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अब तक 50 % जमीन खातों का ही रिकार्ड ऑनलाइन नहीं

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:45 AM IST

News - रायपुर | राजधानी समेत किसी भी जिले में जमीन के फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए खातों की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है।...

अब तक 50 % जमीन खातों का ही रिकार्ड ऑनलाइन नहीं
रायपुर | राजधानी समेत किसी भी जिले में जमीन के फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए खातों की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। राज्यभर में अभी तक 60 लाख से ज्यादा जमीन के खाते ऑनलाइन हो चुके हैं।

राजधानी में यह काम नक्सल प्रभावित जिलों से भी ज्यादा पिछड़ा हुआ है। इस वजह से यह परेशानी ज्यादा हो रही है। जमीन खातों के रिकार्ड ऑनलाइन करने का काम अभी 50 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया है। तहसील से 100 फीसदी रिकार्ड अपडेट होते हैं तो लोगों को आबादी जमीन का रिकार्ड भी ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे लोग आसानी से रजिस्ट्री दस्तावेजों के साथ जमीन का खसरा रिकार्ड भी पेश कर पाएंगे। इससे जो रजिस्ट्री अभी नहीं हो पा रही है वो भी हो सकेगी। जमीन के रिकार्ड अपडेट नहीं होने की वजह से आबादी जमीन के रिकार्ड पर किसी भी तरह का विवाद होने पर सीमांकन, नामांतरण और बटांकन के मामले अटक जाते हैं।

इसके अलावा इस तरह के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं जिसमें एक ही रिकार्ड पर उपलब्ध जमीन से ज्यादा रजिस्ट्री हो चुकी है।

इसलिए इस नए फार्मूले से जमीन में होने वाले फर्जीवाड़े को भी रोकने की कोशिश की जा रही है। अफसरों का दावा है भुईंया के तहत जमीन के रिकार्ड अपडेट होते हैं तो लोगों को खातों की जानकारी के लिए तहसील दफ्तर भी नहीं जाना होगा, सारी जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी। जानकारी के अनुसार नजूल जमीन की रजिस्ट्री के दौरान उसमें शीट और ब्लॉक नंबर नहीं मिलता है। इसकी वजह से यह पता ही नहीं चलता है कि नजूल जमीन की वास्तविक लोकेशन क्या है। इस मामले में पंजीयन महानिरीक्षक को चिट्ठी भी लिखी गई है। फिलहाल अभी तक चिट्ठी का कोई जवाब नहीं आया है। इस वजह से नजूल की जमीन की रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी गई है।

पुरानी रजिस्ट्रियों पर विवाद नहीं

शहर के जिन लोगों ने इस आदेश के पहले आबादी और नजूल जमीन की रजिस्ट्री करवा ली है तो उन पर किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है और न ही उन पर कोई रोक लगाई गई है। मई 2018 से आबादी और नजूल जमीन की रजिस्ट्री पर ही रोक है। पुरानी रजिस्ट्रियों के आधार पर लोग मकान का नक्शा बनवाने के साथ ही होम लोन समेत दूसरी आर्थिक मदद के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

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