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नक्सलियों ने ली ठेकेदार की हत्या की जिम्मेदारी, भेजा पर्चा

दोरानापाल| नक्सलियों की कोंटा एरिया कमेटी ने पर्चा फेंककर ठेकेदार कपूरचंद राजपूत की हत्या की जिम्मेदारी ली है।...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:10 AM IST
दोरानापाल| नक्सलियों की कोंटा एरिया कमेटी ने पर्चा फेंककर ठेकेदार कपूरचंद राजपूत की हत्या की जिम्मेदारी ली है। नक्सली पर्चे में लिखा है कि ठेकेदार दोरनापाल का रहने वाला है जो पिछले कुछ सालों से सड़क निर्माण के लिए सर्वे करने एवं सड़क बनाने के काम को बढ़ा रहा था। नक्सलियों ने ठेकेदार कपूरचंद पर आरोप लगाया है कि रोड बनाकर वह सुरक्षाबलों को आसानी से गश्त कर वापस लौटने की व्यवस्था कर रहा था। नक्सलियों ने इसे संगठन के विरुद्ध बताया है।

उन्होंने पर्चे में लिखा है कि ठेकेदार कपूरचंद को वर्ष 2007 से 2017 तक चेतावनी पत्र तो नहीं दिया पर मुलाक़ात कर सड़क निर्माण से दूर रहने की चेतावनी दी थी। नक्सलियों ने लिखा है कि चेतावनी के बावजूद ठेकेदार में कोई सुधार नहीं आया और सर्वे के लिए पेंटा से मेड़वाही होते हुए अरलमपल्ली, तोंगगुड़ा, टेटराई, बोड्डीगुड़ा, आरगट्टा से पेंटा तक सड़क निर्माण के उद्देश्य से पेंटा के पूर्व सरपंच माड़वी जोगा को लेकर सड़क नापने एवं वीडियोग्राफ़ी करने आया था। तभी नक्सलियो की पीएलजीए की टीम ने कपूरचंद को अगवा कर हत्या कर दी। हत्या के मामले में पूर्व सरपंच माड़वी जोगा का कोई लेना देना नहीं है।

मरकागुड़ा मुठभेड़ को फर्जी बताया

नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 2 जुलाई को दारेली मरकागुड़ा इलाके में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। इसमें कहा है कि सुकमा जिले के चिंतलनार व तेलंगाना से लगे किस्टाराम इलाके में 30 जून से 2 जुलाई तक एसपी अभिषेक मीणा के कमान में विशेष सैनिक अभियान चलाया गया। 2 जुलाई को दारेली मरकागुड़ा इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराने का पुलिस ने दावा किया था। नक्सलियों ने मुठभेड़ से इंकार कर दिया है। नक्सलियों ने कहा है कि वास्तव में उस दिन मरकागुड़ा गांव के बच्चे बुज़ुर्ग सभी लोग प्रत्येक वर्ष की तरह बीज त्योहार मना रहे थे।