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नेशनल गेम्स के मुकाबले गोवा दूसरे राज्य में भी कराएगा, छग के पास भी है मौका

स्पोर्ट्स रिपोर्टर | रायपुर छत्तीसगढ़ में 36वें नेशनल गेम्स को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। जल्द विभिन्न खेलों के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:45 AM IST
स्पोर्ट्स रिपोर्टर | रायपुर

छत्तीसगढ़ में 36वें नेशनल गेम्स को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। जल्द विभिन्न खेलों के कोचिंग कैंप लगाए जाने हैं। गोवा में नवंबर में होने जा रहे गेम्स के मुकाबले राज्य के बाहर भी कराए जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिक खर्च और उसके महंगे रखरखाव को देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया है। छग को 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी करनी है। ऐसे में उसे भी खर्च बचाने के लिए डीपीआर में इन बातों पर जोर देना चाहिए।

शूटिंग की जगह बदली

गोवा के खेल मंत्री ने नेशनल गेम्स के बारे में कहा कि हमारे स्टेट में शूटिंग का बहुत अच्छे वातावरण नहीं है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के बाद इसका बहुत उपयोग नहीं हो सकता। इसके मेंटनेंस पर भी बहुत खर्च आएगा। इस कारण हम इसके मुकाबले केरल या दिल्ली में कराएंगे। एक शूटिंग रेंज बनाने में लगभग 100 करोड़ का खर्च आएगा।

Games Preparation

कोटा में एथलेटिक्स का ट्रैक बनकर तैयार हो गया है लेकिन विभाग अब तक इसके लिए कोच की भर्ती नहीं कर सका है। यहां भी मेंटनेंस पर लाखों खर्च होंगे।

तीन साल से हॉकी स्टेडियम का उपयोग नहीं

2015 में वर्ल्ड हॉकी लीग के आयोजन के लिए राजधानी में हॉकी के दो स्टेडियम बनाए गए हैं। इसके बाद अब तक इनका ठीक ढंग से उपयोग नहीं हाे सका है। एक स्टेडियम में विभाग की ओर से संचालित एकेडमी के खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। जबकि दूसरे स्टेडियम अधिकतर समय खाली ही रहता है। राजधानी में मौजूद इंडोर स्टेडियम को पिछले दिनों 11 करोड़ खर्च करके नए सिरे से तैयार किया गया है। लेकिन यहां खेल के आयोजन कम ही होते हैं। 4 से 5 लाख प्रतिदिन का किराया होने की वजह से खेल संघ बड़े आयोजन पर इसका उपयोग नहीं कर पाते हैं। राज्य में बने कई खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मेंटनेंस की कमी के चलते ठीक ढंग से उपयोग में नहीं लाए जा पा रहे हैं।

डीपीआर के लिए किया जाएगा टेंडर

खेल सचिव आर प्रसन्ना ने कहा कि 37वें नेशनल गेम्स के डीपीआर को तैयार करने के लिए हम टेंडर निकालेंगे। इसमें शामिल हाेने वाली कंपनियों के हिसाब से पूरा खाका तैयार किया जाएगा। गेम्स के आयोजन राज्य या इसके बाहर कराने हैं। इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा। वहीं छग ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान ने कहा कि खर्च कम करने के लिए हमें नॉन एसी इंडोर स्टेडियम बनाने चाहिए। इसके अलावा कई खेलों के आयोजन दूसरे राज्यों में भी हो सकते हैं।

हॉस्टल का कई बार हो चुका है मेंटनेंस

खेल विभाग नेशनल गेम्स की तैयारियों के लिए साइंस कॉलेज स्थित अपने हॉस्टल की फिर से रिपेयरिंग करा रहा है। अब तक दर्जन भर से अधिक बार रिपेयरिंग का काम हो चुका है। फिर भी वह अच्छी स्थिति में नहीं हैं।