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डेढ़ साल में तीन विभागों के लिए ली भर्ती परीक्षा, 20 लाख आवेदकों से कमाए 10 अरब, एक का भी रिजल्ट नहीं दिया

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:25 AM IST


व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) और पीएससी ने डेढ़ साल में तीन विभागों की परीक्षा ली। इसके बाद तीनों की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। इतना ही नहीं, 20 लाख अभ्यर्थियों से 10 अरब से ज्यादा परीक्षा शुल्क वसूला गया जो उन्हें वापस भी नहीं किया गया।

फैक्ट फाइल

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रायपुर
डीबी स्टार की टीम की पड़ताल में खुलासा हुआ कि व्यापमं ने वर्ष 2016 से अब तक तीन विभागों में भर्ती के लिए परीक्षा ली, लेकिन किसी के रिजल्ट भी जारी नहीं हुए और न ही अभ्यर्थियों के परीक्षा शुल्क वापस किए गए। व्यापमं और पीएसी ने अक्टूबर 2016 में एडीईओ फिर आरआई और मार्च में वन विभाग के रंेजर पद के लिए परीक्षा आयोजित की। इन तीनों परीक्षाओं में 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके बाद तीनों भर्ती पर रोक लगा दी गई। फिर आज तक भर्ती के लिए कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। न ही अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान जमा कराए गए शुल्क भी वापस नहीं किए गए। अब युवा भी इन परीक्षाओं को देने के बाद कोई दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे है।

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लाख परीक्षा में शामिल

10 अरब रुपए परीक्षा के लिए गया शुल्क

DB Star

ये तीन विभाग, जिनमें भर्ती के लिए हुई थीं परीक्षाएं, इनके रिजल्ट नहीं हुए इसलिए जारी

एडीईओ परीक्षा :
अक्टूबर 2017 में व्यापमं ने एडीईओ के परीक्षा का अायोजन किया था। परीक्षा के बाद व्यापमं को रिजल्ट जारी करना था। लेकिन संबधित विभाग ने भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए सभी अभ्यर्थियों को 15 अंक देने की बात कही थी। जिसका लिखित आदेश व्यापमं के पास अभी तक नहीं पहुंचा है। जिससे इस परीक्षा का भी रिजल्ट अटका हुआ है।

आरआई की परीक्षा : व्यापमं ने 2016 में आरआई की परीक्षा आयोजित करवाई थी। वहीं इसका रिजल्ट भी जारी हो गया है। अब संबधित विभाग क ोइसकी भर्ती करना था। लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते आज तक भर्ती नहीं हो पाई।

रेंजर परीक्षा : 25 मार्च 2018 को आयोजित वन विभाग के रेंजर पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसमें परीक्षा में दी गई अर्हता के विरोध में कुछ अभ्यर्थी मामले को न्यायालय में लेकर गए हैं। वहीं अधिकारियांे का कहना है कि इस परीक्षा के परिणाम जारी करने को लेकर प्रोसेस जारी है

संशोधन की वजह से रिजल्ट रुका

 विभाग को भर्ती करना है। वहीं एडीईओ परीक्षा में अब संबधित विभाग ने संशोधन को लेकर लिखित पत्र नहीं दिया है। जिसके चलते परिणाम रुका हुआ है। प्रदीप चौबे, नियंत्रक, व्यावसायिक परीक्षा मंडल

investigation

ये बड़ी वजह...जिसके चलते परीक्षा हुई रद्द





20 लाख परीक्षार्थी भर्ती परीक्षाओं में हुए थे शामिल

तीनों परीक्षाओं में प्रदेश के 20 लाख परीक्षार्थियांे ने आवेदन किया था। करीब 19 लाख से ज्यादा लोग परीक्षा में शामिल हुए। व्यापमं ने फॉर्म भरने के एवज में पांच-पांच सौ रुपए शुल्क के रूप में लिया था। इन तीनों परीक्षाओं से व्यापमं काे दस अरब रुपए से ज्यादा की राशि मिली थी।

मामला कोर्ट में लंबित

 कुछ छात्रों ने परीक्षा को लेकर मामला कोर्ट में दायर किया है। इसलिए नतीजे लंबित हैं। केआर पिस्दा, चेयरमैन, लोक सेवा आयोग

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