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जून माह तक प्रतिबंध के बावजूद बोर खोदाई की देते रहे अनुमति

रायपुर

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 03:20 AM IST
रायपुर
इधर, जिला प्रशासन ने बोर खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन जून महीने में ही सबसे ज्यादा 34 बोर की खोदाई की गई। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में बोर खोदाई होने पर जांच भी नहीं की गई। जांच नहीं होने से अवैध बोर खोदाई का सिलसिलता चलता रहा। जून माह में पानी गहरे लेवल पर चला गया। फिर भी खनन का कार्य जारी रहा।

थाने में शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं

इधर, अवैध बोर खोदाई पर थाने में भी शिकायत पहुंचती है, लेकिन थाने की पुलिस भी कार्रवाई नहीं करती। पुलिस ऐसे मामलों में हाथ डालना नहीं चाहती। यहां तक कि जिला प्रशासन के जिम्मेदारों को भी सूचित नहीं किया जाता है।

अवैध बोर खोदाई के दौरान नहीं हुई कार्रवाई, हर वार्डाें से पहुंची शिकायतें

रातों-रात बोर खोदाई का चला सिलसिला, जलअभाव ग्रस्त क्षेत्रोंे में भी खोदाई

बोर खनन वाहन भी जब्त नहीं किए गए

अवैध बोर खनन होने पर वाहन जब्त करने का नियम है, लेकिन जिम्मेदारों के बीच मिलीभगत होने की वजह से खनन वाहन भी जब्त नहीं किए गए। यहां तक कि ग्रामीण इलाकों के खेतों में भी अवैध तरीके से बोर किए गए। वहां पर भी बिना परमिशन के ही बोर खोद दिए गए। इस वजह से पानी का ग्राउंड लेवल पर असर देखने को मिला। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में भी बोर की खोदाई पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका।

औद्योगिक क्षेत्रों में भी बोर खोदाई

शहरी क्षेत्रों में बोर खोदाई चोरी-छिपे किया जा रहा है, लेकिन औद्याेगिक क्षेत्रों में बोर की खोदाई पर भी रोक नहीं लगाई जा सकी। रोक नहीं लगने की वजह से औद्योगिक क्षेत्रों के पानी का लेवल भी कम होता चला गया। वहीं औद्याेगिक क्षेत्रों में एक नहीं, बल्कि दो-दाे बोर उसी परिसर में बिना परमिशन के खोदाई किया गया।