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बोनस अंकों के झगड़े में जूनियर डाॅक्टर कम मिले, इससे इलाज हो रहा प्रभावित

रायपुर| बोनस अंकों में विवाद के कारण इस बार अंबेडकर अस्पताल को गिनती के जूनियर डॉक्टर मिले हैं। इसके कारण ओपीडी से...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:25 AM IST
रायपुर| बोनस अंकों में विवाद के कारण इस बार अंबेडकर अस्पताल को गिनती के जूनियर डॉक्टर मिले हैं। इसके कारण ओपीडी से लेकर वार्डों में मरीजों का इलाज से लेकर ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। एमसीआई की गाइडलाइन के अनुसार 26 अप्रैल तक दो चरण की काउंसिलिंग पूरी हो जानी थी। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बोनस अंक प्रमाणपत्र अपलोड करने के लिए एक मई तक का समय बढ़ा दिया है। जबकि 18 मई तक दो चरण की काउंसिलिंग के एक साथ एक मापअप राउंड पूरा करना है। यानी एडमिशन की आखिरी तारीख 18 मई है। इस तारीख के बाद खाली रहने वाली सीटें लैप्स हो जाएंगी। रायपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी की कुल 116 सीटें हैं, जिनमें केवल 43 आल इंडिया कोटे की सीटों को भरा गया है। बाकी सीटों को भरने के लिए एक भी राउंड की काउंसिलिंग पूरा नहीं हुई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ऐसी स्थिति

कुछ एमबीबीएस डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बोनस अंकों के आवंटन पर सवाल उठाए थे। डॉक्टरों का आरोप था कि शासन ने ऐसा एडमिशन नियम बना दिया है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले व मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे डॉक्टरों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट ने दूरस्थ क्षेत्र में काम करने वाले मेडिकल अफसरों को 10 अंक बोनस के देने व मूल निवासियों को प्राथमिकता देने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने मुहर भी लगा दी है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्गम स्थान पर सेवा देने वाले सरकारी डाक्टरों को बोनस अंक का प्रावधान पहले से है।

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