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घाटी के अंदर बसे मादरकोंटा और मांझीभाटा गांव में नहीं होता कोई अपराध

दरभा और इससे सटे पूरे इलाके को नक्सल प्रभावित माना जाता है। इस इलाके में बसे दो गांव ऐसे हैं जहां सालों से कोई अपराध...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:45 AM IST

दरभा और इससे सटे पूरे इलाके को नक्सल प्रभावित माना जाता है। इस इलाके में बसे दो गांव ऐसे हैं जहां सालों से कोई अपराध ही नहीं हुआ है।

इसमें सबसे खास बात यह है कि इन दो गांवों में से एक गांव तो बीहड़ में और दूसरा घाटी के नीचे बसा है। दरभा ब्लाक के दोनों गांव मादरकोंटा और मांझीभाटा ग्राम पंचायत हैं और यहां की आबादी 1-1 हजार के आसपास है। पिछले कई सालों से कोई अपराध दर्ज नहीं हुआ है न तो यहां के लोग कभी पुलिस स्टेशन पहुंचे न ही पुलिस को यहां जाने की जरूरत पड़ी।

कभी कोई विवाद हुआ तो गांव में ही मिल-बैठकर इसे सुलझा लिया गया।

32 गांवों को शामिल होना है, डिलमिली थाने में विरोध के बाद कवायद ठंडे बस्ते में

कोड़ेनार थाना क्षेत्र से अलग नए थाने के तौर पर डिलमिली थाने की शरुआत होनी है लेकिन इसका विरोध स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं। इसके लिए चार महीने पहले दिसंबर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद से थाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह थाने की स्थापना अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट के लिए जबरन जमीन अधिग्रहण करवाने के लिए की जा रही है।

दो बार पुलिस गई पर नक्सल ऑपरेशन के लिए

साल में दो-चार बार यदि पुलिस इस इलाके में गई भी तो सिर्फ नक्सली ऑपरेशन के नाम से। इन गांवों में अपराध नहीं होने की जानकारी पुलिस की उस रिपोर्ट में भी है जो नए डिलमिली थाने के स्थापना के लिए तत्कालीन कलेक्टर और एसपी ने राज्य सरकार को भेजी थी। इस रिपोर्ट में 32 गांवों में होने वाले अपराधों का पूरा लेखा-जोखा बनाकर भेजा गया था। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मादरकोंटा और मांझीभाटा गांव में कोई अपराध सालों से दर्ज नहीं किया गया है। एएसपी लखन पटले ने बताया कि ऐसे बहुत कम गांव होते हैं जहां अपराध नहीं के बराबर होते हैं। इनमें मदरकोंटा और मांझीभाटा भी शामिल है।

इन दो गांवों से लगे 32 गांवों में होते हैं हत्या, लूट, नकबजनी जैसे अपराध

मादरकोंटा और मांझीभाटा से सटे तीस गांव में अक्सर अपराध होते हैं। वर्ष 2015 में जो रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी उसमें बताया गया है कि डिलमिली गांव में ही हत्या के 4, हत्या का प्रयास 1, लूट 1, नकबजनी 1 और आर्म्स एक्ट का 1 मामला दर्ज किया गया। इसी तरह रायकोट में हत्या अपहरण, नकबजनी की वारदात होती रहती है। इसके अलावा आरापुर गांव के संबंध में जो आंकड़े दिए गए हैं उसमें बताया गया है कि इस गांव में भी हत्या के 2, चोरी के 11, नकबजनी के 16 सहित अन्य अपराध हुए हैं।

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