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शादी के लिए बड़ी मुश्किल से कराया था राजी, लौटने से पहले बेटा हो गया शहीद

भोजराज पखवाड़े भर पहले छुट्टी पर घर आया था, मैंने जिद करके उसे शादी के लिए राजी कर लिया था। उसकी सहमती पर पड़ोस के गांव...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:30 AM IST

शादी के लिए बड़ी मुश्किल से कराया था राजी, लौटने से पहले बेटा हो गया शहीद
भोजराज पखवाड़े भर पहले छुट्टी पर घर आया था, मैंने जिद करके उसे शादी के लिए राजी कर लिया था। उसकी सहमती पर पड़ोस के गांव में लड़की भी देख चुकी थी। उसने कहा था अब छुट‌्टी पर आऊंगा तो सगाई की रस्म करा देना। इस भरोसे पर सोचा था कि इस बार छुट्‌टी पर आते ही बड़ी धूमधाम से उसका ब्याह कराऊंगी। लेकिन वह आया भी तो अब ऐसी हालत में। इतना बाेलते ही शहीद भोजराज की मां बिलखते हुए बेसुध हो गई।

आमामोरा में नक्सलियों के लगाए गए आईडी ब्लास्ट में शहीद हुए भोजराज टांडील्य, देवभोग से 3 किमी दूरी पर स्थित करचीया ग्राम का निवासी है। गांव से सीआरपीएफ में तीन और जवान सेवा दे रहे हैं, उन्हीं से प्रेरित होकर भोजराज ने 2015 में ज्वाइन किया था। दो बड़ी बहन जिसमें एक दिव्यांग है, दूसरी का विवाह हो गया, उसके बाद तीसरे नंबर का भोजराज है, छोटा एक और भाई है जो काॅलेज की पढाई करता है। पिता जगेश्वर टांडिल्य मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। बेटे की नौकरी लगी तो बूढ़े बाप के कंधे का बोझ हल्का हो गया था। इकलौते कमाउ बेटे को वैवाहिक बंधन में बांधने की पूरी तैयारी परिवार ने कर ली थी। जिद पर अड़े बेटे को मां निलेन्द्री बाई ने अगले वैवाहिक सीजन के लिए राजी कर लिया था, इसी साल अगली छुटटी में सगाई के लिए भी राजी कर लिया था।

परिजनों ने बताया कि बीते सोमवार को भी एक दिन के लिए घर में हो रहे पूजा कार्यक्रम के लिए आया था, मंगलवार को लौट कर सीधे सर्चिंग पर निकला था। शहीद होने की सूचना के बाद ग्रामीण सकते में आ गए। मां को यकीन भी नहीं हो रहा था जिसके साथ दो दिन पहले पूरा दिन बिताया था, आज छोड़ कर चला जाएगा। रो रो कर मां कई बाद बेहोश हो गई। पूरे गांव की आंखें नम हैं।

आईडी ब्लास्ट में शहीद हुए भोजराज की मां और उसके रिश्तेदार बिलखते हुए।

आईडी में पूरी तरह जल गई बाइक।

शहीद भोजराज, सर्चिंग के दरम्यान लिया था फोटो।

साथ साथ घूमते थे खेमू और भोजराज

घटना में शहीद दूसरा जवान कांकेर निवास खेमराज साहू और भोजराज साथ-साथ रहते थे, खाली समय में भी वे एक दूसरे के साथ ही रहते थे सर्चिंग के वक्त भी एक बाइक में दोनों जवान सवार थे,नक्सलियों द्वारा लगाई गई चार आईडी में से तीन के ब्लास्ट में बाल बाल बचे थे, चौथे ब्लास्ट में बाइक चपेट में आ गई। मौके पर भोजराज की जान निकल गई, जबकि खेमराज को हाॅस्पिटल लाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।

साथ रहते थे भोजराज और खेमराज।

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