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12 से ज्यादा गांवों में लगे ईंट भट्ठे, पानी लकड़ी और मिट्टी की अवैध खपत जारी

वन परिक्षेत्र बिलाईगढ़ के अंतर्गत अनेक वन ग्रामों में दर्जनभर से अधिक भट्ठों में ईंट बनाने का गोरखधंधा जोर-शोर से...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:20 AM IST

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    वन परिक्षेत्र बिलाईगढ़ के अंतर्गत अनेक वन ग्रामों में दर्जनभर से अधिक भट्ठों में ईंट बनाने का गोरखधंधा जोर-शोर से बेखौफ चल रहा है, जिसके कारण प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। एक ओर जहां अंधाधुंध पेड़ काटे जा रहे हैं, वहीं मिट्टी के लिए जमीनों को खोखला किया जा रहा है। ईंटों के निर्माण में पानी बहाने से वनांचल के जल स्रोत भी सूखने के कगार पर हैं। जिम्मेदार अफसरों को यह भट्ठे नजर ही नहीं आते, उन्हें शिकायत मिलने का इंतजार है।

    ग्राम खैरझिटी, अर्जुनी, भंडारा, मेलुहा, सलिहा ,कुकरिकोना, सुरगुली, सूती उरकुली, पंडरी पानी, नवापारा ,बोड़ा, पिरदा,परसा पाली, गरडीह, प्रतापगढ़ आदि वन क्षेत्र में ईंट बनाने का अवैध कारोबार बेधड़क जारी है। क्षेत्र में कई ग्रामों में वन प्रबंधन समिति गठित है। इनके अध्यक्ष संबंधित ग्रामों के व सचिव विभाग से जुड़े होते हैं। ऐसा नहीं है कि इन्हें इन बातों की जानकारी नहीं है, इनकी मौन स्वीकृति से ही ईंट बनाने का गोरखधंधा तेजी से पनपा रहा है। साथ ही विभागीय कर्मचारियों के द्वारा ईंट को पकाने के लिए कोयला एवं भूसी का पूरा उपयोग करने की बात कही जा रही है, जबकि क्षेत्र में हकीकत कुछ और ही है। ईंट पकाने के लिए अवैध रूप से लकड़ी काटकर जलाई जा रही है।

    ईंट बनाने वनांचल के जलस्रोतों का दुरुपयोग : बताया जा रहा है कि इन भट्ठों में ईंट बनाने के लिए वनांचल के जलस्रोतों से बड़ी मात्रा में पानी का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे का पानी भट्ठा में उपयोग करने से जलस्रोत सूखने लगे हैं, इससे जंगली जानवर गांवों की तरफ रुख करने लगे हैं। अभी 10 दिन पूर्व ही एक हिरण पानी की तलाश में जंगल से भटककर ग्राम कुकरीकोना पहुंच गया था, जिसे कुत्तों ने नोच कर मार डाला था। मई-जून में और हालात बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

    बिलाईगढ़. गांवों के भट्ठों में ईंट बनाने का गोरखधंधा जोर-शोर से बेखौफ चल रहा है।

    ईंट भट्ठे का कोई प्रकरण आया ही नहीं

    वन परिक्षेत्र अधिकारी जेपी जायसवाल ने बताया कि यह राजस्व का मामला है हमारे पास ईंट भट्ठे का कोई प्रकरण नहीं आया है, जितने भी ईट भट्ठे हैं वह सभी भूसी व कोयले से पका रहे हैं। जंगल से लकड़ी काटने पर कार्यवाही करते हैं। कुछ जगह लकड़ी जब्त की हैं। रही बात पानी सूखने का तो इसमें तो परेशानी होगी ही। वन परिक्षेत्र बिलाईगढ़ सलिहा सर्किल डिप्टी रेंजर केआर अग्रसर ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ईंट भट्ठे से दो-तीन छत्ता लकड़ी जब्त करने की कार्यवाही विगत डेढ़ माह पूर्व की थी। इसी तरह एसडीएम एएस पैकरा ने बताया कि ईंट भट्ठे का अवैध कारोबार करने वालों पर इस साल कार्रवाई नहीं हुई है, आप बता रहे हैं तो मैं पटवारियों से रिपोर्ट मंगाकर ध्यान देता हूं।

    अंधाधुंध लकड़ी की कटाई जारी है।

    मोटर पंप से ऐसे खींचा जा रहा पानी।

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