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बीज निगम में आदेश के एक साल बाद भी कर्मचारियों को नहीं मिला सातवां वेतनमान, सौ पदों पर भर्तियांे की फाइल महीनों से अटकी

रायपुर

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:25 AM IST

बीज निगम में आदेश के एक साल बाद भी कर्मचारियों को नहीं मिला सातवां वेतनमान, सौ पदों पर भर्तियांे की फाइल महीनों से अटकी
रायपुर डीबी स्टार

डीबी स्टार टीम को शिकायत मिली कि कर्मचारियों और अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। पड़ताल के दौरान खुलासा हुआ कि वित्त विभाग में सातवां वेतनमान देने के लिए विभाग ने प्रस्ताव रखा था, लेकिन वित्त विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोत्तरी के लिए अब तक अनुमति नहीं दी है। वहीं विभाग में सौ से ज्यादा पदों पर भर्तियां की जानी है। उनमें से ज्यादातर भर्तियां नहीं हुई है, जबकि सातवां वेतनमान का लाभ दिलाने के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग भी हो चुकी है। फिर भी वित्त विभाग ने वेतनमान के फाइलों को अटका दिया है।

विभाग के जिम्मेदारों ने इन प्रस्तावों पर नहीं बनाई सहमति

वर्ष 2017 में जुलाई माह से सातवें वेतनमान का लाभ देना था, लेकिन अब तक नहीं दिया गया।

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के नवीन पदों पर कार्यरत कर्मियों का नियमित्तिकरण नहीं किया गया।

शासन ने पदोन्नति के लिए दो साल का नियम रखा है, लेकिन अब तक ज्यादातर कर्मियों को पदोन्नति नहीं मिली है।

विकास कार्य संबंधी कई फाइलें अटकीं

विभाग ने विकास संबंधी कार्य के लिए प्रस्ताव भी बनाया है। विभाग में सौ पदों पर भर्तियां रिक्त है। यही वजह है कि विकास कार्य की फाइलें भी अटकी हुई है। इसके अलावा नए प्रस्तावों पर कार्य ही नहीं हो रहे है, जबकि हर साल बीज निगम को करोड़ों रुपए का बजट दिया जाता है। फिर भी बड़े प्रस्ताव की अनुमति नहीं मिल पाई है।

वित्त विभाग के निर्देश का इंतजार

 सातवां वेतनमान को लेकर विभाग ने प्रस्ताव रखा था। इसमें वित्त विभाग की स्वीकृति नहीं मिली है। कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द प्रस्ताव पर सहमति बने और इसका अनुमोदन हो। आलोक शुक्ला, तत्कालिन एमडी, बीज निगम

वित्त विभाग के पास बजट, फिर भी मंजूरी नहीं

दरअसल वित्त विभाग ही बीज निगम को हर साल बजट जारी करता है। ऐसे में वेतनमान में वृद्धि के लिए प्रस्ताव दिया गया, लेकिन वित्त ने अब तक मंजूरी नहीं दी है। इतना ही नहीं, विभाग के जिम्मेदारों ने वेतन बढ़ोत्तरी के लिए प्रस्ताव देने के बाद दोबारा रिमाइंडर भी नहीं भेजा। इसलिए वित्त विभाग में ही फाइल रूकी हुई है।

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