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एक लाख की जगह 120 स्कूली बच्चों का करवाया टैलेंट सर्वे, 99 हजार से ज्यादा छात्रों को िबना कारण परख रिपोर्ट परीक्षा में नहीं किया शामिल

रायपुर

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:25 AM IST

रायपुर डीबी स्टार

डीबी स्टार को जानकारी मिली थी कि पहली से अाठवीं तक बच्चों के लिए परख कार्यक्रम इसी साल शुरू किया गया है। इसी की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि परख कार्यक्रम में बच्चों के टैलेंट जांचने के लिए एग्जाम शुरू किया गया। इससे बच्चों के टैंलेट की जांच की जा सके, लेकिन बच्चों के टैलेंट जांचने के लिए जिम्मेदारों ने ही गंभीरता नहीं दिखाई। पहले एक लाख बच्चों का सर्वे किए जाने का दावा किया गया, लेकिन सर्वे सूची में सिर्फ 120 बच्चों को शामिल किया गया। यानि शिक्षा विभाग में मनमानी का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। इसलिए बिना कारण ही बच्चों को परख में शामिल किए जाने के बजाय एग्जाम से बाहर कर दिया गया। शेष पेज 2 पर

रिपोर्ट इसलिए जरूरी

स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों का एक बड़ा कारनामा उजागर हुआ है। इसी साल एक लाख बच्चों को परख कार्यक्रम में शामिल होने का मौका दिए जाने का नियम होने के बावजूद विभागीय जिम्मेदारों ने सिर्फ 120 बच्चों को ही परख कार्यक्रम में शामिल किया। यहां तक कि बिना कारण के ही कमजोर बच्चों को एग्जाम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

DB Star

investigation

छोटी क्लास में कमजोर बच्चों को परखने के लिए प्रोग्राम

ऐसे समझें, परख सर्वे में किस तरह के प्रश्न पूछे और क्या रहे नतीजे

परख कार्यक्रम-2018 में तीन सवाल पूछे गए, इनमें ज्यादातर बच्चों के नतीजे बेहतर नहीं रहे...पंाचवी और आठवीं क्लास के ज्यादातर बच्चे 20 से ज्यादा नंबर नहीं पा सके...



भिखारिन ने अंग्रेजी में क्या कहा?

ज्यादातर बच्चे इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। इसलिए बहुत कम अंक दिए गए।

वृतांत किस शहर एवं राज्य से संबंधित है?

इस सवाल के जवाब भी बच्चों के पास से नहीं मिल पाए। इसलिए पासिंग मार्क्स नंबर भी नहीं मिले।

पर्वतारोही ने किस फैसले से इंकार किया?

इस सवाल के जवाब भी आधे-अधूरे किए, ज्यादातर ने गलत जवाब ही लिखा।

इसलिए लापरवाही

शासन इसलिए करवा रहा परख कार्यक्रम

स्कूल के परीक्षा परिणाम अच्छे आएं।

छात्र-छात्राओं के शिक्षण कार्य में भी सुधार हो।

उच्चशिक्षा में स्टूडेंट्स को दिक्कतें न हों, इसलिए छोटी क्लॉसों से ही उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था।

बेरोजगार न हों, इसलिए अधिक से अधिक बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दें। जिससे वह योग्यता के आधार पर अच्छी जॉब पा सकें।

जिन छात्र-छात्राअों को अंग्रेजी, गणित या अन्य विषय को पढ़ने, बोलने और समझने में कठिनाई होती है, उनकी शिक्षा में सुधार लाया जा सके।

जानिए, परख कार्यक्रम का क्या है उद्देश्य

किस ब्लॉक से कितने बच्चों ने लिया हिस्सा

ब्लॉक संख्या कक्षा स्कूल

धरसींवा 24-24 5वीं-8वीं 241

अभनपुर 12-12 5वीं 8वीं 144

तिल्दा 12-12 5वीं 8वीं 167

आरंग 12-12 5वीं 8वीं 207

परख कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं का टेलेंट देखने और शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य था, परख से न केवल स्कूल के रिजल्ट पर अच्छा प्रभाव पड़े, बल्कि स्टूडेंट्स की शिक्षा में भी सुधार हो। इसके लिए अलग-अलग डेट में प्रतियोगिताएं करवाई गई, लेकिन स्टूडेंट्स ने रुचि नहीं दिखाई।

विभागीय अधिकारी ही शिक्षा गुणवत्ता सुधारने गंभीर नहीं

रुचि के अनुसार लेना था भाग

 जिले के पीएस और एमएस बच्चों की शिक्षा का स्तर सुधारने परख प्रतियोगिता करवाई जाती है। स्कूल स्तर, संकुल, ब्लॉक और फिर जिले स्तर पर परीक्षा होती है। स्कूल स्तर पर प्रतियाेगिता में सूचना भेजी जाती है, लेकिन इसमें अनिवार्य रूप से शामिल होना जरूरी नहीं है। रुचि के आधार बच्चे पार्टिसिपेट कर सकते हैं। एएन बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर

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