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पायलट को 1200 मीटर दूर से ही दिखेगा रनवे, बंद पड़ी मशीन शुरू

राजधानी में घने कोहरे और अंधेरे के दौरान भी अब आसानी से लैंडिंग हो सकेगी। रायपुर एयरपोर्ट में 5 मार्च से 13 जुलाई तक...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 03:15 AM IST
राजधानी में घने कोहरे और अंधेरे के दौरान भी अब आसानी से लैंडिंग हो सकेगी। रायपुर एयरपोर्ट में 5 मार्च से 13 जुलाई तक बंद पड़े आईएलएस (इंस्टूमेंटल लैंडिंग सिस्टम) को फिर से अपडेट करने के साथ शुरू कर दिया गया है। नई मशीन के अपडेट होने के बाद पायलट को 1200 मीटर दूर से भी रनवे साफ दिखाई देगा। खासतौर पर मौसम खराब होने पर यह सिस्टम बेहतर तरीके से काम करेगा। अभी तक 2000 मीटर पर मौसम साफ होने पर रनवे दिखाई देता था, लेकिन नई मशीन शुरू होने के बाद 1200 मीटर से भी रनवे दिखाई देगा।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार रनवे विस्तार का काम होने की वजह से मशीन को रनवे से हटाया गया था, लेकिन अब रनवे का काम पूरा होने के बाद फिर से इसे लगाया गया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर राकेश आर सहाय ने बताया कि 3258 मीटर लंबाई वाले रनवे का काम पूरा हो गया है। अब यह किसी भी तरह के विमान आसानी से उतर सकेंगे। रनवे विस्तार के बाद बाउंड्रीवॉल और दूसरे कामों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके बाद एयरपोर्ट विस्तार के प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। एयरपोर्ट को हाईटेक करने के लिए इसी हफ्ते विमानों को पार्किंग की जगह पर ले जाने वीडीजीएस (विजुअल डॉकिंग एंड गाइडेंस सिस्टम) से लैस मशीन लगाई गई है। यह मशीन विमान के लैंड होने के बाद 20 मीटर पहले ही पायलट को सिग्नल देने का काम शुरू कर देती है। पायलट इससे जान सकेगा कि उसे विमान को कब रोककर कहां पार्क करना है। नई मशीन लगने के बाद विमान के आमने-सामने होने की समस्या भी लगभग खत्म हो जाएगा। रनवे या पार्किंग एरिया में एक भी विमान खड़ा होगा तो ये मशीन ग्रीन सिग्नल नहीं दिखाएगी।

जब तक पहला विमान वहां से हट नहीं जाता दूसरे विमान के लिए ग्रीन सिग्नल नहीं होगा।

घने कोहरे और अंधेरे में आसानी से होगी विमानों की लैंडिंग