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नीट के टॉप टेन में से सिर्फ 3 ने लिया मेडिकल कॉलेज में प्रवेश

नीट नेशनल इलिजबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट के टॉप टेन में आए प्रदेश के केवल तीन छात्रों ने नेहरू मेडिकल कॉलेज में...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 03:20 AM IST
नीट नेशनल इलिजबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट के टॉप टेन में आए प्रदेश के केवल तीन छात्रों ने नेहरू मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया है। बाकी सात छात्र दूसरे राज्यों में एडमिशन लिया है। इस पर टॉपर छात्रों की संख्या कम है, जिन्हें प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिए हैं। पहले टॉप 10 में रहे कम से कम पांच छात्र एडमिशन लेते रहे हैं।

इस बार मेरिट सूची में छठवें स्थान पर रहे अमन जायसवाल, आठवें स्थान वाले हर्षित सिंह रघुवंशी व दसवें नंबर पर आने वाले दिव्यांश बजाज ने नेहरू मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लिया है। तीनों अनारक्षित केटेगरी में आते हैं। टॉपर रहे ऋत्विक जैन ने बीडीएस च्वाइस कर सबको चौंका दिया था। उनका चयन बीएचयू में हो गया है। अधिकारियों के अनुसार टॉप 10 में आने वाले छात्र आल इंडिया कोटे से दूसरे राज्यों में एडमिशन ले लेते हैं। प्रथम चरण की काउंसिलिंग के बाद छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की 494 में 446 सीटों पर एडमिशन हो गया है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने 465 सीटों का आवंटन किया था। इनमें नेहरू मेडिकल कॉलेज में 105, सिम्स बिलासपुर में 73, जगदलपुर में 74, अंबिकापुर में 77, राजनांदगांव में 76 व रायगढ़ में 41 सीटों पर एडमिशन हो चुका है।

खाली सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। इस साल केवल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन होगा। तीन निजी कॉलेज रिम्स रायपुर, शंकराचार्य भिलाई व चंदूलाल चंद्राकर दुर्ग में जीरो ईयर के कारण 450 व सिम्स की 50 सीटों को मान्यता नहीं मिली है। हालांकि तीनों कॉलेज प्रबंधन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उम्मीद है कि एडमिशन की आखिरी तारीख 19 अगस्त के पहले सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला आ जाए। अधिकारियों का कहना है कि कॉलेजों के पक्ष में फैसला आने पर नीट क्वालिफाइड छात्रों को एडमिशन लेने का मौका मिलेगा।