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शहर के एक लाख मकान और प्लॉट, बिक नहीं सकते, इनकी रजिस्ट्री पर भी रोक लगी

राजधानी में हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के पुराने मकानों की रजिस्ट्री में अघोषित रोक का मामला...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:45 AM IST

राजधानी में हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के पुराने मकानों की रजिस्ट्री में अघोषित रोक का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि इन्हीं आधारों पर आबादी और नजूल प्रापर्टी की रजिस्ट्री भी रोक दी गई है। शहर के सभी 70 वार्डों में आबादी और नजूल जमीन है। अनुमान है कि आबादी-नजूल में करीब एक लाख मकान और प्लाट होंगे। इनकी रजिस्ट्री नहीं होने का आशय ये है कि इनकी खरीदी-बिक्री नहीं की जा सकती। अफसरों ने बताया कि आबादी वाले एक खसरे (प्लाट) को काटकर उस पर दर्जनों मकान बन गए या प्लाट हैं, लेकिन सरकारी रिकार्ड में हर मकान या जमीन की एंट्री अलग-अलग नहीं है। अर्थात, जरूरी दस्तावेज नहीं हैं इसलिए इनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती। शेष|पेज 11

रजिस्ट्री अफसरों का कहना है कि नियमों के सख्ती से पालन का आदेश है, इसलिए एक भी दस्तावेज कम हुआ तो रजिस्ट्री नहीं कर सकते। आईजी पंजीयन कार्तिकेय गोयल ने कहा कि रजिस्ट्री पर रोक नहीं है, लेकिन दस्तावेज ही पूरे नहीं होंगे तो यह कैसे कर सकते हैं? जानकारों के मुताबिक पिछले 15 दिन से ऐसे लोगों को रजिस्ट्री दफ्तर से लौटाया जा रहा है। ऐसे मकान-प्लाट की खरीदी-बिक्री बंद होने का रियल एस्टेट कारोबार पर भी असर पड़ने लगा है।

रजिस्ट्री अफसरों का तर्क- रिकार्ड ही अधूरे हैं, किस आधार पर करेंगे रजिस्ट्री

पुराने वार्डों के अधिकांश मकान आबादी जमीन पर

आबादी जमीन का आशय उस प्लाट से है, जिसे सरकारी एजेंसियों ने आवासीय यानी मकान बनाकर रहने लायक जमीन घोषित कर दिया है। शहर के सभी पुराने वार्डों की जमीन या तो आबादी है, या फिर नजूल यानी सरकारी रिहायशी पट्टे। आबादी जमीन लोगों के मालिकाना हक वाली हैं। लोगों के पास इनकी रजिस्ट्री या निगम टैक्स की रसीद भी हैं। तकनीकी पेंच ऐसे फंसा है कि पहले जिन जमीनों को आबादी घोषित किया जाता था, उनमें बनने वाले मकानों या प्लाट का रिकार्ड अलग-अलग नहीं रखा जाता है। शेष|पेज 11



जैसे, एक एकड़ के प्लाट को आबादी जमीन घोषित किया जाए तो इसके दायरे में जितने भी मकान बने या प्लाट काटे गए, किसी का दस्तावेज अलग नहीं बनाया गया और रिकार्ड में एक एकड़ जमीन पूरी की पूरी ही दर्ज है। जिस मकान या जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसका अलग रिकार्ड अनिवार्य है, इसलिए रजिस्ट्री रोकी जा रही हैं।

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