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राजधानी पुलिस का फोकस प्राॅपर्टी धोखाधड़ी पर चोरी-लूट और मर्डर के दो दर्जन बड़े मामले पेंडिंग

बिहार, उत्तरप्रदेश से लेकर बांग्लादेश से बड़े अपराधियों को पकड़कर लाने वाली राजधानी पुलिस इन दिनों सिर्फ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:15 AM IST

राजधानी पुलिस का फोकस प्राॅपर्टी धोखाधड़ी पर चोरी-लूट और मर्डर के दो दर्जन बड़े मामले पेंडिंग
बिहार, उत्तरप्रदेश से लेकर बांग्लादेश से बड़े अपराधियों को पकड़कर लाने वाली राजधानी पुलिस इन दिनों सिर्फ प्रॉपर्टी के फ्रॉड केस में उलझ कर रह गई है। छह महीने के भीतर रायपुर पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के डेढ़ सौ से ज्यादा मामले में कार्रवाई की है। जबकि शहर में हुए हत्या और लूट के दो दर्जन से ज्यादा केस अब तक पेंडिंग पड़े हुए हैं। जमीन मामलों में दूसरे प्रदेशों से आरोपियों को पकड़कर लाया जा रहा है लेकिन खरोरा में नाबालिग और महिला के दोहरे हत्या से लेकर सिलतरा में फैक्ट्री में घुसकर लूटपाट के दो मामलों को अब तक नहीं सुलझाया गया है। अब तक बड़े मामलों में लगने वाली क्राइम ब्रांच भी जमीन ठगी को लेकर लगी हुई है। साइबर क्राइम और ऑनलाइन ठगी जैसे कई मामले में भी पेंडिंग पड़े हैं।

राजधानी में इन दिनों बड़े मामलों के खुलासे न के बराबर हो रहे हैं। जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे जमीन के कारोबार से जुड़े दलालों और आरोपियों की धरपकड़ भी हो रही है। लेकिन संगीन अपराधों को लेकर पुलिस की जांच और पड़ताल अब ठंडे बस्ते में है। पुलिस अफसरों का दावा है कि सभी तरह के मामलों की जांच चल रही है। इसकी अलग-अलग टीम लगी है। आरोपी पकड़े जाएंगे।

साइबर क्राइम के कई पुराने केस में अब तक नहीं पकड़े गए हैं आरोपी

पुराने मामले अब ठंड बस्ते में

एसएसपी अमरेश मिश्रा ने रायपुर की कमान संभालने के बाद दावा किया था कि जो पुराने मामले है। उसे सुलझाना और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन चर्चित छछानपैरी, बोथरा हत्याकांड, नया रायपुर गोली कांड, कविता नगर में बुजुर्ग को बंधकर बनाकर लूट और सेजबहार में पूर्व सरपंच प|ी की हत्या जैसे कई बड़े मामले अब तक पेडिंग है। इसमें से किसी भी मामले में पुलिस सफलता नहीं मिली है। इनकी फाइले भी अब डंप कर दी गई हैं।

चोरी समेत 30 केस अनसुलझे

शहर में लगातार चोरी की घटना हो रही है। पिछले महीने पॉश इलाकों में से एक स्वर्णभूमि कॉलोनी में दिनदहाड़े एक कारोबारी के घर चोरी हुई है। इस मामले में पुलिस अब तक कोई क्लू नहीं जुटा पाई है। इसी तरह टिकरापारा, समता कॉलोनी, शिवानंद नगर, सड्डू, न्यू शांति नगर में बड़ी चोरी की घटनाएं पेडिंग हैं। 30 से ज्यादा मामलों में पुलिस आरोपियों को ट्रेस नहीं कर पाई है।

