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5वीं-8वीं का रिजल्ट 8 तारीख तक कोई फेल नहीं होगा पर देंगे ग्रेड

दसवीं-बारहवीं बोर्ड पैटर्न पर इस बार पांचवीं-आठवीं की परीक्षा हुई। सरकारी व निजी स्कूल एक साथ परीक्षा में शामिल...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:35 AM IST
दसवीं-बारहवीं बोर्ड पैटर्न पर इस बार पांचवीं-आठवीं की परीक्षा हुई। सरकारी व निजी स्कूल एक साथ परीक्षा में शामिल हुए। शिक्षा विभाग दोनों कक्षाओं का रिजल्ट एक साथ 8 मई को जारी कर सकता है। इन कक्षाओं में कोई विद्यार्थी फेल नहीं करेगा और सभी को ग्रेड दिया जाएगा। ए-ग्रेड पाने वाला छात्र टॉपर रहेगा, जबकि डी-ग्रेड वाले विद्यार्थियों की फिर से क्लास लगेगी।

पांचवीं-आठवीं की परीक्षा मार्च में हुई थी। इस बार इन कक्षाओं की परीक्षा इसलिए चर्चा में है क्योंकि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू होने के बाद पहली बार सरकारी व निजी स्कूलों की एक साथ परीक्षा आयोजित की गई थी, वह भी शिक्षा विभाग की देखरेख में। इसके लिए निजी स्कूलों से प्रति छात्र 50 रुपए शुल्क भी लिया गया। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा जैसा माहौल देने के लिए प्रत्येक सेंटर पर केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षक बनाए गए। परीक्षा में मॉनिटरिंग के लिए किसी संबंधित स्कूल में, दूसरे स्कूल से केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षक रखा गया। पूरा तामझाम बोर्ड की तरह ही रखा गया। अब शिक्षा विभाग नतीजे जारी करने की तैयारी में है। अफसरों का कहना है कि मूल्यांकन का काम लगभग पूरा हो गया है।

आठ मई तक रिजल्ट घोषित किए जा सकते हैं। इस बार पूरे बच्चों का कंप्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि बाद में यदि कोई पांचवीं-आठवीं की डुप्लीकेट अंकसूची के लिए आवेदन करेगा तो उसे जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि रिजल्ट के बाद विद्यार्थियों को एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इसके तहत आठवीं के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता और पांचवीं के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा पूर्णता से संबंधित सर्टिफिकेट मिलेगा।

डी ग्रेड आने पर लगेगी क्लास

शिक्षा विभाग के अफसरों ने बताया कि पहली से आठवीं तक में फेल का सिस्टम नहीं है। विद्यार्थियों को ए, बी, सी व डी ग्रेड मिलता है। ए ग्रेड यानी टॉप। बी ग्रेड यानी अच्छा। 46 से लेकर 70 फीसदी तक अंक इस ग्रेड में आते हैं। इसी तरह सी ग्रेड में 33 से 45 फीसदी तक अंक रहते हैं। इससे कम अंक आने पर विद्यार्थियों को डी ग्रेड मिलता है। इस ग्रेड में आने वाले विद्यार्थियों के लिए फिर स्पेशल क्लास लगती है।