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टीवी और मोबाइल में समय बर्बाद करने की जगह टाइम मैनेजमेंट की तरफ ध्यान दें

कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चौबे कालोनी में आयोजित...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:50 AM IST
टीवी और मोबाइल में समय बर्बाद करने की 
 जगह टाइम मैनेजमेंट की तरफ ध्यान दें
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चौबे कालोनी में आयोजित समर कैंप में समय प्रबंधन कला (टाईम मैनेजमेंट) विषय पर बच्चों को संबोधित करते ब्रह्माकुमारी भावना दीदी ने बच्चों से कहा कि समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है। वर्तमान विद्यार्थी जीवन हमारी जिंदगी का सबसे सुनहरा समय होता है। इसलिए एक-एक सेकंड का सदुपयोग अपने भविष्य को संवारने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय बहुत मूल्यवान होता है, जो इसके मूल्य को समझता है, उसका जीवन मूल्यवान बन जाता है। समय को टेलीविजन देखने और मोबाइल में गेम खेलने में व्यतीत करना वास्तव में समय को बर्बाद करना है। जो महान लोग होते हैं, वे डायरी मेंटेन कर अपने एक-एक मिनट का हिसाब रखते हैं। उसे सफल करने के लिए अपनी दिनचर्या बनाते हैं। इससे उनका जीवन सुव्यवस्थित हो जाता है।

ब्रह्माकुमारी भावना दीदी ने बच्चों को अपने समय का सही उपयोग करने के लिए प्रतिदिन की दिनचर्या बनाने का सुझाव दिया और कहा कि हमें हर एक कार्य का समय तय कर लेना चाहिए। ताकि हमें पता रहे कि कब पढ़ना है और कब खेलना तथा कितनी देर तक खेलना है। पढ़ने के लिए सुबह का समय बहुत अच्छा होता है। क्योंकि उस समय हमारा दिमाग पूरी तरह से ताजगी से भरा होता है। इसलिए सुबह का पढ़ा हुआ विषय हमें अच्छी तरह से याद रहता है। इसके बाद सुबह के पढ़े हुए चेप्टर को सारे दिन में जब भी समय मिले दोहराने का अभ्यास करना चाहिए।

समय के सदुपयोग से मिलती है समृद्धि और खुशी

भावना दीदी ने आगे बताया कि समय बहती हुई नदी के समान है। समय का सदुपयोग करने से यह हमें धन, समृद्घि और खुशी देता है। इस प्रकार समय का सही उपयोग करके हम अपना भविष्य खुशहाल बना सकते हैं। यह ध्यान रखें कि बीता हुआ समय लौट के वापस नहीं आ सकता है। उन्होंने अकबर-बीरबल का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार सम्राट अकबर ने बीरबल से पूछा कि ऐसा कोई वाक्य बताओ जिसको खुशी के समय पढ़ने से दुख और दुख में पढ़ने से खुशी महसूस हो। तो बीरबल ने जवाब देते हुए कहा कि महाराज वह शब्द है, ये वक्त जा रहा है। यह एक ही शब्द अलग-अलग परिस्थितियों में दुख और सुख दोनों अनुभव कराता है। इससे समय के महत्व का भी पता चलता है।

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