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आंखों में काजल लगवाकर भगवान ने देखा आईना, 14 दिन के बाद भक्तों को दिए दर्शन

कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर राजधानी में आज जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी। इसमें भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 03:10 AM IST

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    कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

    राजधानी में आज जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी। इसमें भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को शहर के गायत्री नगर, टूरी हटरी, सदर बाजार स्थित मंदिर में भगवान का नेत्र उत्सव मनाया गया। 14 दिन तक अनसर काल में रहने के बाद भगवान ने स्वस्थ होकर भक्तों को दर्शन दिए। परंपरा के अनुसार उन्हें काजल लगाकर आईना दिखाया गया। इसके साथ ही भगवान के स्वस्थ हो जाने की खुशियां मनाई गईं। इस साल शहर का सबसे बड़ा रथ 16 फीट का होगा। यह रथ अवंति विहार स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकाला जाएगा।

    भगवान बलभद्र और सुभद्रा के लिए भी रथ बनवाए गए हैं। ये दोनों रथ भी 16-16 फीट के होंगे। गायत्री नगर जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा का प्रभार देख रहे पुरंदर मिश्रा ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर करवाया गया है। यही वजह है कि यह मंदिर शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक है। भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ 14 जुलाई को भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे। रथयात्रा बीटीआई ग्राउंड तक निकाली जाएगी। 5 साल बाद रथ बदले गए हैं। ओडिशा के कारीगरों से 16-16 फीट के तीन रथ तैयार करवाए गए हैं।

    राज्यपाल और सीएम पूरी करेंगे छेरा पहरा की रस्म

    गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में राज्यपाल बलरामजी दास टंडन और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सोने की झाडू से भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे बढ़ने के लिए छेरा पहरा करेंगे। इसके अलावा ओडिशा का नृतक दल, शंखनाद, संकीर्तन और मंडलियों द्वारा पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति रथयात्रा का मुख्य आकर्षण रहेंगे।

    शहर में 10 जगहों से निकलेगी प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा

    शहर में दस जगहों से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलेगी। इस बार भी शहर के मालवीय रोड और जयस्तंभ चौक से रथ नहीं गुजरेगा। रथयात्रा पुरानी बस्ती, कंकाली तालाब से तात्यापारा होकर जाएगी। इन रास्तों में यातायात को दूसरे रास्तों में परिवर्तित किया जाएगा। कुछ देर के लिए इस मार्ग पर आवागमन बंद रहेगा। सभी मार्गों पर फोर्स तैनात किया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न हो। पुलिस अफसरों के मुताबिक जिला प्रशासन ने जयस्तंभ के चारों ओर मालवीय रोड, सदरबाजार, एमजी रोड और जीई रोड के कुछ हिस्से में रैली, जुलूस और प्रदर्शन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है। इसलिए वहां रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी गई। रथयात्रा वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाएगा। रथयात्रा ओसीएम चौक, महिला थाना, निगम मुख्यालय, सप्रे शाला रोड, बूढापारा, पुरानी बस्ती, कंकाली तालाब, तात्यापारा, रामसागर पारा, तेलघानी नाका, फाफाडीह, शास्त्री चौक और मोती बाग में निकाला जाएगा।

    डीकेएस से उत्कल घसिया समाज निकालेगा रथयात्रा

    उत्कल विकास मंच रथयात्रा का करेगा स्वागत

    उत्कल विकास मंच मधुसूदनदास चौक में प्रसाद वितरण करते हुए रथयात्रा का स्वागत करेगा। उत्कल विकास मंच के अध्यक्ष दानीराम नायक और मधुसूदनदास फाउंडेशन के अध्यक्ष गाेपाल बाघ ने बताया कि अस्पताल वार्ड परिसर से आने वाली रथयात्रा का जोरदार स्वागत किया जाएगा। इस दौरान भगवान की पूजा-अर्चना करते हुए प्रसाद बांटा जाएगा।

    उत्कल घसिया समाज और रथयात्रा समिति डीकेएस अस्पताल परिसर से रथयात्रा निकलेगी। समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र नायक ने बताया कि परंपरागत तरीके से समाज के बुजुर्ग महाप्रभु को रथ में विराजित करेंगे। यात्रा परिसर से हाेते हुए मोतीबाग चौक, नलघर चौक, मधुसूदनदास चौक, कालीबाड़ी चौक, बिजली ऑफिस चौक से व्हाइट हाउस मार्ग होते हुए वापस मोतीबाग चौक के संकटमोचन मंदिर में भगवान विराजेंगे।

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