न्यूज़

--Advertisement--

दूसरे की जमीन से 16 करोड़ का लोन, होटल कारोबारी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार आरोपी का राजेंद्र नगर में होटल है। शराब का भी बड़ा कारोबार था। वे सिंडीकेट में दुकानें भी चलाते थे।

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 06:45 AM IST

रायपुर. होटल सफायर इन के मालिक और शराब कारोबारी सुभाष शर्मा को गोलबाजार पुलिस ने 16 करोड़ 50 लाख की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। शराब कारोबारी के खिलाफ तीन साल पहले केस दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद सोमवार को दोपहर 1 बजे कारोबारी को उनके शैलेंद्र नगर स्थित मकान से गिरफ्तार किया गया।

सुभाष पर आरोप है उन्होंने अपने सहयोगी पूनम सिंह के साथ मिलकर धरमपुरा की विक्रम राणा के नाम की जमीन पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रखकर 16 करोड़ का लोन लिया, लेकिन किश्त अदा नहीं की। लोन की किश्त नहीं जमा होने पर बैंक की ओर से जमीन मालिक राणा को नोटिस जारी किया, तब उन्हें पता चला कि उनकी जमीन के नाम पर लोन लिया गया है।

राणा की ओर से 2015 में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। उसी समय से फर्जीवाड़े के इस मामले की जांच चल रही थी। पुलिस ने 2015 में सुभाष शर्मा के साथी पूनम सिंह को गिरफ्तार किया था। सुभाष शर्मा के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिल रहे थे। फोरेंसिक जांच के आधार पर शराब कारोबारी शर्मा के खिलाफ तगड़ा सबूत मिला। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। गोलबाजार टीआई संदीप चंद्राकार ने बताया कि धरमपुरा में कारोबारी विक्रम राणा का एक एकड़ जमीन है। उन्होंने जमीन बेचने के लिए उसके दस्तावेज केयरटेकर पूनम सिंह को दे दिए और पंजाब चले गए। पूनम की कारोबारी सुभाष शर्मा से पहचान है।

विक्रम राणा पंजाब सेटल होने चले गए थे, इसलिए दोनों ने सांठगांठ कर जमीन हड़पने का प्लान बनाया। पूनम ने सुभाष को जमीन के दस्तावेज दे दिए। सुभाष ने उसी जमीन के दस्तावेजों के आधार पर अपनी कंपनी गुडलक पेट्रोलियम के लिए करोड़ों का लोन लिया। इसमें पूनम गवाह बना है। बैंक से आरोपियों ने पैसे ले लिए, लेकिन, लोन की किश्त जमा नहीं की। पुलिस के अनुसार आरोपी का राजेंद्र नगर में होटल है। शराब का भी बड़ा कारोबार था। वे सिंडीकेट में दुकानें भी चलाते थे।

पहले भी यही जमीन बेची जा चुकी
धरमपुरा की इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। 2015 में विक्रम राणा के जीजा प्रकाश कलश ने यही जमीन होटल कारोबारी त्रिलोचन सिंह सलूजा को बेच दी थी। सलूजा को भी नहीं मालूम था कि ये जमीन बैंक में बंधक है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें बैंक में बंधक जमीन बेची गई है, जबकि जमीन बेचते समय इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। जमीन बैंक का बंधक है। सिविल लाइन पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन उस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

ऐसे घेरे में आए शराब कारोबारी
पूनम के पकड़े जाने के बाद से ही शराब कारोबारी सुभाष शर्मा पुलिस के घेरे में थे। जांच के दौरान पता चला कि जमीन विक्रम राणा की है, लेकिन कई जगह उसके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। जमीन बेचते समय भी आरोपियों ने राणा के नाम से खुद ही हस्ताक्षर कर दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट होने के बाद हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को जांच के लिए भेजा गया था। हैंड राइटिंग जांच के बाद ही शराब काराेबारी केा आरोपी बनाया गया।

Click to listen..