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शिक्षक बना, फिर सीआईएसएफ में भी नौकरी दोबारा पढ़ाने लगा, अब नक्सली होने का शक

मारडूम पुलिस ने रायगोंदी से दो लोगों को नक्सली सहयोगी होने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:00 AM IST

शिक्षक बना, फिर सीआईएसएफ में भी नौकरी 
दोबारा पढ़ाने लगा, अब नक्सली होने का शक
मारडूम पुलिस ने रायगोंदी से दो लोगों को नक्सली सहयोगी होने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से एक पंचायत शिक्षक है और दूसरा गांव का पटेल है। दोनों पर आरोप है कि ये गांव वालों से मारपीट करते हैं और गांव के लोगों को कहते हैं कि नक्सलियों की खबर पुलिस को देते हो। ऐसी ही एक शिकायत राजमन कश्यप ने मारडूम थाना में दर्ज करवाई थी जिसमें कहा गया था कि गांव में बैठक कर पंचायत शिक्षक मंजलू नेताम और पटेल गोवर्धन कश्यप द्वारा नक्सलियों की खबर पुलिस तक देने का आरोप लगाकार मारपीट की गई है। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षक पर आरोप है कि शिक्षक नौकरी करते-करते वह सीआईएसफ में भर्ती हुआ, दिल्ली मेट्रो में 4 साल नौकरी की। वहां से लौटा और फिर से शिक्षक बन गया । और अब नक्सलियों का सहयोगी होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

इधर पुलिस ने जिस पंचायत शिक्षक को गिरफ्तार किया है उसके साथ एक रोचक और बेहद गंभीर कहानी जुड़ी हुई है। पुलिस अभिरक्षा में शिक्षक मंजलू नेताम ने बताया कि वह कई सालों से बतौर पंचायत शिक्षक गांव में तैनात हैं लेकिन वर्ष 2013 में अचानक ही वह दिल्ली चला गया। यहां वह सीआईएसएफ में भर्ती हुआ। इसके बाद बतौर सिपाही उसकी पोस्टिंग दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में हुई। यहां वह वर्ष 2016 तक नौकरी करता रहा।

इसके बाद घर वालों ने दबाव बनाया तो वह वापस गांव आ गया। चूंकि उसने पंचायत शिक्षक के पद से इस्तीफा नहीं दिया था, ऐसे में उसे दोबारा पोस्टिंग मिल गई और वह फिर से शिक्षक बन गया। शिक्षक की इस कहानी के बाद पुलिस अफसर भी सकते में हैं। एएसपी लखन पाटले ने बताया कि शिक्षक सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था या नहीं यह पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली में वह किन लोगों के साथ और जब बतौर जवान वह दिल्ली मेट्रो में काम कर रहा था, तब उसके संबंध नक्सलियों से थे या नहीं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर दिल्ली पुलिस से भी मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षक गांव में रहकर नक्सलियों के खाने-पीने का इंतजाम, रसद की व्यवस्था करवाना जैसे काम करता था।

जगदलपुर. दोनों गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस अफसर।

शिक्षक मंजलू बाेला-नक्सलियों से मेरा कोई संबंध नहीं गांव के ही लोगों ने झूठा आरोप लगाकर फंसा दिया है

इधर शिक्षक मंजलू का कहना है कि वह नक्सली सहयोगी नहीं है। गांव में कुछ लोगों से उसकी रंजिश थी ऐसे में उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है। हालांकि यह रंजिश किसलिए थी, इस सवाल का जवाब देने से पहले ही उसे जेल भेजने के लिए पुलिसकर्मी लेकर निकल गए।

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