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15 साल के बच्चों को भी हो रही है हाई बीपी की प्रॉब्लम, डैश डाइट से कर सकते हैं कंट्रोल

सिटी रिपोर्टर | रायपुर आज वर्ल्ड हायपरटेंशन डे है। डॉक्टर्स के अनुसार हायपरटेंशन की वजह से दिमाग में पहुंचने...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 03:30 AM IST

15 साल के बच्चों को भी हो रही है हाई बीपी की प्रॉब्लम, डैश डाइट से कर सकते हैं कंट्रोल
सिटी रिपोर्टर | रायपुर

आज वर्ल्ड हायपरटेंशन डे है। डॉक्टर्स के अनुसार हायपरटेंशन की वजह से दिमाग में पहुंचने वाला ब्लड प्रॉपरली पहुंच नहीं पाता। इससे या तो दिमाग की नसें फट जाती हैं या सिकुड़ जाती हैं। इसे ही पैरालिसिस या स्ट्रोक कहा जाता है। शरीर में होने वाली अधिकांश न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स की वजह हायपरटेंशन ही होता है। एनएच एमएमआई हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गोन्याल के अनुसार करियर, जॉब या बिजनेस के स्ट्रेस और खराब लाइफ स्टाइल के कारण 18 से 30 साल तक के युवाओं को भी हायपरटेंशन की प्रॉब्लम हो रही है। यही नहीं, अब इसका शिकार 15 साल से कम उम्र के बच्चे भी हो रहे हैं।

हालांकि, बच्चों में हायपरटेंशन किडनी, थायरॉइड या हार्मोन इम्बैलेंस की वजह से होता है। इससे बचने के लिए पैरेंट्स को बच्चों की रूटीन स्क्रीनिंग के दौरान ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहिए। डॉक्टर्स के अनुसार लाइफ स्टाइल सुधारकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है। डैश डाइट लेकर और रोज 30 से 40 मिनट एक्सरसाइज कर बीपी कंट्रोल कर स्ट्रेस फ्री रह सकते हैं।

जानिए क्या है डैश डाइट

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए डॉक्टर की सलाह पर अब हाई बीपी के पेशेंट्स डैश डाइट फॉलो कर रहे हैं। डैश (DASH) का मतलब है डाइटरी अप्रोचेस टू स्टॉप हायपरटेंशन। इसके तहत आपके सोडियम इनटेक को कम कर पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नेशियम कंटेंट बढ़ाया जाता है, ताकि ब्लड प्रेशर मेंटेन रखा जा सके। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गोन्याल के अनुसार डैश डाइट में सब्जियां फल, होल ग्रेन शामिल होते हैं, ताकि हायपरटेंशन के पेशेंट को फाइबर और प्रोटीन ज्यादा मिले और ट्रांस व सैच्युरेटेड फैट घटे। डेयरी फूड्स कम सेवन करने की सलाह दी जाती है।

हायपरटेंशन के लक्षण

श्री नारायणा हॉस्पिटल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिनोद अग्रवाल के अनुसार सांस फूलना, चक्कर आना, कुछ सेकेंड के लिए आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, सिर दर्द के अलावा गर्दन में दर्द करना भी हायपरटेंशन की बड़ी वजह है। इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से चेकअप कराएं। ओवरवेट, अल्कोहल और स्मोकिंग से भी हायपरटेंशन की आशंका होती है।

अच्छी नींद, डाइट और एक्सरसाइज से कंट्रोल कर सकते हैं ब्लड प्रेशर

5 हफ्ते तक बीपी हाई है तो हो सकता है हायपरटेंशन

लगातार पांच सप्ताह तक या इससे ज्‍यादा समय तक अगर किसी का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक बना रहे तो ये हायपरटेंशन का लक्षण है। इसकी वजह से किडनी फेल होने, ब्रेन अटैक और लंबे समय तक इलाज न होने पर आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। डाॅ. रंजिता अग्रवाल के अनुसार 30 प्लस के बाद लोगों को हर साल रेगुलर बीपी चेक कराना चाहिए। शहर के बाद अब गांव में भी हायपरटेंशन के पेशेंट बढ़ गए हैं।

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