Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» बर्खास्त कार्यकर्ता-सहायिका के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

बर्खास्त कार्यकर्ता-सहायिका के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के हड़ताल का एक माह पूरा हो गया लेकिन शासन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:10 AM IST

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के हड़ताल का एक माह पूरा हो गया लेकिन शासन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कार्यकर्ताओं ने मांग के समर्थन और शासन के विरोध के लिए कई तरीके अपनाए और भीख तक मांगी लेकिन असर नहीं हुआ। शासन ने भी हड़ताल समाप्त करने के लिए कई तरीके अपनाते हुए बर्खास्तगी की भी कार्रवाई की गई लेकिन कार्यकर्ता भी हड़ताल खत्म करने तैयार नहीं हैं।

सोमवार से परियोजना पखांजूर में बर्खास्त की गई 44 कार्यकर्ताओं के पद के विरुद्ध भर्ती प्रकिया शुरू कर दी गई और सभी पदों के लिए आवेदन मंगा लेने से कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। कार्यकर्ताओं ने इसे डराने का नया पैंतरा बताते हुए कहा कि बर्खास्तगी का असर नहीं होने पर अब नई भर्ती शुरू करने का डर दिखाया जा रहा है। कार्यकर्ता पीछे हटने वाली नहीं हैं। हड़ताल से क्षेत्रभर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं, जिससे नौनिहालों को गर्म भोजन सहित पूरक पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। गर्भवती माताओं को भी पोषक भोजन नहीं मिल पा रहा। माहभर से बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा है।

परियोजना में आया दूध हड़ताल के कारण पड़ा है। पखांजूर परियोजना की प्रभारी महिला बाल विकास अधिकारी पुष्पलता नायक ने बताया अफसरों के आदेश के बाद वर्तमान में 44 कार्यकर्ता को बर्खास्त किया गया है। उन्हीं पदों में भर्ती प्रकिया शुरू की गई है। इसके बाद भी कार्यकर्ता अगर केंद्रों में वापस नहीं आए तो बर्खास्तगी कार्रवाई तेज करते हुए उन पदों में भी भर्ती शुरू कर दी जाएगी।

सभी पदों के लिए आवेदन मंगा लेने से कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया

न पहले डरे हैं न अब डरेंगे

शासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए बर्खास्त हो चुकीं पखांजूर परियोजना की अध्यक्ष मोनिका साहा ने कहा उन्हें बर्खास्त करने का जैसे आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा। वैसे ही नई भर्ती शुरू करने का भी कोई असर नहीं पड़ेगा। शासन की कार्रवाई से न पहले डरे हैं और न अब डरेंगे। उन्होंने कहा नारी शक्ति के सामने बड़ों-बड़ों की नहीं चली है तो शासन कब तक टिक पाएगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×