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कोंगूपल्ली में चिंतावागु नदी उफान पर, 12 गांव के लोग मुख्य मार्ग से कटे

बीजापुर| जिले में एक सप्ताह से हो रही बारिश से भले ही सड़क किनारे के गांवों में कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा हो लेकिन एनएच...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:15 AM IST
बीजापुर| जिले में एक सप्ताह से हो रही बारिश से भले ही सड़क किनारे के गांवों में कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा हो लेकिन एनएच 63 से तारलागुड़ा की ओर जाने वाले मार्ग में कोंगूपल्ली में चिंतावागु नदी उफान पर आ जाने से करीब एक दर्जन गांव मुख्य मार्ग से कट गए हैं।

चिंतावागु नदी में एक अज्ञात व्यक्ति 9 जुलाई को बह गया इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। 12 जुलाई को भी एक ट्रक नदी में गिर गया था, हालांकि इस पर सवार ड्राइवर व एक क्लीनर बच गए। नदी में निर्माणाधीन पुलिया की उंचाई कम है। इस वजह से सड़क संपर्क कट गया है। कई लोग नदी में उफान के कारण तीन दिनों से कोंगूपल्ली में फंसे थे लेकिन प्रशासन का एक भी नुमाइंदा मौके पर नहीं आया। कोंगूपल्ली के लोगों ने उनके रूकने और खाने की व्यवस्था करवाई। बाढ़ पीड़ितों को देखने छग जनता कांग्रेस के अध्यक्ष सकनी चंद्रैया, उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा एवं अन्य पदाधिकारी पहुंचे।

इनके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष जमुना सकनी भी कोंगूपल्ली गई। इस दौरान यहां आए नेताओं ने बाढ़ पीड़ितों के रहने और भोजन की व्यवस्था करवाई।

समय पर सुविधा नहीं पहुंचाने प्रशासन पर लगाया अारोप

छजकां के जिलाध्यक्ष सकनी चंद्रैया ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बाढ़ राहत की टीम तो तैयार कर ली है लेकिन राहत पीड़ितों तक समय पर नहीं पहुंच पाई। उन्होंने प्रशासन पर लापररवाही का अारोप लगाते हुए कहा कि 12 गांव के मुख्य मार्ग से कट जाने के बाद भी प्रशासन लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है जिसको लेकर लोग नाराज हैं। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों को नुकसान हुआ है उन्हें राहत दिलाने की मांग कलेक्टर से की जाएगी ।