सभी मामलों की जांच हो रही है

क्राइम ब्रांच का काम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करना हैं। यहां सभी तरह के मामले देखे जाते है। धोखाधड़ी के साथ लूट, हत्या और चोरी समेत सभी मामलों की जांच निरंतर चल रही है। सभी केस में टीम लगाई गई हैं, जिसमें आरोपी पहले ट्रेस होते हैं, उन्हें पकड़ा जाता है। यहां कभी जांच बंद नहीं होती है। - अभिषेक महेश्वरी, डीएसपी क्राइम

करोड़ोंं की ठगी वाले भी बाहर

करोड़ों की ठगी करने वाले अारोपी पुलिस की पकड़े से दूर हैं। उनके खिलाफ नामजद केस दर्ज है। इसमें मेडिकल कारोबारी नवजीत सिंह टूटेजा उर्फ बिट्टू, चार पहिया गाड़ी की मॉडीफाइड करने वाले डीसी कंपनी के संचालक दिलीप सिंह छाबड़ा, नगर सेठ के नाम से चर्चित विमल जैन के बेटा, बेटी और भाई समेत एक बड़े होटल के मालिक शामिल है। चिटफंड कंपनी के कई मालिक अब भी फरार है, जबकि उनके दिल्ली और चंड़ीगढ़ में छिपे होने की खबर पुलिस के पास भी है।

नया रायपुर मर्डर का आरोपी फरार, और भी अटके

3 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा की फैक्ट्री में दिनदहाड़े घुसकर तीन लोगों ने 5 लाख की लूट की। लुटेरों ने सुरक्षा गार्ड को गोली मार दिया था। घटना के दिन और उसके एक दिन पहले लुटेरों का फुटेज भी मिला, लेकिन अब तक चार महीने बीत गए गए, आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ पाई है।

10 मार्च की रात नया रायपुर में आईएएस अफसर के भाई वरुण कौशल आैर उसके तीन साथियों ने इंजीनियर तुहीन मलिक की चाकू मारकर हत्या की। ओवरटेक को लेकर आरोपियों ने बीचबचाव करने वाले तुहीन का मर्डर कर दिया। पुलिस अब तक वांटेड अारोपी वरुण और उसके साथी को नहीं पकड़ पाई है।

30 मार्च को सिलतरा में बीच रास्ते में रोककर पेटी कांट्रेक्टर नरेंद्र सिंह से डेढ़ लाख लूट लिए गए। एक बाइक में दो युवक पीछे से आए और मारपीट करके बैग छिन लिया। दोनों बेरला की ओर भाग निकले। इस मामले में पुलिस अब तक क्लू तक नहीं जुटा पाई है। अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

30 अप्रैल को खरोरा के नजदीक एक गांव में एक महिला और 14 साल के लड़का की जली हुई लाश मिली थी। लाश मिलने से हड़कंप मच गया था। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे, लेकिन आपस में दोनों का कोई संबंध नहीं था। ढाई महीने से पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

28 जून को डीडी नगर में एक रिटायर्ड अफसर के मोपेड से 1 लाख चोरी करने वाले का भी पुलिस अब तक क्लू नहीं जुटा पाई है। अफसर पैसे निकालकर बैंक से घर पहुंचे थे। डिक्की में पैसे रखे और भीतर चले गए। पांच मिनट के अंदर पैसे गायब हो गए। इसमें भी पुलिस खाली हाथ है।

11 फरवरी को शहर के आउटर के तीन मोबाइल दुकानों में दो घंटे के भीतर 20 लाख से ज्यादा की चोरी की गई। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली के एक युवक को मोबाइल खरीदने के जुर्म में गिरफ्तार किया था। उससे भी पुलिस हैंडसेट नहीं बरामद कर पाई। चोरी के आरोपियों को अब तक नहीं पकड़ा गया है।

4 जून को सीडी कांड के संदेह में घिरे कारोबारी रिंकू खनूजा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। इस मामले में भी पुलिस इनवेस्टीगेशन कर रही है। अब तक इसकी जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस ने कुछ लोगों का ही इसमें बयान लिया है।

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