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एनआईटी के स्टूडेंट्स ने डिफरेंट थीम पर प्रजेंट किए रिसर्च प्राेजेक्ट, सार्थक फर्स्ट और कमल रहे सेकेंड

एनआईटी के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट के दो स्टूडेंट ने टूरिज्म को प्रमोट करने के मकसद से थॉट बेस्ड मॉडल डिजाइन किए...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:50 AM IST
एनआईटी के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट के दो स्टूडेंट ने टूरिज्म को प्रमोट करने के मकसद से थॉट बेस्ड मॉडल डिजाइन किए हैं। सार्थक मोहंती ने लग्जरी सस्टेनेबल क्रूज टर्मिनल का मॉडल और कमल अग्रवाल ने कोंकण क्षेत्र में स्थित शिवाजी के किले को मराठा रिसॉर्ट के तौर पर डेवलप करने का मॉडल प्रजेंट किया है। फाइनल ईयर के थिसिस के तहत एनआईटी के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट के सभी स्टूडेंट्स को प्रोजेक्ट बनाने का टास्क दिया गया था। कोलकाता और नागपुर से आए एक्सपर्ट्स ने ओवरऑल प्रजेंटेशन के आधार पर सार्थक के प्रोजेक्ट को फर्स्ट और कमल को सेकंड प्राइज से सम्मानित किया। विनर सार्थक को 25 हजार और कमल को 15 हजार रुपए के कैश प्राइज से नवाजा गया। सार्थक ने शैलोनील साहू और कमल ने डॉ. कबीर बंदोपाध्याय की गाइडेंस में मॉडल तैयार किया है।

सार्थक ने लग्जरी क्रूज टर्मिनल बनाने और कमल ने शिवाजी फोर्ट को रिसॉर्ट में बदलने का मॉडल प्रजेंट कर जीता प्राइज

क्रूज के मॉडल में रेस्त्रां और एक्वा म्यूजियम भी

लग्जरी सस्टेनेबल क्रूज टर्मिनल का मॉडल डिजाइन करने के लिए सार्थक ने मुंबई और कोच्ची का क्रूज टर्मिनल विजिट किया। लगभग एक साल तक रिसर्च वर्क कर चुके सार्थक ने दावा किया कि भारत में अब तक इस कॉन्सेप्ट पर टर्मिनल नहीं बनाया गया है। मुंबई और कोच्ची के टर्मिनल जहाज आने पर ही काम करते हैं। इसे सस्टेनेबल बनाने के लिए डिफरेंट मटेरियल यूज करने के साथ ही इंटरनल स्ट्रक्चर में भी काफी चेंजेस किए गए हैं। रोशनी और हवा के लिए कई कटआउट्स निकाले हैं। स्मार्ट ग्लास लगाए हैं, जो लाइट के साथ मूव हों। सोलर एनर्जी स्टोर करने और गर्मी कम करने ग्लास, स्टील, एएसी, जीएफआरसी जैसे मटेरियल यूज किए हैं। मॉडल में टैरेस गार्डन, रेस्त्रां और एक्वा म्यूजियम के लिए भी स्पेस रखा गया है। सार्थक ने दावा किया कि टर्मिनल का मॉडल ऐसे बनाया है कि इसमें विश्व का सबसे बड़ा जहाज भी आ सकता है।

शिवाजी किले में मराठा थीम पर डिजाइन किया रिसॉर्ट

कमल अग्रवाल ने पुणे के कोंकण एरिया में स्थित शिवाजी के किले को रिसॉर्ट के रूप में प्रजेंट किया है। शिवाजी के किले को सिंधु दुर्ग भी कहा जाता है। प्रोजेक्ट के लिए कमल ने कई दिन वहां गुजारे। उन्होंने बताया कि किला पूरी तरह खाली है। वहां ठहरने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां शिवाजी का मंदिर है, जिसकी देखभाल के लिए कुछ परिवार रहते हैं। लाेगों को अपने जरूरत का सामान लेने क्षेत्र से काफी दूर जाना पड़ता है। इन परेशानियों को देखते हुए कमल ने ऐसा मॉडल बनाया है, जिसमें रेस्त्रां, जिम, स्वीमिंग पूल, गार्डन, परफॉर्मिंग एरिया जैसी कई सुविधाएं हैं। खास बात ये है कि किले के इतिहास को ध्यान में रखकर पूरा मॉडल मराठा थीम पर डिजाइन किया गया है। कमल ने बताया कि सुविधाएं कम होने के कारण किले का महत्व कम हो रहा है।

समुद्र के बीचोंबीच बने फोर्ट का मराठा रिसॉर्ट थीम पर तैयार मॉडल।