Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» राजनीतिक फायदे के लिए अपात्र लोगों को दे दिया वनाधिकार पट्टा, 14 करोड़ का नुकसान

राजनीतिक फायदे के लिए अपात्र लोगों को दे दिया वनाधिकार पट्टा, 14 करोड़ का नुकसान

दंतेवाड़ा में वनाधिकार पट्टा बांटने का बड़ा खेल चल रहा है। यहां राजनीतिक फायदे के लिए उन परिवारों को पट्टा दिया जा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:45 AM IST

दंतेवाड़ा में वनाधिकार पट्टा बांटने का बड़ा खेल चल रहा है। यहां राजनीतिक फायदे के लिए उन परिवारों को पट्टा दिया जा रहा है जिन्हें लोकसुराज अभियान में इन्हीं अधिकारियों ने आवेदन निरस्त कर अपात्र घोषित कर दिया था। बड़ा सवाल यह है कि जो परिवार दो महीने पूर्व अपात्र थे, वे कैसे पात्र मान लिए गए।

मामला गीदम ब्लाॅक के ग्राम बड़े कारली का है। दरअसल गीदम वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आरक्षित वनखंड कारली के कक्ष क्रमांक/ 1330 में ग्राम बड़े कारली के 80 ग्रामीणों के साथ सामूहिक रूप से अतिक्रमण किया गया। 34 परिवारों ने पट्टा के लिए लोकसुराज में आवेदन किया था। अपात्र होने के कारण ये निरस्त किए गए। इसी जगह पर 1983 में पौधरोपण कार्य किया जाना अभिलेखों में दर्शाया गया है। इस जगह के पेड़ों को काटकर बनाए गए घर व खेत को वन विभाग के अधिकारियों ने भी अवैध बताया है।

इस सामूहिक अतिक्रमण से शासन को 14 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ। ऐसे में अधिकारियों ने ग्रामीणों से 2005 के पहले काबिज होने के प्रमाण को उपवनमंडल कार्यालय में तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करने को कहा था। इनमें से 14 परिवारों के पास ही 2005 के पहले काबिज होने का प्रमाण है। इसके बाद अचानक ही 34 परिवार के सदस्यों को पट्‌टा देने के लिए पात्र कर दिया गया।

स्थानीय भाजपा नेता की भूमिका पट्‌टा वितरण में

बताया जा रहा है कि लोकसुराज में पट्‌टों के आवेदन को निरस्त होने के बाद एक स्थानीय भाजपा नेता लोगों को पट्‌टा दिलवाने के लिए सक्रिया हुआ। उसने दो महीने में ही अफसरों को ऐसी घुट्‌टी पिलाई कि निरस्त हुए आवेदनों को दोबारा मंजूर कर लिया गया। बताया जा रहा है ये सारी सेटिंग चुनावी वर्ष के लिए की गई है।

1330 सागौन के पेड़ काटकर किया था कब्जा

बताया जा रहा है कि जिन लोगों को पट्‌टा दिया जा रहा है, उन्होंने हाल ही में यहां लगे 1330 सागौन के पेड़ों को काटकर जमीन पर कब्जा किया था। जिन लोगों ने यहां कब्जा किया है उनमें से ज्यादातर के पास जीविकाेपार्जन के लिए दूसरे स्थानों पर भी जमीन है।

पहले चरण में जिन 14 लोगों को पात्र माना गया, उन्होंने पात्रता के लिए जेल जाने का दस्तावेज प्रस्तुत किया

वन अधिकार पट्‌टे के लिए यहां काबिज लोगों को 2005 से पहले का कब्जा दिखाने के लिए अफसरों ने सबूत मांगा था। ऐसे में यहां काबिज 80 लोगों में सिर्फ 14 लोग ही अपना कब्जा दिखाने वाले दस्तावेज दिखा पाए। अपने कब्जे के लिए इन 14 लोगों को वर्ष 1994 में किसी मामले में एक साथ जेल भेजा गया था। जब उन्हें जेल भेजा गया था तब उसमें उनका पता लिखा हुआ था। ऐसे में उन्होंने जेल जाने वाले दस्तावेजों को प्रस्तुत कर यहां अपना कब्जा बताया। इन्हें दो माह पहले ही पट्‌टा दिया गया था।

डीएफओ से बात करूंगा तब कुछ कहूंगा

इधर पूरे मामले पर चर्चा करते हुए सीसीएफ श्रीनिवास राव ने कहा कि इस मामले में डीएफओ से जानकारी ली जा रही है। उनसे जानकारी लेने के बाद ही इस मामले में कुछ कह पाउंगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×