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एटीआर में निर्माण रोका, कोर्ट ने कहा- विस्थापन तय तो पैसों की बर्बादी क्यों

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व में 621 मकानों के निर्माण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:20 AM IST

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व में 621 मकानों के निर्माण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। गुरुवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि जब 2020 तक कोर क्षेत्र के गांवों का एटीआर से बाहर विस्थापन किया जाना है, ऐसे में नए मकान बनाने का औचित्य नहीं है। निर्माण से जंगल और वन्यप्राणी प्रभावित तो होंगे ही, पैसों की बर्बादी भी होगी।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में पिछली गणना के बाद 27 बाघ होने का दावा वन विभाग ने किया था। इधर कोर एरिया में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 7 करोड़ 45 लाख करोड़ खर्च कर 621 आवास बनाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में 2012 में रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा लगाई गई जनहित याचिका के तहत अंतरिम आवेदन प्रस्तुत कर कहा गया था कि 2009 में अचानकमार को टाइगर रिजर्व घोषित करने के बाद वहां से 25 गांव को विस्थापन किया जाना है। 6 गांवों का विस्थापन हो चुका है, फिलहाल जिन 19 गांवों का विस्थापन किया जाना बाकी है, वहां मुंगेली जिला पंचायत द्वारा 621 पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। चूंकि गांवों का विस्थापन किया जाना है, ऐसे में यहां निर्माण कराया जाना अनुचित है। अंतरिम आवेदन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया था। गुरुवार को चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की बेंच ने निर्माण पर रोक लगा दी है।





अब मामले पर 17 अगस्त को सुनवाई होगी।

कोर एरिया में पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 7 करोड़ 45 लाख करोड़ खर्च कर 621 आवास बनाए जा रहे हैं

19 गांवों से हटाए जाने हैं 3395 परिवार

एटीआर के 19 गांवों का 2019-20 तक विस्थापन किया जाना है, इसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। वन विभाग ने जानकारी दी थी कि 19 गांवों के सभी ग्रामीण विस्थापन के लिए तैयार है, इसकी योजना भी तैयार है। कुल 25 गांवों में से 6 गांवों के 249 परिवारों का विस्थापन हो चुका है। बाकी 19 गांवों का विस्थापन तीन चरणों में करने की योजना है। 2019-20 तक यहां से 3394 परिवारों को विस्थापित करने की योजना है।

एमएचअारडी, यूजीसी समेत 15 को भेजा नोटिस

बिलासपुर | भगवत गीता को स्कूल और कॉलेज के सिलेबस में शामिल करने और यूनिवर्सिटी स्तर पर रिसर्च का विषय बनाने की मांग करते हुए लगाई गई जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संगठन समेत 15 पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अखिल भारतीय मलियाली संघ के अध्यक्ष एसके मेनन, सामाजिक संगठन अक्षर ज्योति की अध्यक्ष किरण ठाकुर व वीर वीरांगना भोपाल की अध्यक्ष चंद्र ने अधिवक्ता केएन नंदे व सोमन के मेनन के जरिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत की है।

पुलिस ने बताया- ओड़िशा में मिली किशोरी, परिजनों को सौंपा

बिलासपुर | रायगढ़ के बरमकेला थाना क्षेत्र में रहने वाली किशोरी मार्च से गायब थी। पिता ने इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई। कार्रवाई नहीं होने पर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। एसपी और टीआई को निर्देश के बावजूद तलाश करने में पुलिस नाकाम रही थी। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डीजीपी को अपने अधीनस्थों को जरूरी दिशा-निर्देश देकर आरोपी को हर हाल में कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। गुरुवार को बरमकेला थाने के टीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि किशोरी को ओड़िशा में आरोपी के साथ बरामद कर लिया गया है। किशोरी को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

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