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आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन लॉक, अब एक हफ्ते में होगी लॉटरी

शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की तिथि गुरुवार को खत्म हो गई है।...

Danik Bhaskar

Jul 13, 2018, 03:20 AM IST
शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की तिथि गुरुवार को खत्म हो गई है। ऑनलाइन आवेदन के सिस्टम को लॉक कर दिया गया है। अब कोई भी आवेदन नहीं कर सकेगा। लोगाें की मांग को देखते हुए आवेदन की तिथि को शिक्षा विभाग ने बढ़ाया था, लेकिन अब इसका विस्तार नहीं होगा।

जानकारी के मुताबिक पिछले साल आरटीई के तहत साढ़े तीन हजार स्कूल की सीटें भरी थी। इस बार करीब पांच हजार आवेदन आए हैं। शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार रायपुर जिले में दो हजार से ज्यादा सीटें खाली हैं, जबकि राज्य में ये आंकड़ा पचास हजार से ज्यादा है। इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने के बाद जब कारणों की पड़ताल की गई, तब ये पता चला कि बच्चों के परिजनों ने केवल एक स्कूल का विकल्प भरा था। उस स्कूल में सीटें भर जाने के कारण बच्चों को दाखिला नहीं मिला, जबकि दूसरी ओर कई स्कूलों में एक सीट में भी किसी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया। यही वजह है कि अफसरों ने मंथन के बाद प्रवेश के लिए तारीख बढ़ाकर गुरुवार तक आवेदन करने का अवसर दिया। जिन बच्चों के परिजनों ने आवेदन में केवल एक ही स्कूल लिखा था, वे अपने आईडी कोड के माध्यम से दूसरे स्कूल का नाम लिखकर उन्हें दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया है। गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार कानून के तहत पढ़ाई कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरा बजट दिया जाता है।

शिक्षा विभाग आरटीई के तहत जितने भी बच्चों का दाखिला करवा रहा है, उन स्कूलों को एक साल की फीस के तौर पर 9 हजार का भुगतान किया जाएगा। बच्चों को कक्षा आठवीं तक की फ्री शिक्षा दी जाएगी, यानी आठ साल तक पढ़ाई का खर्च शिक्षा विभाग ही उठाएगा। इस तरह 72 हजार आठ साल में एक बच्चे पर खर्च किए जाएंगे।

लॉटरी के बाद करेंगे सूचित

आरटीई के तहत जिन बच्चों के परिजन अभी आवेदन दे रहे हैं, उनके दाखिले के लिए लॉटरी होगी। लॉटरी में नाम निकलने के बाद उनके पैरेंट्स को सूचित किया जाएगा। बताया गया है कि एक हफ्ते में लॉटरी निकालकर प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। लॉटरी सिस्टम से ही तय किए जाएंगे कि कौन से बच्चे का दाखिला किस स्कूल में होना है।

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