dev marriage is auspicious it is unlikely that a quintet appears
विवाह पंचमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस मौके पर भगवान राम और माता सीता की शादी होगी। वहीं मंदिरों में विविध अनुष्ठान भी होंगे। शहर के रामजानकी मंदिरों में 10 दिन पहले से विवाह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर रोज शादी के अलग-अलग अलग-अलग रीति-रिवाज और रस्में निभाई जा रहीं हैं। इस बीच 12 के विवाह मुहूर्त को लेकर ज्योतिषियों और पंडितों में मतभेद भी दिख रहा है। कुछ का मानना है कि देव मुहूर्त होने की वजह से ये शादियों के लिए उपयुक्त है तो कोई पंचक शुरू होने की वजह से इस मुहूर्त को इंसानों के लिए अशुभ बता रहे हैं।

इस मंदिर में आप भी लगा सकते हैं राम-सीता को हल्दी

बनियापारा के रामजानकी मंदिर में शनिवार को हरिद्रालेपन का कार्यक्रम रखा गया है। यह रस्म शुक्रवार से बुधवार तक चलेगी। दोपहर 12 से 2 बजे के बीच महिलाएं इस रस्म में शामिल होकर भगवान सीता और माता जानकी को हल्दी लगा सकेंगे। वहीं 3 तारीख से नवान्ह पारायण भी शुरू हो गया है। यह 11 तारीख तक चलेगा। गोपीदास राम जानकी मंदिर सेवा समिति की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। महंत राजीवनयन महाराज ने बताया कि विवाह पंचमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम चंद्र की आरती की जाएगी। दोपहर 2 बजे साधु संत ब्राह्मण भंडारा और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है।

मुहूर्त पर ज्योतिषियों और पंडितों के ये हैं तर्क...

शुभ संयोग, शादी करवा सकते हैं

महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला ने कहा कि गुरु-शुक्र अस्त होने की वजह से नवंबर-दिसंबर में शादियों के कोई मुहूर्त नहीं हैं लेकिन 12 दिसंबर को विवाह पंचमी पर शादियों के लिए शुभ मुहूर्त बनते हैं। इस दिन देव मुहूर्त है। यानी देवताओं की शादी का मुहूर्त। रामजानकी की शादी इस दिन करवाई जाएगी। ये मुहूर्त अपने आप में शुभ संयोग है इसलिए जो कोई अपने बच्चों की शादी करवाना चाहते हैं, वे इस दिन करवा सकते हैं।

पंचक शुरू, न करवाएं तो बेहतर

ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने कहा कि शुक्र के बाद अब गुरु उदय भी हो चुका है, लेकिन शादियों के मुहूर्त बनें, ग्रहों की ऐसी स्थिति पूरे दिसंबर में एक भी दिन नहीं है। 12 तारीख को रामजानकी विवाहोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन देव मुहूर्त है पर इंसानों की शादी के लिए ग्रहों की जैसी दशा चाहिए, वैसा कोई संयोग नहीं है। 12 तारीख से पंचक की प्रवृत्ति भी शुरू हो रही है इसलिए बेहतर होगा कि जनवरी तक इंतजार करें। 17 जनवरी से शुरू मुहूर्त हैं।

रामजानकी विवाह 12 को, बनियापारा के मंदिर में 3 दिसंबर से शुरू हो गए हैं कार्यक्रम

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