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सीएम ने कहा-सरकार श्रमवीरों की हर सुविधा का रख रही खयाल

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कल एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सभी मेहनतकशों को बधाई दी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:30 AM IST

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कल एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सभी मेहनतकशों को बधाई दी है। डॉ. सिंह ने मई दिवस की पूर्व संध्या पर संदेश में कहा है कि दुनिया के किसी भी देश अथवा राज्य की तरक्की और जनता की खुशहाली में श्रम वीरों का सबसे बड़ा योगदान होता है।

श्रमिकों के पसीने से ही खेत लहलहाते हैं। कारखानों में जनता की सुख सुविधा की वस्तुएं बनती हैं। यातायात के लिए लम्बी-चौड़ी सड़कें, रेलमार्ग बनाते हैं, ऊंचे-ऊंचे भवन बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राज्य के लाखों मेहनतकश मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विगत चौदह वर्षों में उनके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गयीं हैं। इस वर्ष से हमने तेंदूपत्ता श्रमिकों की मजदूरी प्रति मानक बोरा 1800 रुपए से बढ़ाकर ढाई हजार रुपए कर दी है, जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है। असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए गठित भवन एवम अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा भवन निर्माण गतिविधियों में काम कर रहे लाखों श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें निशुल्क साइकिल और सिलाई मशीनें दी हैं।





नाई ,धोबी , सफाई कर्मी के लिए भी अनेक योजनाएं शुरू की गयीं हैं।

शहरों में काम की तलाश में आने वाले मजदूरों के लिए श्रमिक बहुल स्थानों पर दीनदयाल श्रम अन्न सहायता योजना के प्रथम चरण की भी शुरुआत हो गयीं है। सरकार द्वारा संचालित श्रमिक हितैषी योजनाओं से राज्य के मेहनतकश तबकों के जीवन में आ रहा सकारात्मक परिवर्तन साफ देखा जा सकता है।

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कल एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सभी मेहनतकशों को बधाई दी है। डॉ. सिंह ने मई दिवस की पूर्व संध्या पर संदेश में कहा है कि दुनिया के किसी भी देश अथवा राज्य की तरक्की और जनता की खुशहाली में श्रम वीरों का सबसे बड़ा योगदान होता है।

श्रमिकों के पसीने से ही खेत लहलहाते हैं। कारखानों में जनता की सुख सुविधा की वस्तुएं बनती हैं। यातायात के लिए लम्बी-चौड़ी सड़कें, रेलमार्ग बनाते हैं, ऊंचे-ऊंचे भवन बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राज्य के लाखों मेहनतकश मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विगत चौदह वर्षों में उनके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गयीं हैं। इस वर्ष से हमने तेंदूपत्ता श्रमिकों की मजदूरी प्रति मानक बोरा 1800 रुपए से बढ़ाकर ढाई हजार रुपए कर दी है, जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है। असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए गठित भवन एवम अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा भवन निर्माण गतिविधियों में काम कर रहे लाखों श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें निशुल्क साइकिल और सिलाई मशीनें दी हैं।





नाई ,धोबी , सफाई कर्मी के लिए भी अनेक योजनाएं शुरू की गयीं हैं।

शहरों में काम की तलाश में आने वाले मजदूरों के लिए श्रमिक बहुल स्थानों पर दीनदयाल श्रम अन्न सहायता योजना के प्रथम चरण की भी शुरुआत हो गयीं है। सरकार द्वारा संचालित श्रमिक हितैषी योजनाओं से राज्य के मेहनतकश तबकों के जीवन में आ रहा सकारात्मक परिवर्तन साफ देखा जा सकता है।

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