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बिजली बहाल करने सुबह 4 बजे तक जुटे रहे, फिर भी 350 से ज्यादा कंप्लेंट बाकी

तेज हवाएं और फिर उसके साथ मंगलवार की सुबह हुई करीब आधे घंटे की बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:45 AM IST

बिजली बहाल करने सुबह 4 बजे तक जुटे रहे, फिर भी 350 से ज्यादा कंप्लेंट बाकी
तेज हवाएं और फिर उसके साथ मंगलवार की सुबह हुई करीब आधे घंटे की बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इसके चलते 30 से अधिक जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए थे,11 केवीए के तार टूट गए थे और 40 ट्रांसफार्मरों में खराबी आ गई थी। हालांकि इतना सब कुछ होने के बाद कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों ने पावर हाउस और धरमपुरा जोन में 80 से अधिक कर्मचारियों की टीमें सुधार कार्यों में लगाई थीं। ये टीमें बुधवार की अल सुबह 4 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर सुधारने तो कहीं तारों को जोड़ने में जुटी रही।

इसके अलावा बुधवार को सुबह 8 बजे एक बार फिर ये टीमें फील्ड में काम करने के लिए निकली। दिन भर की मशक्कत के बाद शहर के 90 प्रतिशत इलाकों में सप्लाई बहाल हो गई है। बावजूद अभी भी दोनों जोन में 350 से अधिक व्यक्तिगत कंप्लेंट बाकी थीं, जिन्हें सुधारने का काम देर शाम तक चलता रहा। विद्युत वितरण कंपनी के अस्सिटेंट इंजीनियर टाउन कौशलेंद्र पांडे ने बताया कि अंधड़ से हुए नुकसान से लोगों को परेशानी हुई है। सुधार कार्यों में पूरा अमला झोंका गया है। जल्द ही अब सारी व्यवस्था ठीक हो जाएगी।

40 फीसदी से अधिक नमी की मात्रा होते ही बढ़ती है उमस फिर बस्तर में काम करता है स्थानीय प्रभाव : बस्तर में अभी भी बादलों के घेरे और कहीं कहीं बारिश के पीछे नमी की यहां अधिक मात्रा होना है। बुधवार को यहां 52 प्रतिशत नमी रिकार्ड की गई। उधर यह भी तथ्य है कि जब कहीं 40 फीसदी से अधिक नमी रिकार्ड होती है तो उमस बढ़ जाती है।

इसके चलते दोपहर को उमस का वातावरण बना रहा। महत्वपूर्ण यह है कि मौजूदा सिस्टम के अलावा बस्तर में जैसे ही दिन में ज्यादा गर्मी रहती है तो शाम ढलते ही स्थानीय प्रभाव काम करने लगता है और बारिश हो जाती है। वहीं बस्तर में अभी दक्षिणी पश्चिमी हवाएं ज्यादा चल रही हैं। इन हवाओं में नमी की मात्रा वैसे भी ज्यादा रहती है।

जगदलपुर. धरमपुरा में स्थित विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में बुधवार को प्रदर्शनकारियों से मिले डिविजनल इंजीनियर।

13.4 मिमी हुई बारिश, अभी घने बादलों के घेरे में है बस्तर

इधर एक तरफ शहर में बिजली की व्यवस्था सुधारने में माथापच्ची चल रही है उधर मौसम के मिजाज में कोई खास फर्क नहीं आया है। पिछले 24 घंटे के अंदर शहर और आसपास के इलाकों में 13.4 मिमी वर्षा रिकार्ड हो चुकी है। अभी बस्तर के कई हिस्सों पर काले घने बादल मंडरा रहे हैं। इतना ही नहीं अब ओडिसा में ऊपरी हवाओं में चक्रवात बन गया है। बंगाल की खाड़ी से पहले से ही नमी आ रही थी। अब ओडिशा से भी यही स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिक आरके सोरी ने बताया कि गुरुवार की शाम तक मौसम की मौजूदा स्थिति में कोई फर्क नहीं आने वाला।

चरमराई बिजली की व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

अंधड़ के बाद चरमराई बिजली की व्यवस्था के विरोध में बुधवार को युकां के पूर्व प्रदेश महासचिव साकेत शुक्ला के साथ कार्यकर्ता धरमपुरा में स्थित बिजली कंपनी के आफिस पहुंचे, जहां कुछ समय तक युवाओं ने नारेबाजी की। श्री शुक्ला ने कहा कि शहर में कई जगह बिजली गुल है,दो दिन से लोग परेशान हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करते विद्युत वितरण कंपनी के डिविजनल इंजीनियर पीएन सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण ऐसी दिक्कत आई है। बुधवार रात तक शहर में सभी जगह बिजली की सप्लाई सुचारू हो जाएगी। प्रदर्शन में संदीप जोशी, अजय बिसाई, संदीप सिंह, सूरज श्रीवास्तव, गोपाल तीरथानी, विवेक दुबे एवं अन्य मौजूद थे।

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Web Title: बिजली बहाल करने सुबह 4 बजे तक जुटे रहे, फिर भी 350 से ज्यादा कंप्लेंट बाकी
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