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कड़कनाथ अपनी दुल्हन लेकर पहुंचे गृह नगर, ढोल नगाड़े से हुआ न्यू कपल का वेलकम

कालिया जब सुंदरी को अपने गांव हीरानार लेकर पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका जोरदार स्वागत किया।

Danik Bhaskar | May 07, 2018, 05:37 PM IST

दंतेवाड़ा। कड़कनाथ मुर्गा-मुर्गी की शादी में एक भी ऐसी रस्म नहीं बची, जिसे पूरा न किया गया हो। कालिया जब सुंदरी को अपने गांव हीरानार लेकर पहुंचा तो रविवार को उनके स्वागत के लिए केवल कासोली व हीरानार ही नहीं, बल्कि आसपास के 15 गांवों के हजारों ग्रामीण ढोल लेकर हीरानार कड़कनाथ हब पहुंचे। यहां ग्रामीण ने ढोल की थाप पर जमकर धूम मचाया।

- कड़कनाथ पालक लुदरू नाग ने बताया कि हमने निर्णय लिया है कि हम सुंदरी व कालिया को नहीं बेचेंगे, बल्कि दोनों के रहने व उनके अंडों को रखने की व्यवस्था भी अलग होगी। दोनों के वंश भी अलग ही रखे जाएंगे, जो हमेशा के लिए कालिया-सुंदरी के नाम से पहचाने जाएंगे।

- हीरानार में देर शाम तक आशीर्वाद समारोह चलता रहा, जहां लोगों ने कालिया व सुंदरी का स्वागत किया। आशीर्वाद समारोह में वर-वधु दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए।


अनूठी शादी देखने रायपुर से भी लोग आए


- कालिया कड़कनाथ व सुंदरी कड़कनाथ शनिवार को आखिरकार परिणय सूत्र में बंध गए। बारात प्रस्थान, पारंपरिक नाचा, लोकगीत, द्वार छेकाई, बारातियों का स्वागत, फेरा और फिर विदाई की तमाम सारी रस्में हुईं। इस शादी में आसपास के गांवों के 400 से ज्यादा ग्रामीण शामिल हुए।

- दंतेवाड़ा में पारंपरिक नाचा के साथ जब एसबीआई चौक से बारात निकली तो इसे देखने लोग अपने घरों व दुकानों से बाहर निकलकर जमा हो गए। बारात में महिला समूहों के साथ बतख व मुर्गा भी शामिल हुए।

- बारातियों ने मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लिया। कालिया के पिता की भूमिका में रहने वाले लुदरूराम कड़कनाथ ने बताया कि दंतेवाड़ा के किसान इस प्रजाति के मुर्गे का सबसे ज्यादा पालन कर रहे हैं। मां दंतेश्वरी से यही कामना है इसके पालन से क्षेत्र के कृषक आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर हों।

आपत्ति दर्ज कराएगा दंतेवाड़ा

- कलेक्टर सौरभ कुमार ने कहा कि किसान बेहद खुश हैं, ऐसे में यह आयोजन उनका अपना है। साथ ही कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसानों के इस पूरे आयोजन को जीआई टैग से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि फिलहाल मध्यप्रदेश को भी यह टैग नहीं मिला है। दंतेवाड़ा भी जल्द इसके लिए आपत्ति दर्ज कराएगा।


सुंदरी को लेने कासोली पहुंचा कालिया


- कासोली में सुंदरी का पूरा श्रृृंगार किया गया। लाल चुनरी, चूड़ी, बिंदी लगाकर उसे दुल्हन बनाया गया। शाम साढ़े पांच बजे कासोली में बारात पहुंची तो यहां बारातियों का जबरदस्त स्वागत किया गया। दोनों पक्षों के समधी आपस में गले मिले।

- सुंदरी की बुआ की भूमिका अदा कर रही चंपा अटामि ने बताया कि हमने अपनी भतीजी को ऐसे परिवार में दिया है जहां शौचालय भी है, गैस चूल्हा, पीएम जनधन योजना का खाता भी है। ऐसा कर हम सिर्फ यह संदेश देना चाहते हैं कि बेटी को सिर्फ उसी घर में दिया जाए जो परिवार केंद्र सरकार की इन योजनाओं का लाभ लेकर चिंतामुक्त जीवन जी रहा है।


दो बड़े प्रोजेक्ट की पीएम कर चुके सराहना


- दरअसल दंतेवाड़ा में कड़कनाथ पालक व ई-रिक्शा चलाने वाली समूह की महिलाएं आर्थिक उन्नति की ओर हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट ने दंतेवाड़ा की महिलाओं व किसानों के जीवन में एकाएक बड़ा बदलाव लाकर किस्मत बदल दी है। ऐसे में कड़कनाथ का विवाह व इस विवाह में ई-रिक्शा में बारात निकालकर इन दोनों प्रोजेक्ट से अपनी किस्मत के बदलाव का दंतेवाड़ा के किसानों व खासकर महिलाओं ने एक बड़ा संदेश दिया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंतेवाड़ा के इन दोनों प्रोजेक्ट की मुक्त कंठ से सराहना कर चुके हैं।

- इस अनोखी शादी को देखने दंतेवाड़ा ही नहीं बल्कि जगदलपुर व रायपुर से भी लोग पहुंचे थे, जिन्होंने कड़कनाथ के शादी का लुत्फ उठाया। बस्तर जिले के मारडूम निवासी नरसिंह साहू, डाॅ. एसए निषाद भी अपने परिवार के साथ पहुंचे थे। डाॅ. एसए निषाद ने बताया कि मेरी पत्नी पंकजनी व भाई कौशल रायपुर से मारडूम आए थे।

कंटेंट /फोटो/वीडियो : अंबु शर्मा
शादी से पहले हुई सारी रस्में। शादी से पहले हुई सारी रस्में।
अपनी दुल्हन के साथ पहुंचे अपने गृहनगर। अपनी दुल्हन के साथ पहुंचे अपने गृहनगर।