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सांसारिक चीजों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं इसलिए जीवन में नहीं मिल रही शांति

कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर हमने अपने जीवन के केन्द्र में संपत्ति वैभव और सांसारिक वस्तुओं को स्थान दे रखा है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:15 AM IST

सांसारिक चीजों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं इसलिए जीवन में नहीं मिल रही शांति
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

हमने अपने जीवन के केन्द्र में संपत्ति वैभव और सांसारिक वस्तुओं को स्थान दे रखा है इसलिए जीवन में पवित्रता और शांति नहीं आ रही है। अगर आत्म कल्याण चाहते हैं तो परमात्मा को अपने हृदय से स्थान दीजिए। उस विराट शक्ति का साक्षात्कार करिए। यह बातें जैनाचार्य श्री विजयकीर्तिचंद्र सूरेश्वर ने गुरुवार को नाकोड़ा भैरव सोसायटी स्थित श्री विमलनाथ जैन मंदिर में कही। आचार्यश्री ने आगे कहा कि हम परमात्मा को सर्वशक्तिमान और सर्वत्र मानते हैं। उनमें तीनों लोक की समस्त जीवात्माओं को पवित्र करने का सामर्थ्य है। हम परमात्मा का लगातार चिंतन, मनन, उसकी प्रतिकृति का अवलोकन, स्तवन और भजन सब करते हैं। फिर भी पवित्रता का अनुभव नहीं करते हैं। अगर कोई कहता है कि वह पवित्रता का अनुभव करता है तो फिर सवाल उठता है कि कितने प्रतिशत पवित्रता का अनुभव करता है क्या संपूर्ण पवित्रता का अनुभव करता है। अगर कोई संपूर्ण पवित्रता का अनुभव करता है तो झलकता क्यों नहीं है क्योंकि उसके पवित्र होने से विराट शक्ति उत्पन्न होनी चाहिए। ऐसा नहीं हो रहा है आखिर क्यों। आचार्यश्री ने कहा कि कितने सालों से हम पूजा कर रहे हैं, भगवान का स्मरण कर रहे हैं, माला फेर रहे हैं, स्तवन कर रहे हैं और कथा श्रवण कर रहे हैं। फिर भी हम एक अंश भी उस पवित्रता को नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि हम दर्शन कर रहे हैं चर्मचक्षु से। अंतस चक्षु से नहीं। हम नाम लेते हैं, माला फेरते हैं लेकिन मन भटकता है। हम उस परमात्मा के प्रति जितने भी कार्य करते हैं, वह बाहरी होते हैं। भीतर कुछ नहीं पहुंच रहा है। हमारी सारी प्रार्थनाएं सिर्फ ऊपरी हैं। प्रवचन में गजराज पगारिया, पुखराज मूणोत, प्रकाश चंद सुराना, देवराज सोनगरा, मंगत चंद बैद, धनराज बैद, बस्तीमल ललवानी, कमल चंद लोढ़ा, किशोर चंद झाबक, उमेद चंद गोलछा, भंवरलाल गुंदेचा, भरत सोनगरा, प्रकाश लुंकड़, कांतिलाल बैद, रूपचंद ललवानी, गिरीश मेहता और प्रवीण सोनगरा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

भैरव सोसाइटी स्थित विमलनाथ जैन मंदिर में सुबह की धर्मसभा में प्रवचन करते आचार्य विजय।

सदर बाजार में आज प्रवचन |शुक्रवार को आचार्यश्री सुबह 6 बजे अपने साधु-साध्वियों के साथ पदविहार करते हुए सदर बाजार जैन मंदिर पहुंचेंगे। जहां देव वंदन के बाद उनका प्रवचन होगा।

14 को भव्य प्रवेश जुलूस, देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु

चातुर्मास आयोजन समिति के प्रचार प्रसार अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ललवानी ने बताया कि 14 जुलाई को सदरबाजार जैन मंदिर से 7.30 बजे से भव्य चातुर्मास प्रवेश जुलूस निकलेगा, जो कोतवाली चौक, कालीबाड़ी , बैरनबाजार होते हुए विवेकानंद नगर स्थित श्री संभवनाथ मंदिर पहुंचेगा। इसके बरघोड़ा में भाग लेने के लिए राजस्थान,गुजरात, मुंबई, बैंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद से 100 से ज्यादा श्रद्धालु गुरुवार को यहां पहुंचे। 300 श्रद्धालुओं के और पहुंचने की सूचना है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से लगभग 500 और स्थानीय जैन समाज के श्रद्धालु इस जुलूस मे शामिल होंगे। प्रवेश जुलूस शाही अंदाज में निकलेगा। जुलूस में सुसज्जित हाथी,घोड़ा और ऊंट रहेंगे। बस्तर का आदिवासी नृत्य, बड़नगर मध्यप्रदेश की बैंडपार्टी, वीरमगांव गुजरात के शहनाई वादक और विशेष बग्घी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।

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