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अप्रैल का आखिरी दिन ही तपा, गर्मी 43 डिग्री शाम को बादलों से मिली राहत, आज भी ऐसा ही

मार्च के बाद अप्रैल भी कम गर्मी वाले महीने के रूप में गुजर गया। पिछले 10 साल में इस बार अप्रैल में सबसे ज्यादा, करीब 19...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 01, 2018, 03:35 AM IST

अप्रैल का आखिरी दिन ही तपा, गर्मी 43 डिग्री शाम को बादलों से मिली राहत, आज भी ऐसा ही
अप्रैल का आखिरी दिन ही तपा, गर्मी 43 डिग्री शाम को बादलों से मिली राहत, आज भी ऐसा ही
मार्च के बाद अप्रैल भी कम गर्मी वाले महीने के रूप में गुजर गया। पिछले 10 साल में इस बार अप्रैल में सबसे ज्यादा, करीब 19 दिन बादल रहे। हालांकि आखिरी दिन यानी सोमवार, 30 अप्रैल को गर्मी अचानक बढ़ी। राजधानी में दोपहर का तापमान 43 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश एक बार फिर पश्चिम यानी राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवा की चपेट में है। राजधानी में तापमान सामान्य से 2 डिग्री ऊपर चला गया है। गर्मी कुछ और बढ़ी तो लू के हालात गोषित किए जा सकते हैं। हालांकि मौसम विभाग ने मंगलवार को भी तेज गर्मी की आशंका जताई है।

राजधानी में इस साल अप्रैल में लगातार बदली-बारिश की स्थिति रही। मौसम को प्रभावित करने वाले करीब दर्जनभर सिस्टम एक के बाद एक बनते गए। ज्यादातर सिस्टम उत्तरी भारत से लेकर छत्तीसगढ़ के आसपास तक रहे हैं। इसका प्रभाव भी रहा। बहुत ज्यादा बारिश नहीं हुई। लेकिन सिस्टम के प्रभाव से समुद्र से लगातार नमी आती रही और इसी वजह से दोपहर बाद या शाम को रायपुर में तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। इसका असर अगले दिन के तापमान पर पड़ा। लिहाजा अगले एक-दो दिन आसमान में बादल छाने की वजह से तापमान में वृद्धि ही नहीं हो पाई। इसलिए इस पूरे सीजन में एक भी बार तापमान 42 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा। सोमवार को मौसम साफ था और रेगिस्तान से आ रही शुष्क हवा के कारण पूरी राजधानी तपी। सुबह के समय हवा में थोड़ी नमी थी। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार आर्द्रता 45 फीसदी दर्ज की गई, लेकिन शाम तक आर्द्रता घटकर महज 9 फीसदी रह गई। इसकी वजह शुष्क या रेगिस्तानी हवा का प्रभाव बहुत अधिक होना है।

बस्तर-सरगुजा में रहेंगे बादल

पूर्वी बिहार तथा आसपास पश्चिम बंगाल व झारखंड के ऊपर 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवात बना हुआ है। एक द्रोणिका पंजाब से लेकर दक्षिण-पूर्व मध्यप्रदेश तक बनी हुई है। इस वजह से उत्तरी और राज्य के दक्षिणी हिस्से में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान कम, फिर भी गर्मी

राजधानी में इस साल अप्रैल में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है। हालांकि महीने के आखिरी दिन 43 डिग्री पहुंचकर तापमान कुछ बराबरी कर ली है। पिछले दस साल में एक बार ही पारा 45 डिग्री पहुंचा था। अप्रैल में आमतौर पर 42 से 43 डिग्री के बीच ही अधिकतम पहुंचता है। लेकिन बाकी दिन यानी महीने के 29 दिनों में तापमान सामान्य के आसपास रहा है। लालपुर मौसम केंद्र के निदेशक डा. प्रकाश खरे के अनुसार छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति का पता जून में चलेगा, जब शार्ट रेंज फोरकास्ट जारी किया जाएगा। फोटो : सुधीर सागर

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