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इंजेक्शन अमानक, अफसरों ने कहा-इससे फैला था संक्रमण

क्रिश्चियन फैलोशिप अस्पताल में 30 मरीजों की एक आंख की रोशनी जाने के मामले में कोलकाता से रिपोर्ट आई है। सैंपलिंग के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:45 AM IST
क्रिश्चियन फैलोशिप अस्पताल में 30 मरीजों की एक आंख की रोशनी जाने के मामले में कोलकाता से रिपोर्ट आई है। सैंपलिंग के दो महीने बाद कोलकाता लैब से एक इंजेक्शन की रिपोर्ट आई, जो अमानक पाया गया है। जाइलोकेन नाम का यह इंजेक्शन मरीजों को बहोशी (एनेथिसिया) के लिए दी गई थी। अभी तक सिर्फ संदेह था लेकिन रिपोर्ट आ जाने के बाद अफसर इस दवा को ही संक्रमण फैलने की वजह बता रहे है। खुलासे के बाद ड्रग विभाग ने मोतियाबिंद ऑपरेशन में उपयोग की 23 अलग-अलग दवाइयों का सैंपल जांच के लिए कोलकाता लैब भेजे थे। 4 दवाइयों के सैंपल को रायपुर लैब टेस्ट के लिए भेजा गया था। रायपुर लैब में भेजे गए सैंपल जांच में पास हो गए। दो महीने बाद जांच रिपोर्ट आई जिसमें इंजेक्शन जाइलोकेन के सैंपल को अमानक पाया गया। अंधत्व निवारण के स्टेट नोडल डॉ.सुभाष मिश्रा ने कहा कि उन्होंने शाम को ही फोन पर रिपोर्ट की जानकारी दी गई है। अन्य सैंपलों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।