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इस गर्मी एक बार भी 38 के पार नहीं गया पारा, नौतपा भी शायद ही तपे

गर्मी के पिछले सीजन में बस्तर के कई हिस्सों में 16 से लेकर 24 मई के बीच लू की स्थिति बनी थी। उसकी वजह यह थी कि इन दिनों...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 02:15 AM IST
गर्मी के पिछले सीजन में बस्तर के कई हिस्सों में 16 से लेकर 24 मई के बीच लू की स्थिति बनी थी। उसकी वजह यह थी कि इन दिनों में जगदलपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सामान्य माना जाता है, जबकि पिछले साल मई के तीसरे हफ्ते में पारा 42 डिग्री पार हो गया था। वहीं इस बार हालात यह है कि गर्मी का सीजन बमुश्किल पखवाड़े भर का ही बचा है और तापमान एक मर्तबे भी सामान्य से ऊपर नहीं गया है।

9 मई को 38.1 और 16 को 37.9 ही अधिकतम तापमान इस सीजन का रहा है। 2017 में 16,17 मई को 42.1,18 को 42.4 और 22,24 मई को 42.2 डिग्री पारा रहा था। इससे साफ है कि पिछले साल की तुलना में इस बार गर्मी कम रही और लोगों को राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिक आरके सोरी ने बताया कि अभी उमस के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होता रहा है। दिन का तापमान तो सामान्य के आसपास ही बना हुआ है। नौतपा 25 मई से 2 जून के बीच रहेगा लेकिन उस दौरान भी यहां आम तौर पर बारिश हो जाती है। इसके चलते उस समय भी ज्यादा गर्मी की संभावना नहीं है।

बस्तर की स्थिति क्यों होती है अलग दूसरे स्थानों से : इस साल ज्यादा गर्मी नहीं पड़ने का प्रमुख कारण यह है कि थोड़े-थोड़े अंतराल में कोई न कोई सिस्टम बन रहा है। यह स्थिति अभी भी मई के तीसरे हफ्ते में बनी हुई है।

ईस्ट बिहार में ऊपरी हवाओं में चक्रवात और ईस्ट यूपी से विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इससे थोड़ी बहुत नमी बस्तर में आ रही है और कहीं कहीं पर बारिश हो रही है। वहीं बस्तर में दूसरे स्थानों से स्थिति अलग इसलिए है कि यहां दिन में जैसे ही थोड़ी गर्मी पड़ती है तो शाम ढलते ही स्थानीय प्रभाव काम कर जाता है जिससे गरज चमक के साथ बारिश होती है और अधिकतम तापमान बढ़ता नहीं है।

अभी ऐसा रहेगा मौसम बस्तर में अगले 72 घंटे तक

लगातार आ रही नमी के चलते दिन में तो उमस का एहसास होता रहेगा लेकिन दोपहर बाद बादल छा जाएंगे और कुछ जगहों पर बारिश होगी। विदर्भ तक जा रही द्रोणिका मध्यप्रदेश को क्रास कर रही है। इसका असर यहां हो रहा है। अगले एक दो दिन में खास तौर पर दक्षिण बस्तर में बारिश की स्थिति बनेगी। अहम यह है कि शाम को बस्तर में ज्यादातर जगहों पर मौसम खुशगवार हो जाता है।