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बालियां निकलीं पर बारिश से बढ़ोतरी रुकी

कोपरा कौंदकेरा नवापारा| रोज शाम ढलते ही आंधी तूफान व बारिश के चलते अंचल की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। ब्लॉक के 7792...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:00 AM IST
कोपरा कौंदकेरा नवापारा| रोज शाम ढलते ही आंधी तूफान व बारिश के चलते अंचल की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। ब्लॉक के 7792 हेक्टेयर में से 500 एकड़ में रबी धान की बुआई की गई। बालियां निकल आने के बाद बदले मौसम के कारण फसल का विकास रुक गया है। इसके कारण अंचल के किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई हैं। किसानों का कहना है कि बदरा के कारण धान की गुणवत्ता में कमी आएगी और उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा।

मेधावी साहू, माखन साहू, धनी ध्रुव, नरोत्तम ध्रुव, श्याम साहू, होमन साहू, गिरधारी पटेल आदि किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश व आंधी तूफान से धान की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। आंधी तूफान से अधिकतर खेतों के धान की फसल लेट गई है। बादल व बारिश से धान की फसल में तनाछेदक, भूरा माहो आदि बीमारी लग गई हैं। इनपर कीटनाशक छिड़काव के बाद भी कोई असर नहीं हो रहा है। धान में अत्यधिक बदरा होने का अनुमान है, जिससे धान की बाली में बदरा आने की ज्यादा संभावना है।

खेतों में पोटाश डालने की सलाह : वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि धान की बाली में दूध नहीं भरा रहा है। इसका मुख्य कारण फसल में पोटाश की कमी है। किसानों को खेतों में पोटाश का छिड़काव अनिवार्य रूप से करना चाहिए।

कौंदकेरा नवापारा. भूरा माहो व झुरसा रोग का दुष्प्रभाव दिखाते किसान

कीट प्रकोप, 5 एकड़ में 15 हजार की दवा बेअसर

कौंदकेरा के किसान नोहर साहू, ईश्वर साहू, तोमकुमार साहू, राधे यादव, मिथिलेश साहू, कोमल घोघरे ने बताया कि रोज मौसम की मार से तना छेदक, झुलसा व माहो का प्रकोप बढ़ रहा है। इस पर रासायनिक व कृषि दवाई का प्रभाव असरहीन साबित हो रहा है। इसके कारण किसान चिंतित हैं। जगदीश्वर साहू ने कहा कि 5 एकड़ की खेत में लगाए धान में 15 हजार रुपए की कीटनाशक दवाई का डाल चुके हैं, जो बेअसर रहा।