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दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के साढ़े 4 हजार बच्चों ने मांगी अपनी आंसरशीट

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:30 AM IST

News - दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों से असंतुष्ट 4500 विद्यार्थियों ने मूल्यांकित आंसरशीट की छायाप्रति मांगी है।...

दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के साढ़े 4 हजार बच्चों ने मांगी अपनी आंसरशीट
दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों से असंतुष्ट 4500 विद्यार्थियों ने मूल्यांकित आंसरशीट की छायाप्रति मांगी है। 3200 विद्यार्थियों ने पुनर्गणना के लिए और करीब 500 विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन की अर्जी दी है। इस बार रीवैल की तुलना में छात्रों ने आंसरशीट की छायाप्रति ज्यादा मांगी है। जानकारों का कहना है कि रीवैल के नए नियम से इस बार इसके लिए आवेदन घट सकते हैं। रीवैल व रीटोटलिंग के नतीजे जुलाई में घोषित होने की संभावना है। इसके बाद पूरक परीक्षा होगी।

दो साल पहले तक रीवैल, रीटोटलिंग व आंसरशीट की छायाप्रति के लिए करीब 35 हजार तक आवेदन आते थे। पिछले साल इसमें कमी आई। तब माशिमं को 24 हजार आवेदन मिले थे। इस बार यह संख्या और कम होने की संभावना है। बोर्ड के अनुसार इस बार एक सप्ताह में सबसे ज्यादा आवेदन आंसरशीट की छायाप्रति के हैं। इसकी मुख्य वजह रीवैल से संबंधित नया नियम है, यह पिछले साल लागू हुआ। इसके तहत बोर्ड परीक्षा में 20 फीसदी से कम और 80 या उससे अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को संबंधित विषय में रीवैल की पात्रता नहीं है। वे रीटोटलिंग करवा सकते हैं और आंसरशीट की छायाप्रति प्राप्त कर सकते हैं। इसीलिए आंसरशीट की छायाप्रति के लिए ही ज्यादा आवेदन आने की संभावना है। राज्य बनने के बाद यह पहला मौका था जब दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के नतीजे अच्छे रहे। पिछली बार की तुलना में दसवीं के नतीजों में सात फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और नतीजे 68 फीसदी रहे। जबकि बारहवीं में 77 फीसदी विद्यार्थी पास हुए।

3 हजार को पुनर्गणना फ्री : दसवीं-बारहवीं बोर्ड के तीन हजार विद्यार्थियों को माशिमं से मुफ्त में पुनर्गणना के लिए आवेदन करने की छूट मिली है। पहली बार मूल्यांकन के आधार पर इनकी कापियों में 80 या उससे अधिक अंक मिले थे। नियमों के तहत इनकी दोबारा जांच होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पहले मूल्यांकन के आधार पर ही नतीजे जारी किए गए। इसे लेकर माशिमं ने इन तीन हजार विद्यार्थियों को पुनर्गणना की पात्रता दी है।

रीवैल से बदलेंगे नतीजे

रीवैल के नतीजों का असर हर बार रिजल्ट पर पड़ता है। पिछली बार भी दसवीं-बारहवीं में रीवैल कराने वाले करीब 30 से 40 फीसदी विद्यार्थियों के रिजल्ट पर असर पड़ा था। इसके नतीजों के बाद ही कई विद्यार्थी टॉप-टेन की मेरिट में भी शामिल हुए थे। कई विद्यार्थियों के अंक 15 से लेकर 40 तक बढ़े थे। इसके बाद मूल्यांकन में लापरवाही बरतने के मामले में दर्जनों शिक्षकों पर माशिमं ने कार्रवाई की।

पुनर्गणना-पुनर्मूल्यांकन के आवेदन 24 तारीख तक

पुनर्गणना-पुनर्मूल्यांकन व आंसरशीट की छायाप्रति के लिए आवेदन 24 मई तक स्वीकार होंगे। आवेदन जमा करने के लिए राज्य में 45 केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी में चार केंद्र मल्टीपरपस गवर्नमेंट स्कूल, दानी गर्ल्स स्कूल, शांतिनगर व कटोरा तालाब शासकीय विद्यालय हैं। आवेदन का प्रोफार्मा माशिमं की वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा संबंधित सेंटरों से भी आवेदन फार्म लिए जा सकते हैं।

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