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महावर की कविताओं की सादगी अलौकिकता के भ्रम से बचाती है

जगदलपुर | शहर में जन्में,पढ़े लिखे और आईएएस बने बिलासपुर के कमिश्नर त्रिलोक महावर के कविता संग्रह शब्दों से परे का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 02:55 AM IST

जगदलपुर | शहर में जन्में,पढ़े लिखे और आईएएस बने बिलासपुर के कमिश्नर त्रिलोक महावर के कविता संग्रह शब्दों से परे का लोकार्पण रविवार को बिलासपुर में हुआ। इसमें उन्होंने अपनी कविताओं का पाठ किया। जिस पर भाल चंद जोशी ने कहा कि महावर की कविताओं की सादगी अलौकिकता के भ्रम से बचाती है। वहीं राम कुमार तिवारी ने कहा कि कविता की अनुभूति, सोच की अभिव्यक्ति पाठक से सीधे रिश्ता बनाती है जबकि सुजीत सक्सेना ने कहा कि कविताएं जीवन के साहचर्य और यथार्थ मुठभेड़ की कविताएं हैं। जिनमें जीवन का परिमल व्याप्त है। प्रसिद्ध कवि तेजिंदर का मानना है कि महावर की दृष्टि मौन है और यथार्थ की गहराइयों को उकेरती है। इस मौके पर सतीश जायसवाल, महेंद्र गगन, संजीव बख्शी, विजय सिंह, विजय राठौर मौजूद थे।

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