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डाटा में गड़बड़ी, विधवा के आवास को दूसरे के नाम आवंटित किया

कदलीमुड़ा में प्रधानमंत्री आवास आबंटन में डाटा में हेराफेरी का दूसरा मामला सामने आया है। विधवा को कोटे से मिले...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:45 AM IST
कदलीमुड़ा में प्रधानमंत्री आवास आबंटन में डाटा में हेराफेरी का दूसरा मामला सामने आया है। विधवा को कोटे से मिले आवास को दूसरी महिला को आबंटित कर दिया गया है। जब पति के नाम से फिर से आवास आया तो मामले का खुलासा हुआ। जनपद सीईओ विनय अग्रवाल ने कहा कि जांच टीम गठित की गई है, रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

कदलीमुड़ा पंचायत में परसूराम की विधवा सुमित्रा बाई के नाम से 2017 में प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली थी। लेकिन पंचायत ने राशि कुलेश्वर की प|ी सुमित्रा बाई के नाम से जारी कर दिया। सालभर में तीन किश्त जारी किए गए। नियमानुसार समय-समय पर मूल्यांकन और जियो टेकिंग की प्रक्रिया भी पूरी की गई। बावजूद इस दौरान भी गड़बड़ी नहीं पकड़ी जा सकी। 2018 की सूची में पति कुलेश्वर के नाम से आवास जारी होने पर मामले उजागर हुआ। जबकि विधवा सुमित्रा को इसकी भनक तक नहीं कि उसके नाम से भी आवास जारी हुआ था। बहरहाल वह अपने छोटे बेटे के एक छोटे से मकान के बरामदे में गुजारा कर रही है।

पीड़ित बेवा सुमित्रा बाई।

देवभोग. दूसरी सुमित्रा बाई, जिसका आवास पूरा हो गया है।

ऑपरेटर ने किया फर्जीवाड़ा, राशि रोकी

पंचायत सचिव मदन नागेश ने बताया कि बेवा सुमित्रा बाई के नाम से ही सारे दस्तावेज और अकांउट नंबर दिए गए थे। लेकिन जनपद में ऑपरेटर द्वारा डाटा में छेड़खानी कर उसे बदल कर कुलेश्वर की प|ी सुमित्रा के नाम से जारी कर दिया। कुलेश्वर के नाम से मिले आबंटन के बाद मामले से जनपद सीईओ को अवगत कराया गया है। कुलेश्वर की राशि भी रोकी गई है।

कमला बाई को मिली राशि ऑपरेटर को िसर्फ हटाया

महीनेभर पहले इसी पंचायत में बेवा कमला बाई के नाम की राशि को दूसरी कमला बाई को दे दिया गया था। खबर के प्रकाशन के बाद दूसरी से राशि की रिकवरी कर बेवा कमला बाई को पहली किश्त जारी भी की गई है। मामले की जांच में पता चला था कि जनपद में आवास शाखा को देख रहे ऑपरेटर राजकुमार नागेश ने नाम में समानता का फायदा उठाते हुए निर्धारित डाटा से छेड़खानी कर अपने मां कमला बाई के नाम राशि जारी करवा ली थी। इस मामले में ऑपरेटर को शाखा से सिर्फ हटाया भर गया है। वहीं दूसरे मामले में भी इसी ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।