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पीएम आवास योजना : 45 हजार आवेदकों में से 6 हजार ही पात्र, 80% को मकान खरीदने हाउसिंग बोर्ड व आरडीए भेजा

रायपुर

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:30 AM IST
पीएम आवास योजना : 45 हजार आवेदकों में से 6 हजार ही पात्र, 80% को मकान खरीदने हाउसिंग बोर्ड व आरडीए भेजा
रायपुर
डीबी स्टार को शिकायत मिली कि पीएम आवास के मकान आवेदकों को नहीं मिल रहे है। टीम ने इसकी पड़ताल की, तब खुलासा हुआ कि जिले के 45 हजार से ज्यादा लोगों ने आवास लेने के लिए आवेदन किया। इनमें से ज्यादातर आवेदकों को नगर निगम के जिम्मेदारों ने अपात्र कर दिया है, जबकि 70 फीसदी लोगों ने जरूरी दस्तावेज भी निगम को दिए थे। बावजूद इसके पात्रता सूची से हटा दी गई। वहीं पहले आवेदनकर्ता को 65 हजार रूपए शुल्क मकान लेने के लिए जमा करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें 75 हजार रूपए जमा करना पड़ेगा। इसी राशि 10 हजार रूपए बढ़ा दी गई है। लिहाजा पीएम आवास नहीं मिलने पर निगम के जिम्मेदार आवेदकों को आरडीए व हाउसिंग बोर्ड का मकान लेने के लिए भेज रहे है।

अगले तीन साल में एक लाख से ज्यादा मकान बनाने का दावा, सच्चाई यह कि आधा दर्जन प्रोजेक्ट का काम 20 फीसदी ही हुआ

पीएम आवास के लिए पहली किस्त ही समय पर मिल रही, दूसरी किस्त मिलने में हो रही देर

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए मकान लेने 45 हजार से ज्यादा आवेदन आए, उसमें से 6 हजार आवेदन के आवेदक ही पात्र मिले। इसके अलावा केंद्र ने आवेदकों से लेने वाली राशि में एक हजार रुपए बढ़ोतरी कर दी है। इतना ही नहीं, अब 80 फीसदी आवेदकों को मकान खरीदने के लिए आरडीए व हाउसिंग बोर्ड भेजा जा रहा है।

आवेदकों में सबसे ज्यादा किराएदार

दरअसल, किराए के मकान में रहने वालों को पीएम आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जमीन नहीं होने की वजह से पहले प्रोजेक्ट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरे प्रोजेक्ट में भी प्लैट के लिए दस्तावेज पूरे जमा नहीं कर पा रहे है। वहीं जिनके पास दस्तावेज है, उन्हें भी फ्लैट नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से पात्र आवेदक भी परेशान हो रहे है।

करीब 40 हजार लोगों को नहीं मिला मकान

नगर निगम में 40 हजार आवेदन आए थे, उनमें से अधिकतर को न ही जमीन पर मकान बनाने के लिए राशि का आबंटन किया जा रहा है, न ही उन्हें सब्सिडी दी जा रही है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ आवेदकों का आवेदन ही नहीं लिया जा रहा है।

दूसरी किस्त की राशि नहीं मिल रही

तीन किश्तों में आवेदकों को मकान बनाने के लिए राशि का आंबटन करना है। उसमें से दूसरी किश्त की राशि आवेदकों को नहीं मिल रही है। जिसकी वजह से आधे काम होने के बाद रूक गए है। आधे काम रूकने की वजह से मकान बनाने में देर हो रही है। वहीं फ्लैट बनाने के मामले में भी आधा-अधूरा ही काम हो पाया है।

पात्र होने के बावजूद इन्हें कर दिया गया अपात्र

बीपीएल होने के बाद भी आवेदन कर दिया रिजेक्ट

श्यामलाल ध्रुव काठाडीह के रहने वाले है। इन्होंने पीएम आवास के लिए आवेदन किया। इनका नाम पेंशन योजना में नहीं जुड़ा हुआ था, जबकि बाकी जरूरी दस्तावेज जमा किए हुए थे। पेंशन योजना के अलावा बीपीएल कार्ड होने के बावजूद पात्रता सूची से नाम हटा दिया गया।

दस्तावेज दिए मकान नहीं मिले

मुजगहन की रहने वाली उर्मिला ने पीएम आवास लेने के सारे दस्तावेज जमा किए,लेकिन उन्हें सूची से हटा दिया गया। उन्हें दस्तावेज जमा करने के बावजूद आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जांच की जाएगी

 इस मामले की जानकारी नहीं थी। इस मामले की जांच की जाएगी और हितग्राहियों को समय पर राशि का आंबटन नहीं होने पर भी कार्रवाई होगी। रजत बंसल, कमिश्नर, ननि

ऐसे समझें,आवेदकों को क्या होगा नुकसान...

पीएम आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख से ज्यादा मकान का निर्माण 10 से ज्यादा स्थानों पर बनाया जाएगा। इसके अलावा जिनके पास जमीन है, उन्हें भी मकान बनाने के लिए दो लाख रूपए से अधिक दिए जाएंगे। वहीं दूसरा प्लान ऐसे है कि उसमें मकान का निर्माण कराकर नगर निगम की देगा। इसके एवज में आवेदकों को 75 हजार रूपए जमा करना पड़ेगा।

ये होगा नुकसान

इधर, निगम आवेदकों को हाउसिंग बोर्ड व आरडीए के मकान लेने के लिए भेज रहा है। इन मकानों के रेट 7 से 15 लाख रूपए तक है। ऐसे में गरीब लोग पीएम आवास योजना के लिए तय किए गए राशि भी जमा नहीं कर पा रहे है। उधार व लोन लेकर शुल्क जमा कर रहे है।

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